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अवधेश राय हत्याकांड में मुख्तार को उम्रकैद, सजा सुनते ही गैंगस्टर ने क्या किया?

31 साल पुराने केस में आया फैसला

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मुख्तार अंसारी को जल्द ही सजा बोली जाएगी | फाइल फोटो: आजतक

गैंगस्टर मुख्तार अंसारी को अवधेश राय मर्डर केस में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. आजतक से जुड़े सिद्धार्थ गुप्ता की रिपोर्ट के मुताबिक जैसे ही कोर्ट ने मुख्तार को दोषी करार दिया, उसकी बेचैनी बढ़ गई. उसके चेहरे पर तनाव देखने को मिला. बताते हैं कि टेंशन के चलते उसने अपना माथा पकड़ लिया (Mukhtar Ansari gets life imprisonment).

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सोमवार, 5 जून को इससे पहले वाराणसी के MP-MLA कोर्ट ने गैंगस्टर मुख्तार अंसारी को दोषी करार दिया. कुछ घंटे बाद उसे उम्रकैद की सजा सुनाई और 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया. पुलिस की चार्जशीट, लंबी जिरह और गवाही के बाद कोर्ट ने ये फैसला सुनाया है.

मुख्तार अभी बांदा जेल में बंद है. सुनवाई के दौरान उसको वर्चुअली पेश किया गया. वादी पक्ष के वकील ने बताया कि कोर्ट ने मुख्तार को धारा-302 के तहत दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है.

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MP-MLA कोर्ट के फैसले के बाद मुख्तार के वकील अखिलेश उपाध्याय ने कहा,

"इस फैसले में कई कमियां हैं. इसके खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे."

वहीं, अभियोजन के वकील अनुज यादव ने कहा,

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"फांसी की सजा की उम्मीद थी. लेकिन, हम फैसले से संतुष्ट हैं. अगर मुख्तार पक्ष हाईकोर्ट जाएगा तो हम वहां भी इसी दम-खम के साथ केस लड़ेंगे."

दिनदहाड़े गोली मार दी थी 

3 अगस्त, 1991 को वाराणसी के कांग्रेस नेता अवधेश राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. ये घटना तब हुई थी, जब वाराणसी के चेतगंज थाना क्षेत्र के लहुराबीर इलाके में अवधेश राय अपने भाई अजय राय के साथ घर के बाहर खड़े थे. दोनों लोग आपस में बातचीत कर रहे थे कि इसी दौरान एक वैन से कुछ बदमाश उनके घर के सामने पहुंचे. बदमाशों ने अवधेश को निशाना बनाकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. अवधेश राय को कई गोलियां लगीं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई.

अजय राय ने FIR करवाई थी

इस हत्याकांड में मुख्तार अंसारी के साथ-साथ पूर्व विधायक अब्दुल कलाम, भीम सिंह, कमलेश सिंह और राकेश श्रीवास्तव को नामजद किया गया था. अवधेश राय के भाई और पूर्व विधायक अजय राय ने वाराणसी के चेतगंज थाने में इन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी. मुख्तार ने इस केस से बचने के लिए बड़े-बड़े षड्यंत्र रचे. उसने कोर्ट से इस केस की डायरी तक गायब करवा दी थी.

मुख्तार अंसारी बांदा जेल में और भीम सिंह इस समय गाजीपुर जेल में बंद है. इसी हत्याकांड में नामजद आरोपी कमलेश सिंह और पूर्व विधायक अब्दुल कलाम की मौत हो चुकी है. वहीं पांचवे आरोपी राकेश ने मामले में अपनी फाइल अलग करवा कर ली थी, जिसका प्रयागराज सेशन कोर्ट में ट्रायल चल रहा है. बीते 9 महीने में मुख्तार अंसारी को चार अन्य मामलों में भी सजा सुनाई जा चुकी है.

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