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'मुफ्त चुनावी वादे बच्चों के अधिकार छीनेंगे', PM मोदी के ये कहते ही CM केजरीवाल क्या बोले?

चुनावी वादों के अलावा पीएम नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग 'काले जादू' की तरफ मुड़ रहे हैं.

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नरेंद्र मोदी और अरविंद केजरीवाल. (फाइल फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर से चुनावों में तथाकथित 'रेवड़ियां बांटने' को लेकर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल ऐसा इसलिए करते हैं ताकि उन्हें वोट मिल सके. इसके थोड़ी ही देर बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी पर पलटवार किया.

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क्या बोले PM Modi?

बुधवार 10 अगस्त को अपने एक बयान में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, 

'अगर उनकी राजनीति आत्मकेंद्रित है तो कोई भी आकर मुफ्त पेट्रोल-डीजल देने की घोषणा कर सकता है. इस तरह के कदम हमारे बच्चों से अधिकार छीन लेंगे और देश को आत्मनिर्भर बनने से रोकेंगे. इससे देश के करदाताओं पर बोझ बढ़ेगा.'

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पिछले कुछ दिनों से प्रधानमंत्री और उनकी पार्टी के नेता चुनावों के दौरान मुफ्त में चीजें देने की घोषणाओं को लेकर हमलावर हैं और उन्होंने इसे 'रेवड़ी कल्चर' का नाम दिया है. माना जा रहा है कि ये दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) को निशाना बनाने की रणनीति का हिस्सा है. राजधानी में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली AAP सरकार ने बिजली-पानी जैसी बुनियादी जरूरत की चीजों पर दिल्लीवासियों को आर्थिक राहत दी हुई है. वहीं आगामी गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर भी उसने राज्य में मुफ्त बिजली और शिक्षा देने की घोषणा की है.

इस साल के आखिर में गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं और राजनीतिक रूप से यह प्रधानमंत्री तथा बीजेपी दोनों के लिए महत्वपूर्ण है.

केजरीवाल का जवाब

पीएम मोदी के इस बयान के ठीक बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल का पलटवार भी आ गया. उन्होंने अपना एक वीडियो जारी कर कहा,

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'ये कहा गया है कि अगर जनता को फ्री सुविधाएं दी जाएंगी तो इससे देश को नुकसान होगा और टैक्सपेयर्स के साथ धोखा होगा. मुझे लगता है कि टैक्सपेयर्स के साथ तब धोखा होता है जब उनसे टैक्स लिया जाता है और उस पैसे से कुछ 'दोस्तों' के बैंक के कर्जे माफ किए जाते हैं. ऐसे में टैक्सपेयर्स सोचता है कि उससे सुविधाओं के नाम पर पैसे लिए गए थे, लेकिन इसका इस्तेमाल कुछ लोगों के कर्ज माफ करने में किया जा रहा है.'

उन्होंने आगे कहा,

'पूरे देश में खाने-पीने की चीजों तक पर जीएसटी लगाया गया है और इस पैसे से अमीरों के कर्ज माफ किए जा रहे हैं. तब आम आदमी सोचता है कि हमसे तो धोखा हो गया. अच्छी और फ्री शिक्षा, इलाज देने से टैक्सपेयर्स के साथ धोखा नहीं होता है, धोखा तो तब होता है जब 'दोस्तों' के 10 लाख करोड़ रुपये के कर्जे माफ किए जाते हैं. अगर इतने कर्जे माफ न किए गए होते तो देश इस तरह से घाटे में न होता.'

केजरीवाल ने यह भी कहा,

‘लेकिन ये मुद्दा अच्छा है. मेरी ये मांग है कि देश में जनमत संग्रह कराया जाए, जिसमें लोगों से ये पूछा जाए कि क्या सरकारी पैसा एक परिवार के लिए इस्तेमाल होना चाहिए, क्या सरकारी पैसा कुछ चंद दोस्तों के लिए इस्तेमाल होना चाहिए और क्या सरकारी पैसा इस देश के लोगों को सुविधाएं- शिक्षा, अस्पताल, सड़के बनाने में इस्तेमाल होना चाहिए.’

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर जनता के पैसे का इस्तेमाल जनता के कार्यों में नहीं किया जाएगा तो फिर किस चीज में किया जाएगा.

बहरहाल, पीएम मोदी ने केवल 'रेवड़ी कल्चर' का मुद्दा नहीं छेड़ा, बल्कि काले कपड़े पहनकर सरकार का विरोध करने वाले दलों पर भी निशाना साधा. हाल ही में कांग्रेस नेताओं ने काले कपड़े पहनकर और काली पट्टी बांध कर महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन किया था. अब पीएम ने कहा कि देश में कुछ लोग नकारात्मकता के भंवर में फंसे हुए हैं, निराशा में डूबे हुए हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी हताशा में ये लोग भी अब ‘काले जादू’ की तरफ मुड़ते नजर आ रहे हैं.

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