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बीजेपी की टोपी न पहनने पर बदतमीजी का आरोप लगाने वाली लड़की को कॉलेज ने क्यों किया सस्पेंड

आरोप लगाने वाली छात्रा पुलिस के पास पहुंच गई है.

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(प्रतीकात्मक फोटो) अपनी शिकायत लेकर छात्रा पुलिस के पास पहुंच गई है.
मेरठ कॉलेज की एक मुस्लिम छात्रा ने आरोप लगाया था कि बीजेपी की टोपी पहनने से मना करने पर उसके साथ बदतमीजी की गई. छात्रा की शिकायत के बाद कॉलेज ने आरोपी दोनों छात्रों को रेस्टिकेट कर दिया था. साथ ही कॉलेज ने जांच लिए मामले को आंतरिक शिकायत समिति के पास भेज दिया था. अब कॉलेज ने आरोप लगाने वाली छात्रा को ही सस्पेंड कर दिया है. कॉलेज प्रशासन का कहना है कि रिकॉर्ड दर्ज कराने के लिए छात्रा शिकायत समिति के पास नहीं पहुंची. इसके बाद कॉलेज ने उसे सस्पेंड कर दिया. टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल ने कॉलेज प्रशासन से मुलाकात की. रेस्टिकेट के आदेश को वापस लेने की मांग की. इसके बाद ये सब हुआ. इस मामले में बजरंग दल वेस्ट यूपी के कंविनर ने कहा,
कॉलेज ट्रिप के दौरान मौजूद रही छात्रा की दोस्त जब ये कह रही है कि उसकी फ्रेंड ने ट्विटर पर झूठ बोला. जब इस मामले की जांच पेंडिंग थी, ऐसे में आरोपी दोनों छात्रों को रेस्टिकेट क्यों कर दिया गया. हम चाहते हैं कि कॉलेज प्रशासन अपना फैसला वापस ले.
कॉलेज के डायरेक्टर एस एम शर्मा का कहना है,
छात्रा ने 3 अप्रैल को शिकायत दर्ज कराई थी. इसके बाद शिकायत समिति के सामने अपना बयान दर्ज कराने के लिए वह नहीं आई. अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उसे सस्पेंड कर दिया है. जबसे हमने दोनों आरोपी छात्रों को रेस्टिकेट किया है हमारे ऊपर दबाव है.
पुलिस के पास पहुंची छात्रा इस बीच छात्रा लिखित शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंच गई है. छात्रा ने मेरठ के एसएसपी को लेटर लिख अपने साथ हुई घटना का जिक्र किया है. छात्रा का ये भी कहना है कि शिकायत वापस लेने के लिए उस पर दबाव बनाया जा रहा है.पुलिस को दी गई शिकायत में छात्रा ने लिखा है.
मैंने अपने साथ हुई उत्पीड़न की बात करने के लिए ट्विटर को चुना. लेकिन कॉलेज और अन्य छात्रों ने इसे राजनीतिक और सांप्रदायिक रंग दे दिया. मुझे कॉलेज से निकलवाने के लिए वे मेरे पर्सनल फोटो और वीडियो शेयर कर रहे हैं. वे मुझ पर दबाव बना रहे हैं कि मैं अपनी शिकायत वापस ले लूं.
छात्रा ने ट्विटर पर क्या लिखा था मेरठ कॉलेज की छात्रा ने दो अप्रैल को कई ट्वीट किए थे. छात्रा ने लिखा था
कल (एक अप्रैल) मैं कॉलेज ट्रिप के लिए आगरा गई थी. 55 स्टूडेंट्स में मैं अकेली मुस्लिम स्टूडेंट थी. बस में हमारे साथ 4 फैकल्टी मेंबर्स थे. इनमें से दो पुरुष थे. ड्रिंक किए हुए दो छात्रों ने मुझे टारगेट करते हुए बदतमीजी शुरू कर दी. वे अपने साथ बीजेपी की टोपी और कुछ अन्य सामान रखे हुए थे. मुझे टोपी पहनाने के लिए जबरदस्ती करने लगे. जब मैंने टोपी पहनने से इनकार कर दिया तो उन्होंने बदतमीजी शुरू कर दी. उन्होंने मुझे टच करने की कोशिश की. और ये सब उस बस में हुआ जिसमें दो पुरुष टीचर मौजूद थे. उन्होंने इस घटना को नजरअंदाज किया.
छात्रा ने आगे लिखा
उन्होंने मेरा हाथ खींचा और साथ में डांस करने के लिए जबरदस्ती करने लगे. जब मैंने डांस करने से मना कर दिया तो वे भद्दे कमेंट करने लगे. उन्होंने मेरी बस ट्रिप बर्बाद कर दी. जब कुछ दोस्त मेरे समर्थन में आए तो उन्होंने मेरे दोस्तों के साथ भी बदतमीजी शुरू कर दी. उन्होंने ये सब इसलिए किया क्योंकि मैंने बीजेपी की टोपी पहनने और उनके साथ डांस करने से इनकार कर दिया था. मैं उस बस में अकेली मुस्लिम लड़की थी. उन्होंने किसी और लड़की के साथ ऐसा नहीं किया. यहां तक कि बस में मौजूद लड़कियों ने भी उनका समर्थन किया और इस घटना को इंजॉय किया. उन्होंने मुझे डराने की कोशिश की लेकिन मैंने मजबूती से इसका सामना किया.मैंने अपनी स्टोरी शेयर की. मैं बताना चाहती थी कि हो क्या रहा है. मैंने किसी राजनीतिक नाटक के लिए ऐसा नहीं किया. मैंने पुलिस से शिकायत नहीं की क्योंकि कॉलेज प्रशासन से शिकायत कर चुकी थी.

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