JNU में मिली एक स्टूडेंट की लाश और नजीब का पता नहीं
ये डायलॉग तो सुना होगा, 'तफ्तीश जारी है.' बस पुलिस ये ही कर रही है.
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फोटो - thelallantop
कहां तो जेएनयू अपनी अकादमिक कामयाबी के लिए सुर्ख़ियों में रहता था. और अब दुख भरी ख़बरें जेएनयू के दामन को दबोचें पड़ी हैं. पुलिस अभी जेएनयू के लापता स्टूडेंट नजीब अहमद को ढूंढ नहीं पाई थी कि एक हॉस्टल में मणिपुरी स्टूडेंट की लाश मिली है. मौत कैसे हुई इसकी अभी कोई जानकारी नहीं है. पुलिस वही रटी रटाई बात कह रही है, 'इनवेस्टिगेशन की जा रही है. मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर पता चलेगी.' मणिपुर के सेनापति जिले का रहने वाला जेआर फिलेमॉन चिरू जेएनयू में वेस्ट एशिया सब्जेक्ट में पीएचडी कर रहा था. पिछले तीन दिन से लापता बताया जा रहा था. कुछ स्टूडेंट का कहना था कि तीन दिन से उसका कमरा अंदर से लॉक था. वह ब्रह्मपुत्र हॉस्टल के कमरा नंबर 171 में रह रहा था. मंगलवार रात जब हॉस्टल के कमरे से तेज बदबू आई तो पड़ोस के कमरे में रहने वाले स्टूडेंट ने दरवाजे के नीचे से झांक कर देखा तो फर्श पर पड़े फिलेमॉन चिरू का मुंह दिखाई दिया. तब उन्होंने हॉस्टल के दूसरे स्टूडेंट को बुलाया और पुलिस को भी. दरवाजा तोड़ा गया. देखा तो कमरे में फिलेमॉन चिरू की लाश पड़ी थी. जानकारी के मुताबिक कमरे से शराब की बोतलें मिली हैं. शुरुआती जांच में पुलिस ज्यादा शराब पी लेने की वजह से मौत होने का शक जता रही है. वहीं दस दिन से गायब चल रहे जेएनयू के स्टूडेंट नजीब अहमद का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है. जेएनयू के स्टूडेंट लगातार प्रोटेस्ट कर रहे हैं. स्टूडेंट में जबरदस्त गुस्सा है तभी तो जेएनयू वीसी को बंधक बना लिया था. प्रोटेस्ट में शामिल होने वाले स्टूडेंट क्लासेज भी अटेंड नहीं कर रहे हैं. कुछ स्टूडेंट ने अल्पसंख्यक आयोग को भी लेटर भेजा है. और एक बड़ा मार्च करने की तैयारी में हैं. नजीब जंग की एबीवीपी लीडर से बहस हुई थी, जिसके बाद से वह गायब है.
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