नवंबर के महीने के आखिर में एक खबर आई कि नासिक के एक किसान ने 750 किलो प्याज बेचे और इसके बदले उन्हें सिर्फ 1,064 रुपए मिले. मतलब एक किलो प्याज की कीमत करीब डेढ़ रुपए मिली. किसान का नाम संजय साठे है.नासिक देश में प्याज की सबसे बड़ी थोक मंडी है. साठे ने ये रकम नासिक जिले के निफाड स्थित पोस्ट ऑफिस से भेजी. उन्होंने इतनी कम कीमत से नाराज होकर संजय ने इन रुपयों का मनीऑर्डर पीएमओ को कर दिया. ये पैसे पीएम रिलीफ फंड में दान किए. हालांकि यह कदम उन्होंने इसलिए उठाया जिससे सरकार किसानों की समस्याओं पर ध्यान दे. इसके बाद मीडिया में रिपोर्ट्स आईं कि PMO ने संजय साठे का मनीऑर्डर लौटा दिया है और ये पैसे मनीऑर्डर की जगह ऑनलाइन ट्रांसफर किए जाएं. इन खबरों के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें चलने लगीं.
PMO ने प्याज की फसल के पैसे दान करने वाले किसान से ऑनलाइन पेमेंट नहीं मांगा
कई सारे अखबारों और न्यूज़ वेबसाइट्स पर इस तरह की खबरें चली थीं.


लेकिन जब इंडिया टुडे की फैक्ट चैक टीम ने इन खबरों की पड़ताल की तो ये खबरें गलत पाई गई हैं. ये बात सही है कि PMO ने किसान का मनीऑर्डर लौटा दिया है लेकिन ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने की बात गलत है. इंडिया टुडे फैक्ट चैक टीम के पास इस मनीऑर्डर की रसीद है.

मनी ऑर्डर की ट्रैकिंग रसीद.
साठे ने इंडिया टुडे फैक्ट चैक टीम को बताया,
मैंने PMO को 29 नवंबर को मनीऑर्डर भेजा था. 10 दिसंबर को पोस्ट ऑफिस से मुझे फोन आया और मुझे बताया गया कि मेरा मनीऑर्डर रद्द हो गया है और मैं पोस्ट ऑफिस में आकर अपनी रकम ले लूं.” साठे ने फिर 10 दिसंबर को पोस्टऑफिस जाकर अपनी रकम ले ली.
इस पूरी घटना को यूट्यूब चैनल मुंबई तक पर 11 दिसंबर को साठे के इंटरव्यू के साथ विस्तार से दिखाया गया. ये अहम है कि इस इंटरव्यू में भी साठे ने एक बार भी जिक्र नहीं किया कि उन्हें PMO की ओर से ऑनलाइन मोड के जरिए पैसा भेजने के लिए कहा गया था.
वीडियो-खेत में प्याज लगा रही महिलाओं ने खेती किसानी से जुड़ी समस्याओं के बारे में बताया




















