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राजस्थान के गांवों में लोगों के बाल काटकर मारने वाला 'गोटमैन' कहां से आया?

कहा जा रहा है कि ये बाल काट लेता है, दांत निकाल लेता है और फिर लोगों की मौत हो जाती है.

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फोटो - thelallantop
यूपी में मुंहनोचवा आया था और दिल्ली में काला बंदर. कहां से आए थे और कहां गए, किसी को नहीं पता. लेकिन जब तक लोगों में इनका ज़िक्र रहा, गज़ब का खौफ रहा. न्यूज़ चैनल भी काले बंदर के पीछे छत-छत कूदने-फांदने लगे. लेकिन किसी को कुछ मिला नहीं और बात आई-गई हो गई. लेकिन लोग नहीं सुधरे. इसलिए हर थोड़े अंतराल पर कहीं न कहीं से किसी वॉनाबी मुंहनोचवा या वॉनाबी काला बंदर के कारनामों की खबरें आती रहती हैं. ताज़ा किश्त राजस्थान से है.
गोटमैन का पूरा किस्सा देखें यहां: 

 
अजमेर के आस-पास के गांवों में एक वॉट्सऐप मैसेज खूब शेयर किया जा रहा है जिसके मुताबिक रात के वक्त कुछ लोग पशु-पक्षी बन कर निकलते हैं. लोगों के घर में घुस कर उन्हें बेहोश कर देते हैं. ये लोग/जानवर किसी के बाल काट देते हैं तो किसी के दांत निकाल ले जाते हैं. इस वाकये के बाद बेहोश हुए शख्स की मौत हो जाती है.
 
अजमेर के आसपास देहात में लोगों को इस तरह के मैसेज भेजे जा रहे हैं
अजमेर के आस-पास लोगों को इस तरह के मैसेज भेजे जा रहे हैं.

 
इस मैसेज को फॉरवर्ड करने वाले लोग इस जानवर की एक तस्वीर भी शेयर कर रहे हैं. उनके मुताबिक ये जानवर कुछ वैसा ही दिखता है, जो इस खबर की शुरुआत में आपने देखी. एक और तस्वीर शेयर की जा रही हैः
 
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दी लल्लनटॉप के रीडर मोहम्मदियन रज़ा ने हम तक ये बात पहुंचाई. हमने उनसे बात की. उन्होंने हमें इस मैसेज के साथ वो तस्वीरें भी भेजीं जिनके बारे में ये कहा जा रहा है कि वो इनके शिकारों की हैंः
 
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तो सच क्या है?

रज़ा ने बताया कि इस तरह के मैसेज चलने से लोगों में खौफ का माहौल है. उन्होंने कहा कि वो जानते हैं कि ये एक अफवाह है लेकिन ये नहीं जानते कि तस्वीर में दिख रहा जानवर असल में होता है या नहीं. इस जानवर की असलियत पता चलने तक इस अफवाह को रोकना मुश्किल था. यहीं हमारा काम शुरू हुआ. हमने इस तस्वीर के बारे में जानकारी इकट्ठी की और वही सामने आया, जिसकी उम्मीद थी. ये तस्वीर एक डिजिटल आर्ट पीस था. साधारण भाषा में फोटोशॉप जैसे सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करके बनाई जाने वाली तस्वीर. असली तस्वीर ये रहीः
 
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इस तस्वीर का नाम है गोटमैन. इसे डीवियन आर्ट वेबसाइट पर Viergacht नाम की आईडी से अपलोड किया गया था. डीवियन आर्ट वेबसाइट पर डिजिटल आर्ट बनाने वाले लोग अपना काम शेयर करते रहते हैं. ये एक तरह की ऑनलाइन कम्युनिटी है. माने फोटोशॉप गीक्स का फेसबुक है. Viergacht ने ये तस्वीर एक ऑनलाइन 'फेक क्रिप्टिड' कॉन्टेस्ट के लिए बनाई थी. ये कॉन्टेस्ट io9.com पर हुआ था. इस कॉन्टेस्ट में हिस्सा लेने वाले लोगों को एक क्रिप्टिड बना कर उसके इर्द-गिर्द एक छोटी सी कहानी लिखनी थी. Viergacht ने ये तस्वीर और कहानी डीवियन आर्ट पर अपलोड की है. साथ में ये भी बताया है कि उन्होंने इसे फोटोशॉप के इस्तेमाल से ढेर सारी तस्वीरें को एडिट करके बनाया है.
 
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'क्रिप्टिड' का मतलब ऐसे जानवर से होता है, जिसके होने के बारे में पक्की जानकारी नहीं होती. ऐसे जानवर मिथकों में पाए जाते हैं, जैसे येती. कई लोगों ने हिमालय में रहने वाले येती को देखने की बात कही है. लेकिन आज तक येती के होने का पक्का सबूत जुटाया नहीं जा सका है. सबूत नहीं होने पर यही मान कर चला जाता है कि ऐसा कोई जानवर हुआ ही नहीं होगा. क्रिप्टिड को लेकर पूरी दुनिया में अफवाहें उड़ती रही हैं. हमेशा उन्हें मनगढ़ंत माना गया. एक मिसाल यूपी के मुंहनोचवा की है. आज तक मालूम नहीं चला कि मुंहनोचवा कौन था और कहां गायब हो गया.
Viergacht की कहानी एक साइंटिस्ट की है, जो बकरियों पर एक्सपेरिमेंट कर रहा था. लेकिन कुछ गड़बड़ हो जाती है और साइंटिस्ट खुद ही आधा बकरा बन जाता है. दुखी होकर वो लोगों के जानवर (और उन्हें भी) मारना शुरू कर देता है. लेकिन इतनी मेहनत के बाद भी Viergacht जीत नहीं पाए. हालांकि उन्हें उसका मलाल नहीं रहा, क्योंकि उनके मुताबिक जीतने वाला ज्यादा अच्छा था.
अब वापस अजमेर चलते हैं. ये बात अपनी जगह है कि कुछ ज़िद्दी लोग क्रिप्टिड्स के होने को मानते हैं, लेकिन ताज़ा मामले में शक की बिलकुल गुंजाइश नहीं है. इस मामले में तो तस्वीर बनाने वाला खुद ही बता रहा है कि भैया, फेक क्रिप्टिड कॉन्टेस्ट के लिए बनाई थी !!
तो कुल जमा बात ये रही कि अजमेर के आस-पास के गांवों में दहशत फैला रहा गोटमैन फर्ज़ी है. गोटमैन फर्ज़ी है तो उसके शिकार भी फर्ज़ी हुए. असलियत यही है कि कुछ शाणे लोगों ने जानबूझ कर इस तस्वीर को डाउनलोड करके लोगों को फॉरवर्ड किया है. मकसद मज़ाक रहा हो या कुछ और, इससे फैल डर ही रहा है. लेकिन अब आप जान गए हैं, डर की कौनो बात नहीं. 

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लेकिन 'चुड़ैल' अब भी घूम रही है !

यहां एक अफवाह का खात्मा हुआ है. लेकिन कुछ अफवाहें हैं, जो राजस्थान के कुछ इलाकों में अब भी चल रही हैं. ये अफवाहें बीकानेर, बाड़मेर, नागोर और जोधपुर के देहाती इलाकों में चल रही हैं. इनके मुताबिक कोई चुड़ैल रात में आकर औरतों की चोटी काट देती है. इसके बाद हाथ-पैर या पेट पर त्रिशूल के जैसा ज़ख्म बना देती है. इस घटना के तीन-चार दिन के भीतर चुड़ैल की शिकार औरत की मौत हो जाती है.
 

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बीकानेर के नोखा में इस तरह का मामला सामने आने पर न्यूज़ चैनलों ने इसे रिपोर्ट भी किया था. कछ मामलों में पुलिस तक बात पहुंची लेकिन ये सामने आना बाकी है कि इस तरह की हरकतों के पीछे कौन लोग हैं. निराशा में लोग जो हाथ लगे उस पर गुस्सा उतार रहे हैं. इन ज़िलों में कई लोगों के साथ इस शक में मार-पीट हो चुकी है कि वो इन घटनाओं में शामिल हैं. माहौल डर और संशय का बना हुआ है.
 
'चुड़ैल' के हमले वाली घटनाओं में शामिल होने के शक में मारपीट की घटनाएं भी हो चुकी हैं
'चुड़ैल' के हमले वाली घटनाओं में शामिल होने के शक में मारपीट की घटनाएं भी हो चुकी हैं

 
पूरी संभावना इसी बात की है कि ये चुड़ैल भी कोई शरारती शख्स ही है. लेकिन अजमेर वाले वाकये की तरह इस अफवाह को ध्वस्त करने के लिए हमें आपकी मदद चाहिए. यदि आपके पास इस बारे में पक्की जानकारी है, तो हमें lallantopmail@gmail.com पर लिख भेजें. उसके आधार पर हम इस चुड़ैल की भी उसी तरह खबर लेंगे, जैसे हमने गोटमैन की ली.


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