पाकिस्तान में नेता मान लेंगे कि सर्जिकल स्ट्राइक हुई थी तो फिर वह अपनी आवाम को कैसे जवाब देंगे? लोग कहेंगे आपने इंडियन आर्मी को इधर कैसे आने दिया? आप हो क्या चीज? ऐसे सवाल से उनके गले में छछुंदर अटक गया है, वो अब उसको निकालना चाह रहे हैं. और कह रहे हैं कि नहीं हुआ सर्जिकल स्ट्राइक. तो भाई ऐसा नहीं है, जो कुछ भी हुआ LoC पर वह पहले कभी नहीं हुआ था, भारत ने आपके यहां घुसकर ऐसा काम कभी नहीं किया था. और अगर भारत बार-बार ऐसा करने लगा तो आपको थका कर रख देगा.
सामी बोले, पाकिस्तान को चार बार हराया है भारत ने
सामी ने ये भी कहा कि हम चार बार जंग हार चुके हैं. अगर फिर जंग हुई तो इसका जिम्मेदार पाकिस्तान ही होगा. दोनों देशों को जंग से बचना चाहिए, क्योंकि इसका अंजाम दोनों के लिए ही बहुत खराब होगा.सामी ने यह भी कहा कि लोग कहते हैं भारत और पाकिस्तान बड़े मुल्क हैं तो मैं इसे नहीं मानता. पाकिस्तान एक छोटा मुल्क है. हर हिसाब से और यह कश्मीर की जंग या जुआ जो भी है, वह इस छोटे मुल्क ने शुरुआत की है. और इस छोटे मुल्क ने जो चार बार जुआ खेला है जंग के रूप में वह हारे है. सन् 1948 में हारे. 1971 में हारे. और कारगिल में भी पीछे हटना पड़ा था. और यह जुआ भी जो खेलते है वह अपने पैसे से नहीं खेलते हैं, दूसरे मुल्कों से पैसे लेकर जुआ खेलते हैं.

प्रोग्राम में मुनीर सामी
भारत बात करना चाहे तो पाकिस्तान भिड़ा देता है कश्मीर का अड़ंगा
सामी ने यह भी कहा कि जब हिंदुस्तान की तरफ से अच्छी भली बात शुरू होती है. चाहे वो वाजपेयी जी के साथ या मोदी-नवाज़ के साथ हो तो पाकिस्तानी अपनी लड़खड़ाती सरकार को बचाने के लिए एक पत्थर कश्मीर में मार देते हैं. और फिर खुद ही उस बात को उठाते हैं. आप अगर सारे मामले पर नजर डालें तो इत्तेफाक से हर बार पाकिस्तान ने ही शिकायतें उठाई हैं.सामी ने कहा,
इस वक़्त जो भारत में उधम मच रहा है वह पहले नहीं होता था. वह इसलिए कि इस बार आवाम को मोदी पर भरोसा है. अब से पहले भारत अमन के साथ काम करता था. इस दफा उन्होंने सख्ती शुरू की है. वह कह रहे है हम इतने आसान नही है जितना आप समझते हैं. और यह हुआ क्यों? तो इस वक़्त जो हुआ वह इसलिए की मुम्बई पर, पठानकोट पर, उरी पर हमला हुआ है. और हम ये सारी कहानी खुद शुरू करते हैं और चाहते हैं कि दुनिया वाह-वाह करे और बदकिस्मती से दुनिया पाकिस्तान के लिए वाह-वाह नहीं कर रही है.
भारत कंट्रोल में रहता है तो पाकिस्तान भी रहे
सामी ने यह भी कहा कि आज़ादी के बाद जो जमींन के बंटवारा हुआ, उसके बारे में पाकिस्तानी आवाम को सही बात नहीं बताई जा रही है, अगर बंटवारे के बाद भारत अपने कब्ज़े वाले एरिया में है तो आप अपने एरिया में रहिये न, लेकिन पाकिस्तान जबरदस्ती जुआ खेल रहा है और सोच रहा है कि शायद वो जीत जाएगा. और इसके चलते ही पाकिस्तान ने जेहादी जत्थों को आज़ादी के बाद से ही भारत के तरफ छोड़ रखा है.परवेज मुशर्रफ ने कहा था कि अगर कश्मीर मसले का हल जैसा पाकिस्तान चाहता है, उस तरह से हल नहीं हुआ तो अंजाम बहुत बुरा होगा. इस बयान पर सामी ने कहा कि मैं बार-बार ये कह रहा हूं कि यह जुआ है और परवेज मुशर्रफ ने भी जुआ खेला था कारगिल में. नवाज़ शरीफ का तख्ता पलट किया था, पर हुआ क्या?

मुनीर सामी
बुरहान वानी पाकिस्तान के लिए शहीद कैसे बन गया?
मुनीर सामी ने भारतीय कश्मीर में होने वाले ह्यूमन राइट्स वायलेशन पर कहा, यह जो मुसीबत हमने खुद ही खड़ी की है, बुरहान वानी को बनाने वाला कौन है? और वह आपका शहीद कैसे हो गया? नवाज़ शरीफ अपनी ज़बान नहीं बोल रहे हैं, उन्हें जो परचा लिख कर दिया जाता है उसे पढ़ देते है, और ना पढ़े तो उनकी हुकूमत गिर जाएगी, वह तो इस दबाव में कर रहे हैं. उन्हें पाकिस्तानी आवाम की फ़िक्र नहीं है.सामी ने कहा की बलूचिस्तान में जितना जुल्म हो रहा है अब तो उसकी आदत हो गई है. और पाकिस्तान के लिए आसान है कि बलूचिस्तान में बम फोड़े और उसे भारत से लिंक कर दे. ये दोनों ही सिर्फ दूसरे पर ग़द्दारी की बात कर सकते हैं.
मोदी तो कारोबारी हैं
सामी ने भारत और पाकिस्तान के जंग की तरफ बढ़ते कदम पर कहा कि, मोदी साहब कारोबारी हैं, और वह नहीं चाहते कि जंग हो. मोदी साहब को तो मजबूर किया गया है. इसलिए अब यह होगा कि जो आंख मिचौली का खेल यानी सर्जिकल स्ट्राइक भारत कभी नहीं करता था, अब रोज करेगा.मुनीर सामी ने कहा कि पाकिस्तान जो बाहर जाकर कह रहा है, हम अमन पसंद हैं और भारत ज्यादती कर रहा है, उसे कोई नहीं मान रहा. अमेरिका भी कह रहा है टेररिस्ट को भेजना बंद करो, पाकिस्तान एक्सपोज़ हो गया है दुनिया भर में, उसे कोई भी मासूम नहीं मान रहा. पाकिस्तान में जो अभी हालात हैं उसके लिहाज़ से वह 1971 की तरफ बढ़ रहा है. और ऐसा न हो इनकी हरकतों के वजह से हमारा हाल ईरान और इराक के तरह हो जाये. और यह बात नज़र भी आ रही हैं. ये तय है कि सभी तरह की पाबंदियां पाकिस्तान पर लगने वाली हैं.
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