विदेश मंत्रालय (Minister Of External Affairs) की तरफ से रूस सेना (Indian In Russian Army) में शामिल भारतीय नागरिकों को लेकर जवाब सामने आया है. मामले को संज्ञान में लेते हुए विदेश मंत्रालय ने बताया कि रूसी सेना में कार्यरत भारतीयों को वापस लाना उनकी प्राथमिकता है. बता दें कि 21 फरवरी को एक रॉकेट हमले में एक भारतीय की मौत हो गई थी.
रूस सेना में काम कर रहे भारतीय नागरिक की मौत, विदेश मंत्रालय ने क्या वार्निंग दी थी?
Russian Army में शामिल भारतीय नागरिकों को लाने के लिए विदेश मंत्रालय रूसी अथॉरिटीज से बात कर रहा है.
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विदेश मंत्रालय ने रूसी सेना में कार्यरत भारतीयों के संबंध में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है. इसमें उन्होंने बताया,
'हमने मीडिया में कुछ गलत खबरें देखी. इन खबरों में बताया गया था कि रूसी सेना में काम कर रहे भारतीय वापस आने के लिए मदद की मांग कर रहे हैं.
हम ऐसे हर मामले पर नजर बनाए हुए हैं. मास्को के भारतीय दूतावास ने रूसी अथॉरिटी से ये मुद्दा गंभीरता से उठाया है. और जो मामले मंत्रालय के संज्ञान में लाए गए उन्हें लेकर हम दिल्ली स्थित रूसी एंबेसी से बात कर रहे हैं. इसका नतीजा है कि कई भारतीयों को सेवामुक्त करा लिया गया है. हम मामले पर गंभीरता से काम कर रहे हैं. और रूसी सेना में तैनात भारतीयों को जल्द से जल्द वापस लाने के लिए काम किया जा रहा है. '
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक कुछ दिन पहले विदेश मंत्रालय ने रूसी सेना में नौकरी के लिए भारतीय नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की थी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था,
'हम भारतीय नागरिकों से आग्रह करते हैं कि वो इस मामले में सावधानी बरते और इस विवाद से दूर रहें.'
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इंडिया टुडे से जुड़े ब्रिजेश दोशी की रिपोर्ट के मुताबिक रूस-यूक्रेन युद्ध में एक गुजरात के सूरत के रहने वाले शख्स की मौत हो गई है. मृतक की पहचान 23 साल के हैमिल मांगूकिया के तौर पर हुई है. कुछ वक्त पहले हैमिल ने एक ब्लॉग विज्ञापन के जरिए रूस में नौकरी के लिए आवेदन किया था. जिसके बाद उसे मुंबई से चेन्नई और फिर चेन्नई से मॉस्को ले जाया गया था. जहां उसने रूसी सेना में सहायक के तौर पर ज्वाइन किया था.
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