अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (NASA) ने चांद पर जाने वाले अपने मिशन को टाल दिया है. ये मिशन 6 मार्च से शुरू होना था. इसके तहत केनेडी स्पेस सेंटर से 4 अंतरिक्ष यात्री चांद पर जाने वाले थे. ये एक राउंड ट्रिप यात्रा होनी थी जिसमें चारों यात्री चांद पर जाकर वापस आने वाले थे लेकिन अब इस मिशन को टाल दिया गया है. नासा से मिली जानकारी के मुताबिक '21 फरवरी को रात भर चले ऑपरेशन के दौरान स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट के अंतरिम क्रायोजेनिक प्रोपल्शन स्टेज में हीलियम के फ्लो में रुकावट पाई गई.
नासा के रॉकेट में क्या गड़बड़ी हुई? 4 लोगों को चांद पर ले जाने वाला मिशन रुका
टीमें अब रॉकेट और ओरायन कैप्सूल को व्हीकल असेंबली बिल्डिंग (VAB) में वापस ले जाने की तैयारी कर रही हैं. हीलियम की समस्या को ठीक करने के लिए यह जरूरी है कि सिस्टम को एक कंट्रोल्ड माहौल में ले जाया जाए.
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हीलियम वो गैस होती है, जो किसी रॉकेट के प्रोपल्शन यानी उसे ऊपर उठाने मेें अहम भूमिका निभाती है. इस मिशन में नासा आर्टेमिस-II रॉकेट (Artemis-II) के जरिए ओरायन (Orion) स्पेसक्राफट को चांद पर भेजेगी.
नासा का क्या कहना है?इस लॉन्च को टालने को लेकर नासा ने अपनी वेबसाइट पर इसकी जानकारी दी है. एजेंसी के मुताबिक, 21 फरवरी को रात भर SLS (स्पेस लॉन्च सिस्टम) रॉकेट के अंतरिम क्रायोजेनिक प्रोपल्शन स्टेज में हीलियम का बहाव रुका हुआ पाया गया. वैज्ञानिकों की टीमें डेटा का रिव्यू कर रही हैं. टीमें अब रॉकेट और ओरायन कैप्सूल को व्हीकल असेंबली बिल्डिंग (VAB) में वापस ले जाने की तैयारी कर रही हैं. हीलियम की समस्या को ठीक करने के लिए यह जरूरी है कि सिस्टम को एक कंट्रोल्ड माहौल में ले जाया जाए.
नासा के पास ओरायन कैप्सूल को बिल्डिंग में वापस ले जाने के लिए समय भी है क्योंकि आने वाले दिनों में तेज हवाएं चलने का अनुमान है. तेज हवाओं के आने से पहले नासा को पैड एक्सेस प्लेटफॉर्म हटाना होगा. ऐसा न करने पर और भी नुकसान की उम्मीद है.
नासा के एडमिनिस्ट्रेटर रेरेड आइजैकमैन ने एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि टीमें आर्टेमिस-II को व्हीकल असेंबली बिल्डिंग (VAB) में वापस ले जाने की तैयारी कर रही हैं और ट्रबलशूटिंग कर रही हैं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इससे मार्च के लॉन्च विंडो पर लगभग पक्का असर पड़ेगा. मतलब ये कि अब ये लॉन्च मार्च में अपने तय समय पर नहीं हो सकेगा.

आर्टेमिस-II रॉकेट को व्हीकल असेंबली बिल्डिंग में वापस ले जाने से इंजीनियर अंदर के उन पार्ट्स को जांच सकते हैं, जिन तक लॉन्च पैड पर पहुंचना मुश्किल है. यह 322 फुट ऊंचे इस सिस्टम हार्डवेयर को तेज हवाओं से भी बचाएगा. आर्टेमिस-II का रिपेयर कितने समय तक चलेगा, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है. लेकिन इतना तय है कि अब 6 मार्च को लॉन्च नामुमकिन है.
वीडियो: साथ आए नासा और इसरो, लॉन्च करेंगे निसार मिशन











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