कुकी पीपल्स अलायंस ने मणिपुर सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है. पार्टी के अध्यक्ष टोंगमांग हाओकिप ने 6 अगस्त को राज्यपाल अनुसुइया उइके को एक चिट्ठी लिखी. इसमें उन्होंने राज्यपाल को मौजूदा सरकार से अपना समर्थन वापस लेने के बारे में बताया. न्यूज़ एजेंसी ANI के मुताबिक हाओकिप ने चिट्ठी में लिखा,
मणिपुर में इस पार्टी ने लिया समर्थन वापस, अब गिर जाएगी बीरेन सिंह की सरकार?
कुकी पीपल्स अलायंस ने मणिपुर सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है. पार्टी के अध्यक्ष टोंगमांग हाओकिप ने 6 अगस्त को राज्यपाल अनुसुइया उइके को एक चिट्ठी लिखी.


"मणिपुर के वर्तमान हालात को देखते हुए, मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह की सरकार को अब समर्थन देना सार्थक नहीं है. इस पत्र के जरिए KPA मणिपुर सरकार से अपना समर्थन वापस लेती है. हमारे समर्थन को अमान्य माना जाए."
ANI ने ट्वीट कर बताया कि KPA के महासचिव डब्ल्यू एल हैंगशिंग ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने बताया है कि KPA ने ईमेल के जरिए राज्यपाल को ये चिट्ठी भेजी है.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मणिपुर में KPA के दो विधायक किम्नेओ हाओकिप हैंगशिंग और चिनलुन्थांग हैं. ये सैकुल और सिंगाट निर्वाचन क्षेत्र से हैं. इस पार्टी का गठन 2022 में हुआ था. KPA ने इसी साल विधानसभा चुनाव लड़ा और दो सीटें जीतीं. चुनाव के बाद पार्टी ने BJP को समर्थन दिया था.
मणिपुर विधानसभा में कुल 60 विधायक हैं. यहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार है. अभी तक इसे KPA के दो विधायकों का समर्थन था. हालांकि, KPA के समर्थन वापस लेने से सरकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा. BJP के पास 37 विधायक हैं. इन्हें नागा पीपल्स फ्रंट और नेशनल पीपल्स पार्टी का समर्थन मिला हुआ है. इसके साथ ही 3 स्वतंत्र विधायक भी सरकार के समर्थन में हैं.
विपक्ष में अब कुल मिलाकर 8 विधायक हैं. इनमें कांग्रेस के पांच, जनता दल यूनाइटेड (JDU) का एक और KPA के दो विधायक शामिल हैं. इससे पहले 5 अगस्त को बिष्णुपुर और चुराचांदपुर जिले की सीमा पर फिर हिंसा भड़क गई. इसमें 5 लोगों के मारे जाने की खबर है.
वीडियो: मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, तीन लोगों की मौत, बम और ड्रोन से हमला, BJP विधायक किसपर भड़के















