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पुलिस ने रोका तो कांग्रेस नेता ने बोला 'चचा विधायक हैं हमारे', फिर पुलिसवाले ने दोगुना बवाल कर दिया

बात चालान तक ही नहीं रुकी...

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ये कह रहे हैं कि तुम्हारी वर्दी उतरवा दूंगा- एसआई अरूण सिंह (तस्वीर- वायरल वीडियो ग्रैब)
फिल्म से लेकर आम जीवन तक एक बात का भौकाल फुल देखने को मिलता है. वो ये कि ‘चचा विधायक हैं हमारे’. मतलब विधायक नेता जी बनते हैं और पूरा पावर अपने भतीजे को दिए देते हैं. कई फिल्मों में ये सीन देख चुके हैं. जब भी कोई किसी केस में फंसता है, तो ये कहकर बच जाता है ‘चचा विधायक हैं हमारे’. अब कुछ ऐसा ही सीन मध्य प्रदेश के इंदौर में हुआ है. एक भाई साहब मस्त मोबाइल पर बात करते हुए बाइक चलाते हुए जा रहे थे. लेकिन पुलिस ने देखा तो रोक लिया. फिर चालान काटने लगे. अब पुलिस ने जैसे ही उन्हें रोका सामने वाला कह बैठा ‘चचा विधायक हैं हमारे.’ सोशल मीडिया पर इंदौर पुलिस के सब-इंस्पेक्टर का एक वीडियो ज़बरदस्त वायरल हो रहा है. वीडियो में पुलिस वाला पूरी कहानी खुद ही सुना रहा है. पहले वीडियो देख लिया जाए. फिर इस कहानी का ट्विस्ट एंड टर्न बताते हैं. 2 मिनट 34 सेकेंट का ये वीडियो इंदौर के राजबाड़ा का है. पुलिसवाला इस वीडियो में आपको कहते हुए सुनाई पड़ गया होगा कि जैसे ही उन्होंने रोका तो वे पूर्व विधायक अश्विन जोशी को अपना चाचा बताने लगे. सामने वाले ने फिर उनसे बात करने के लिए भी कहा. लेकिन पुलिस के मुताबिक वो बिज़ी थे इसीलिए बात करने से मना कर दिया. वीडियो में वो ये कहते हुए आपको दिख भी जाएंगे. पुलिसवाले के मुताबिक जब सामने वाले नेता की धौंस देने लगा तो उन्होंने पास के किसी व्यक्ति से वीडियो बनाने के लिए कहा. पुलिसवाले के मुताबिक जब वे फोन से बात करने के लिए फोर्स करने लगे, तब उन्होंंने कहा:
'ये नियम नहीं है कि फंसे हैं तो बात करें. ये बोल रहे हैं कि कांग्रेस का राज है.आपको ये करना पड़ेगा. राजबाड़ा में आपको रहना है तो आपको यह बात माननी पड़ेगी.मैं सूबेदार अरुण सिंह थाना यातायात पश्चिम. मैं किसी की बात नहीं मानूंगा. कोई गलत मिला तो चालानी कार्रवाई बिल्कुल करूंगा. चाहे आप बाला बच्चन की धमकी दें या किसी और की. ये अपने आप को कांग्रेस का बता रहे हैं और कह रहे हैं कि हमारा राज है और हमारी चलेगी. ये कह रहे हैं कि तुम्हारी वर्दी उतरवा दूंगा. मैं सबको बता रहा हूं जो भी इस वीडियो को देख रहे हैं या सुन रहे हैं. मैं बर्दाश्त नहीं करूंगा. मैं किसी शासन की नहीं सुनूंगा. मैं वर्दी पहने हूं. इसके पैसे मुझे शासन से मिलते हैं.सही कार्रवाई करूंगा.'
अब आप अरूण सिंह की पूरी बात समझ गए होंगे कि क्या मामला हुआ, कैसे सारा विवाद बढा. लेकिन सामने वाले की भी तो पक्ष सुनी जाए. जो मोबाइल से बात करते हुए जा रहे थे उनका नाम नीलेश जैन है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वो फोन से बात करते हुए जा रहे थे. पुलिस ने उन्हें रोका. फिर 1000 का चालान काट दिया. 1000 रुपये लेकर 500 रुपये की रसीद दे रहा था. जब इस बात पर बहस हुई तो उन्होंने अपने दोस्त अखिलेश जैन (एमपी कांग्रेस सेक्रेटरी) को बुला लिया. अखिलेश जैन के मुताबिक जब वो पुलिस वाले से बात कर ही रहा थे तो वो दूसरे से वीडियो बनवाकर उन लोगों पर हावी होने लगा. अब इस मामले में कौन सच्चा है कौन झूठ. इसकी जानकारी कतई नहीं है हमें. लेकिन इस मामले में अपडेट ये है कि सूबेदार अरुण सिंह को एक हफ्ते के स्ट्रैस मैनजमेंट सेशन के लिए भेज दिया गया. पीटीआई से बात करते हुए एसएसपी इंदौर रूचि वरधान मिश्रा ने बताया कि प्रेशर के वक्त उनका रवैया सही नहीं था. जो उन्हें सीखने की ज़रूरत है. इसीलिए उन्हें स्ट्रेस मैनेजमेंट के लिए भेज दिया गया. वैसे थोड़े से गुस्से में दिख भी रहे थे.

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