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किस सेना ने की है भंसाली की पिटाई, जिसके बारे में हमने पहले ही बताया था

भंसाली अपनी फिल्म पद्मावती की शूटिंग कर रहे थे.

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फोटो - thelallantop
हर दूसरी फिल्म से आहत हो जाने वाले फिर से आहत हैं. हमेशा की तरह. उन्होंने इस बार संजय लीला भंसाली को निशाना बनाया है. भंसाली राजस्थान के जयगढ़ फोर्ट में अपनी फिल्म 'पद्मावती' की शूटिंग कर रहे थे. तभी यहां राजपूत करणी सेना वाले पहुंच गए और संजय लीला भंसाली के साथ हाथापाई कर दी. उन्होंने सेट पर तोड़-फोड़ भी की. स्पीकर वगैरह उठाकर पटकने लगे. करणी सेना वालों का कहना है इस फिल्म में इतिहास के तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की गई है. रानी पद्मावती को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. इसके बाद संजय लीला भंसाली को शूटिंग रोककर पुलिस बुलानी पड़ी. फेसबुक पर एक पेज 'राजपूत फैशन क्लब' ने इसका वीडियो डाला है- [facebook_embedded_post href="https://www.facebook.com/rajputfashionclub/videos/1408890189145376/"]   इस फिल्म में दीपिका पादुकोण पद्मावती का रोल कर रही हैं. रणवीर सिंह अलाउद्दीन खिलजी का रोल करेंगे. दीपिका और रणवीर की भंसाली के साथ ये तीसरी फिल्म है. पहले राम-लीला और बाजीराव-मस्तानी बन चुकी हैं. बाजीराव-मस्तानी की भी तथ्यों के चलते आलोचना हुई थी. बता दें कि जब 'पद्मावती' फिल्म की शूटिंग शुरू भी नहीं हुई तभी करणी सेना वाले भंसाली को फिल्म ना बनाने के लिए धमका रहे थे. इस बारे में आप 'द लल्लनटॉप' पर यहां पढ़ सकते हैं.

ये सेना पहली बार नहीं कर रही है विरोध 

राजपूत करणी सेना पहले भी ऐसा करती रही है. उसने एकता कपूर के सीरियल जोधा-अकबर का भी विरोध किया था. सेना वालों का कहना था कि जोधा को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. इन लोगों ने आशुतोष गोवारिकर की जोधा-अकबर का भी विरोध किया था. उनके मुताबिक मुग़ल बादशाह अकबर की 34 पत्नियों में से किसी का नाम जोधा नहीं था. उन्होंने अजमेर के महाराजा भारमल की बड़ी बेटी कर्कबाई उर्फ हीर से 6 फरवरी 1562 में फतेहपुर सीकरी में शादी की थी. इनकी संतान के रूप में 1569 में सलीम पैदा हुए. राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह कालवी के मुताबिक, जोधाबाई मारवाड़ के मोटेराजा उदय सिंह की बेटी थीं और उनकी शादी सलीम से हुई थी, सलीम के पिता अकबर से नहीं.

सेना वालों को दिक्कत क्या है?

करणी सेना के कालवी का कहना है, ''जिस रानी ने देश और कुल की मर्यादा के लिए 16 हजार रानियों के साथ जौहर कर लिया, उसे इस फिल्म में खिलजी की प्रेमिका के रूप में दिखाना आपत्तिजनक है. इस पूरी कहानी को ग्लैमराइज करके दिखाना हमारी संस्कृति पर तमाचा है. हम चुप नहीं रहेंगे. ये फिल्म वाले क्रिएटिविटी के नाम पर हमारे इतिहास के साथ कुछ भी कर दें और हम चुप बैठें, ये कैसे हो सकता है? ये फिल्म नहीं बननी चाहिए.''

विवादित है पद्मावती-अलाउद्दीन खिलजी की कहानी

रानी पद्मावती चित्तौड़गढ़ के राजा रतन सिंह की पत्नी थीं. कई जगह उनका नाम पद्मिनी भी मिलता है. कहा जाता है कि अलाउद्दीन खिलजी पद्मावती से प्रेम करता था. इसके लिए उसने चित्तौड़गढ़ पर चढ़ाई कर दी थी. लेकिन पद्मावती ने जौहर कर लिया था. इस कहानी पर ही ज्यादा विश्वास किया जाता है. ये कहानी पूरी तरह सही है, दावे के साथ नहीं कहा जा सकता है. अलाउद्दीन खिलज़ी के चित्तौड़गढ़ अभियान का एकमात्र लिखा सोर्स अमीर ख़ुसरो का खज़ा-इन-उल-फुतूह है. इसमें इसे बस एक सैनिक अभियान की तरह दिखाया गया है. तब राजा रतन सिंह नए-नए मेवाड़ की गद्दी पर बैठे थे. खिलजी इसे जीतना चाहता था. ख़ुसरो ने किसी भी रानी पद्मिनी का कोई जिक्र नहीं किया है. कुछ लोग मलिक मोहम्मद जायसी की पद्मावत को इस कहानी का सोर्स मानते हैं लेकिन जायसी ने पद्मिनी को श्री लंका के एक राजा की बेटी बताया है. इतिहास की अलग-अलग व्याख्याएं होती हैं. भंसाली इतिहास की कहानियों में क्रिएटिव फ्रीडम लेते हैं. वो पद्मावती और खिलजी की प्रेम कहानी दिखा रहे हैं जबकि सेना वालों की अपनी व्याख्या है. वैसे इसमें भी धर्म वाला एंगल भी जुड़ा हुआ है. फिल्में इस समय सॉफ्ट टार्गेट हो गई हैं. हालिया रिलीज 'रईस' और 'काबिल' में भी कैलाश विजयवर्गीय ने ध्रुवीकरण की कोशिश की थी. इस तरह तोड़-फोड़ करके फिल्म का विरोध करना कहीं से भी जायज नहीं ठहराया जा सकता. अपने फर्जी के ऐतिहासिक दंभ से थोड़ी आजादी पाई जाए तो बेहतर.

ये स्टोरी निशांत ने की है.

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