दिल्ली के आबकारी नीति घोटाला मामले में डिप्टी CM मनीष सिसोदिया को CBI ने रविवार, 26 फरवरी के दिन गिरफ्तार कर लिया था. गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी CBI ने बयान जारी किया. CBI का तरफ से कहा गया है कि मनीष सिसोदिया जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे, इस वजह से उनकी गिरफ्तारी की गई. सिसोदिया को 27 फरवरी को कोर्ट में पेश किया जाएगा.
क्यों गिरफ्तार किए गए मनीष सिसोदिया? CBI ने वजह बताई
मनीष सिसोदिया को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा.
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आजतक से जुड़े मुनीष पांडे की रिपोर्ट के मुताबिक CBI ने बताया कि सबूत सामने रखे जाने के बावजूद सिसोदिया जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे. केंद्रीय जांच एजेंसी की ओर से कहा गया,
“साल 2021-22 की आबकारी नीति तैयार करने में और उसे लागू करने में कई तरह की अनियमितताएं की गई थीं. यही नहीं, निजी व्यक्तियों को टेंडर दिए जाने के मामले की भी जांच की जा रही है.”
CBI की तरफ से आगे कहा गया कि डिप्टी सीएम को 19 फरवरी को CrPC की धारा 41 A के तहत जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया गया था. लेकिन सिसोदिया ने व्यस्त होने के कारण एक सप्ताह का समय मांगा था. CBI ने इसके बाद 26 फरवरी को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा था. उसी दिन घंटों चली पूछताछ के बाद सिसोदिया को गिरफ्तार कर लिया गया.
CBI ने बताया कि सिसोदिया ने जिन सवालों के जवाब 17 अक्टूबर, 2022 की पूछताछ में नहीं दिए थे, वो सवाल दोबारा पूछे गए. इसके अलावा मामले में उनकी आपराधिक भूमिका के बारे में भी पूछा गया. जांच एजेंसी के मुताबिक इन सभी सवालों का जवाब देने से सिसोदिया ‘बचते’ रहे.
रिपोर्ट के मुताबिक आबकारी नीति केस में दिल्ली सरकार के उपमुख्यमंत्री और प्रभारी आबकारी मंत्री के अलावा 14 अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. जांच एजेंसी ने 25 नवंबर, 2022 को कोर्ट में मुंबई की एक प्राइवेट कंपनी के CEO और 6 अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी.
गिरफ्तारी के बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने सिसोदिया को बेकसूर बताया. उन्होंने ट्वीट कर लिखा,
“मनीष बेक़सूर हैं. उनकी गिरफ़्तारी गंदी राजनीति है. मनीष की गिरफ़्तारी से लोगों में बहुत रोष है. लोग सब देख रहे हैं. लोगों को सब समझ आ रहा है. लोग इसका जवाब देंगे. इस से हमारे हौसले और बढ़ेंगे. हमारा संघर्ष और मज़बूत होगा.”
वहीं गिरफ्तारी के बाद BJP ने भी AAP पर निशाना साधा. BJP नेता कपिल मिश्रा ने कहा,
"आख़िरकार शराब घोटाले में मनीष सिसोदिया भी गिरफ़्तार हुए. मनीष सिसोदिया को शराब से बर्बाद हुए परिवारों के माता बहनों की हाय लगी. सत्येंद्र जैन के बाद केजरीवाल का एक और भ्रष्ट मंत्री जेल में है. मैं शुरू से कह रहा हूं कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन जेल जाएंगे. इनमें से दो लोग जेल जा चुके. अगला नंबर केजरीवाल का है."
नई शराब नीति को लेकर 22 जुलाई 2022 के दिन दिल्ली के उप-राज्यपाल वीके सक्सेना ने मनीष सिसोदिया के खिलाफ CBI जांच की मांग की थी. सक्सेना ने सिसोदिया पर नियमों को नजरअंदाज कर भ्रष्टाचार करने के आरोप लगाए. वहीं, BJP ने केजरीवाल सरकार पर नए टेंडर के बाद गलत तरीके से शराब ठेकेदारों के 144 करोड़ माफ करने के आरोप लगाए थे.
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