Imran Khan Eyes Treatment: जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर पड़ोसी देश का सियासी पारा गर्म है. इमरान खान के वकील ने उनकी आंखों की रोशनी कम होने का दावा किया है. पार्लियामेंट के बाहर इमरान की पार्टी 'पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ'(PTI) के लोग पूर्व पीएम के इलाज की मांग कर रहे हैं. इस मुद्दे पर पाकिस्तान सरकार ने अपना रुख साफ करते हुए इमरान खान की आंखों का इलाज करने की बात कही है.
पूर्व PM इमरान खान की आंखों के सवाल पर पाकिस्तान सरकार ने PTI को नसीहत दे दी
हाल ही में Pakistan के सुप्रीम कोर्ट ने Imran Khan की जांच के लिए एक मेडिकल टीम बनाने का आदेश दिया था. इमरान के वकील सलमान सफदर ने शीर्ष अदालत को एक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें दावा किया गया कि पूर्व पीएम की आंखों की रोशनी 85 फीसदी खत्म हो गई है.


पाकिस्तान सरकार ने PTI के संस्थापक इमरान खान को हॉस्पिटल में शिफ्ट करने का फैसला किया है. शनिवार, 14 फरवरी को पाकिस्तान के संसदीय कार्य मंत्री डॉ. तारिक फजल चौधरी ने इसकी पुष्टि की. उन्होंने एक X पोस्ट में जानकारी देते हुए कहा कि इमरान के बेटों की भी उनसे बात कराई गई है. अपने पोस्ट में चौधरी ने PTI पर निशाना साधा और उसे नसीहत भी दी.
तारिक फजल चौधरी ने X पर लिखा,
इमरान खान को उनके बेटों से फोन पर बात करने की सहूलियत दी गई है और उनकी सेहत को देखते हुए उन्हें हॉस्पिटल में शिफ्ट करने और एक मेडिकल बोर्ड बनाने का भी फैसला किया गया है. सरकार इंसानी हमदर्दी और कानूनी जरूरतों को पहले रखती है. हर कैदी को कानून के हिसाब से सहूलियत देना सरकार की जिम्मेदारी है. सेहत जैसे सेंसिटिव मुद्दे पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए. पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) को बेबुनियाद प्रोपेगैंडा या सियासी पॉइंट बनाने से बचना चाहिए.
चौधरी ने आगे कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारियां पूरी कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि PTI को इस मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय देश के प्रति गंभीरता और सहनशीलता दिखानी चाहिए.

इमरान खान को लेकर यह कदम तब उठ रहे हैं जब गुरुवार, 12 फरवरी को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की जांच के लिए एक मेडिकल टीम बनाने का आदेश दिया था. इमरान के वकील सलमान सफदर ने शीर्ष अदालत को एक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें दावा किया गया कि पूर्व पीएम की आंखों की रोशनी 85 फीसदी खत्म हो गई है. इसके बाद शीर्ष अदालत ने मेडिकल टीम गठित करने का आदेश दिया था.
14 फरवरी को इमरान खान की बहन अलीमा खान ने भी इमरान खान और उनके बेटों की बातचीत के बारे में बताया. उन्होंने X पर लिखा,
पाकिस्तान के चीफ जस्टिस ने कहा था कि इमरान खान को अपने बेटों से बात करने की इजाजत दी जाए. हम कंफर्म कर सकते हैं कि वे उनसे लगभग 20 मिनट तक बात कर पाए. उनके बेटों ने बताया कि इतने लंबे समय के बाद उनकी आवाज सुनकर वे बहुत खुश हुए.

अलीमा खान ने लिखा,
अब हम इमरान के निजी डॉक्टरों की देखरेख में इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में उनके अर्जेंट मेडिकल ट्रीटमेंट का इंतजार कर रहे हैं. जहां स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को उनकी आंखों की रोशनी वापस लाने की पूरी कोशिश करनी होगी.
पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, अलीमा खान ने कहा कि इमरान खान के इलाज में जानबूझकर देरी की गई. उन्होंने दावा किया कि समय पर इलाज ना मिलने से उनकी आंखों की रोशनी पहले ही खराब हो चुकी है. उन्होंने कहा कि इलाज में और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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