The Lallantop

दो सरकारी टीचरों ने RSS मार्च में हिस्सा लिया, दोनों सस्पेंड हो गए

Teachers Suspends Due to RSS March: अन्ना देशमुख और गुरुराज जोशी Karnataka के सरकारी स्कूल में टीचर हैं. 20 अगस्त को दोनों का सस्पेंशन ऑर्डर जारी हुआ. इन दोनों ने पिछले साल RSS मार्च में भाग लिया था.

Advertisement
post-main-image
कर्नाटक में दो स्कूल टीचर RSS मार्च में जाने की वजह से सस्पेंड. (फोटो- ITG)
author-image
सगाय राज

कर्नाटक के यादगिर जिले में दो सरकारी स्कूल टीचर सस्पेंड हो गए. वजह? दोनों ने RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के एक मार्च में हिस्सा लिया था. इनका नाम गुरुराज जोशी और अन्ना साहेब देशमुख है. दोनों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने डिसिप्लिनरी एक्शन लिया है. बताया गया कि इन दोनों ने कर्नाटक सिविल सर्विस (कंडक्ट) रूल, 2021 का पालन नहीं किया. पिछले साल इनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी. अब जांच के बाद इन पर कार्रवाई हुई है.

Advertisement

इंडिया टुडे से जुड़े सगाय राज की रिपोर्ट के मुताबिक, अन्ना देशमुख कुप्पी गांव के सरकारी लोअर प्राइमरी स्कूल में पोस्टेड थे. गुरुराज जोशी हुनासागी के सरकारी गर्ल्स हाई स्कूल में पढ़ाते थे. दोनों के खिलाफ 20 अगस्त को सस्पेंशन ऑर्डर जारी हुआ. ये ऑर्डर यादगिर के डिप्टी डायरेक्टर ऑफ पब्लिक इंस्ट्रक्शन (DDPI) ने जारी किया था.

क्या है पूरा मामला?

रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल अक्टूबर में दोनों टीचरों ने ‘पथ संचालन’ या रूट मार्च में हिस्सा लिया था. ये मार्च RSS कराती है. इनके खिलाफ आंबेडकर स्वाभिमानी सेने के जिला अध्यक्ष जुमन्ना गुडीमानी ने शिकायत दर्ज कराई थी.

Advertisement

शिकायत में बताया गया कि अन्ना देशमुख ने 10 अक्टूबर 2025 को हुनासागी में हुए RSS मार्च में हिस्सा लिया था. जबकि गुरुराज जोशी ने 12 अक्टूबर को बीजापुर जिले के तालिकोटी में हुए RSS मार्च में हिस्सा लिया था. 

शिकायत पर एक्शन लेते हुए शिक्षा विभाग ने जांच बैठाई. अब विभाग का कहना है कि स्कूल टीचरों का मार्च में हिस्सा लेना कर्नाटक सिविल सर्विस नियमों के खिलाफ है. कहा गया कि वे अपने कर्तव्य से पीछे हटे, इसलिए उन्हें निलंबित किया गया है. 

ये भी पढ़ें: भारत को अलग-थलग करने की सोच... मोहन भागवत की सभा पर न्यूयॉर्क मेयर ममदानी का तंज

Advertisement
RSS गतिविधियों पर बैन लगेगा?

ये मामला तब सामने आया, जब कर्नाटक सरकार सरकारी प्रॉपर्टी के इस्तेमाल को रेगुलेट करना चाहती है. सरकार का कहना है कि सरकारी प्रॉपर्टी पर कोई भी प्रोग्राम कराने से पहले संगठनों को परमिशन लेनी पड़ेगी. इसका असर RSS पर पड़ सकता है, जो शाखा चलाने या अन्य प्रोग्राम कराने के लिए सरकारी स्कूल ग्राउंड या पब्लिक स्पेस का इस्तेमाल करता है. 

RSS की गतिविधियों पर कर्नाटक सरकार की पहले से नजर बनी हुई है. राज्य सरकार में गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने पिछले साल कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को चिट्ठी भी लिखी थी. उन्होंने RSS की गतिविधियों पर बैन लगाने की मांग की थी. उनका आरोप था कि RSS अपनी शाखा चलाने के लिए सरकारी प्रॉपर्टी का इस्तेमाल करता है. उनका ये भी आरोप था कि यहां युवाओं के अंदर ‘नकारात्मक सोच’ को बढ़ावा दिया जा रहा है.

वीडियो: राजधानी: Gen-Z से RSS प्रमुख मोहन भागवत के संवाद के क्या मायने हैं?

Advertisement