30 मई को समारोह के दौरान शपथ लेने वालों में सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नाम एस जयशंकर का ही था. हरदीप पुरी इससे पहले भी सरकार में रह चुके थे. इन दोनों आईएफएस अधिकारी के सरकार में शामिल होने के बाद एक रोचक बात निकल कर सामने आई है. विदेश सेवा में रहने के दौरान हरदीप पुरी एस जयशंकर के सीनियर रहे थे. हरदीप पुरी 1974 बैच के आईएफएस अफसर रहे हैं, जबकि एस जयशंकर 3 साल बाद 1977 में आईएफएस बने. जयशंकर से हरदीप पुरी 3 साल सीनियर थे, लेकिन अब वह मोदी मंत्रिमंडल में जयशंकर से जूनियर हो गए हैं.

एस जयशंकर की गिनती देश के कामयाब राजनयिकों में होती रही है.
ऐसा इसीलिए क्योंकि एस जयशंकर सीधा कैबिनेट में विदेश मंत्री बने हैं. जबकि हरदीप पुरी को शहरी विकास राज्य मंत्री बनाया गया है. एस जयशंकर 2015 से 2018 तक विदेश सचिव रहे हैं. उनकी नियुक्ति उस वक्त काफी विवादित रही थी. क्योंकि उस वक्त की विदेश सचिव सुजाता सिंह को रिटायरमेंट से 9 महीने पहले ही हटाकर जयशंकर को विदेश सचिव बनाया गया था.
एस जयशंकर की गिनती देश के कामयाब राजनयिकों में होती रही है. जयशंकर चीन और अमेरिका के साथ बातचीत में भारत के प्रतिनिधि रह चुके हैं. वह ऐतिहासिक भारत-अमेरिका परमाणु समझौते के लिए बातचीत करने वाली भारतीय टीम के एक प्रमुख सदस्यों में एक थे. जयशंकर अमेरिका और चीन जैसे देशों में भारतीय राजदूत के पद पर काम कर चुके हैं. जयशंकर ने ही लद्दाख के देपसांग और डोकलाम विवाद के बाद चीन के साथ संकट को हल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. वे सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त और चेक गणराज्य में राजदूत पदों पर भी काम कर चुके हैं.

हरदीप पुरी की काबिलियत को देखते हुए उन्हें फिर से मोदी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है.
वहीं दूसरी तरफ जनवरी 2014 में बीजेपी में शामिल होने के बाद हरदीप सिंह पुरी को सितंबर 2017 को मोदी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था. उन्हें शहरी विकास राज्य मंत्री बनाया गया था. उन्होंने इस चुनाव में अमृतसर संसदीय सीट से किस्मत आजमाई, लेकिन हार गए. हार के बाद भी उन्हें मंत्री बनाया गया. हरदीप सिंह को शहरी विकास और नागरिक उड्डयन मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार दिया गया है. साथ ही वे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के भी राज्य मंत्री बने हैं.

मोदी मंत्रिमंडल में आरके सिंह और सोम प्रकाश दो पूर्व आईएएस शामिल किए गए हैं.
मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले दो आईएएस आरके सिंह और सोम प्रकाश की बात करते हैं. आरके सिंह 1975 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. वहीं पूर्व आईएएस सोम प्रकाश राज्य मंत्री बनाए गए हैं.आरके सिंह को बिजली, नवीन एवं नवीकरणीय उर्जा में स्वतंत्र प्रभार मिला है. इसके साथ वे कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाए गए हैं. दूसरी तरफ सोम प्रकाश वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री बना गए हैं.
सबसे गरीब सांसद जिसे मोदी ने मंत्री बना दिया
























