जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकियों को घेर लिया है. रविवार, 22 फरवरी की सुबह सुरक्षाबलों ने खुफिया इनपुट के आधार पर किश्तवाड़ की पहाड़ियों पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया. इसी दौरान आतंकियों की ओर से उन पर फायरिंग की गई. लिहाजा सेना ने पूरे इलाके में घेरा (कॉर्डन) डाल दिया है. इस एनकाउंटर में फिलहाल 2 आतंकी मारे गए हैं. हालांकि अभी कुछ और आतंकियों के छिपे होने की भी आशंका है. खबरें हैं कि एनकाउंटर में जो आतंकी छिपे हैं, उनमें जैश का टॉप कमांडर सैफुल्लाह भी है. सैफुल्लाह पहले कई बार एनकाउंटर के दौरान भाग चुका है.
जैश के 'टॉप कमांडर' को सेना ने फिर घेर लिया, किश्तवाड़ में 2 आतंकी मार गिराये
JeM Commander Saifullah, जिसकी तलाश हो रही है, वह भी पाकिस्तान से है. उसने करीब दो साल पहले बॉर्डर पार किया था. तब से, वह Kishtwar और Doda के इलाकों में एक्टिव है. सैफुल्लाह Security Forces पर हुए कई हमलों में शामिल रहा है. वह युवाओं का ब्रेनवॉश करके और उन्हें बंदूक थमाने का काम करता है.
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इंडियन आर्मी की 16 कोर, जिसे वाइट नाईट कोर (White Knight Corps) भी कहा जाता है, उसने एक्स पर पोस्ट कर ऑपरेशन त्राशी- 1 की जानकारी दी है. सेना बताया कि आतंकियों को पासरकूट इलाके में घेर लिया गया है. इस ऑपरेशन में इंडियन आर्मी के अलावा जम्मू-कश्मीर पुलिस की SOG (स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप) और सीआरपीएफ भी शामिल हैं. 2 आतंकियों को मार गिराया गया है. फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है और सेना ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है. सेना ने एक्स पर लिखा,
जम्मू-कश्मीर पुलिस, इंटेलिजेंस ब्यूरो और अपने इंटेलिजेंस सोर्स से मिली भरोसेमंद इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर किश्तवाड़ इलाके में ऑपरेशन त्राशी-I के तहत जॉइंट ऑपरेशन शुरू किया गया ताकि इलाके में एक्टिव आतंकवादियों को ट्रैक करके उन्हें न्यूट्रलाइज किया जा सके.
पहले हुए सफल कॉन्टैक्ट के बाद CIF डेल्टा White Knight Corps की टुकड़ियों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के साथ मिलकर आज सुबह लगभग 11:00 बजे मुश्किल इलाके में आतंकवादियों से फिर से भिड़ंत की. सामरिक सटीकता, सहज तालमेल और दृढ़ आक्रामकता का प्रदर्शन करते हुए सैनिकों ने मुठभेड़ स्थल पर मजबूती बनाई. इस दौरान दो आतंकी मारे गए. मारे गए आतंकियों के पास से दो AK-47 राइफल भी बरामद हुई हैं.
बीते 15 दिनों से छतरू के जंगलों में सुरक्षाबल सर्च और कॉम्बिंग ऑपरेशन चल रहे हैं. जनवरी 2025 में जंगल में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच करीब आधा दर्जन मुठभेड़ें हुईं, जिसमें एक सैनिक शहीद हुए थे, जबकि एक आतंकवादी मारा गया था.
कौन है जैश कमांडर सैफुल्लाह?बीते कई महीनों से जैश कमांडर सैफुल्लाह की तलाश जारी है. 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया था कि वो किश्तवाड़ की चिनाब घाटी में एक्टिव है. ऑपरेशन त्राशी-1 के दौरान सुरक्षाबलों ने सैफुल्लाह के खास पाकिस्तानी आतंकी आदिल को मार गिराया था. इससे पहले आदिल कई बार भागने में कामयाब रहा था.
इसका साथी जैश कमांडर सैफुल्लाह, जिसकी तलाश हो रही है, वह भी पाकिस्तान से है. उसने करीब दो साल पहले बॉर्डर पार किया था. तब से वह किश्तवाड़ और डोडा के इलाकों में एक्टिव है. सैफुल्लाह सुरक्षाबलों पर हुए कई हमलों में शामिल रहा है. उस पर युवाओं का ब्रेनवॉश करके और उन्हें बंदूक थमाने का आरोप है. ये भी कहा जाता है कि वो जम्मू के अंदरूनी इलाकों में ध्वस्त हो चुके आतंकी नेटवर्क को फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रहा है. उसके बारे में जानकारी देते हुए एसएसपी डोडा संदीप मेहता ने द हिंदू को बताया था,
एक महीने से अधिक समय पहले किश्तवाड़ के छतरू में एक एंटी-टेरर ऑपरेशन शुरू किया गया था. ऑपरेशन में एक आतंकवादी मारा गया था. हालांकि, मुख्य कमांडर, सैफुल्लाह, अभी भी जिंदा है और इलाके से भागने की योजना बना रहा है.
जम्मू और कश्मीर पुलिस ने 14 फरवरी, 2026 को चिनाब घाटी के किश्तवाड़ में एक्टिव जैश-ए-मोहम्मद (JeM) कमांडर सैफुल्लाह के इलाके से भागने की खबरों के बीच अलर्ट जारी किया था. इस बीच, सेंसिटिव हालात और बॉर्डर पार से फायरिंग की संभावना को देखते हुए कठुआ जिले में इंटरनेशनल बॉर्डर (IB) से पांच किलोमीटर के अंदर गैर-जरूरी मूवमेंट पर भी रोक लगा दी गई थी.
वीडियो: जम्मू कश्मीर में छिपे 30 से ज्यादा आतंकी? भारतीय सेना चला रही ऑपरेशन















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