पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि लोकसभा चुनाव 2024 में देश की जनता बीजेपी के लिए बुलडोजर साबित होगी. ममता बनर्जी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि आप सत्ता का दुरुपयोग करके लोगों पर बुलडोजर चला सकते हैं, आप लोकतंत्र पर बुलडोजर चला सकते हैं, लेकिन अगला चुनाव बीजेपी और देश के लोगों के बीच होगा और जनता लोकतांत्रिक तरीके से बीजेपी पर बुलडोजर चलाएगी.
ममता बनर्जी का दावा, 'महाराष्ट्र के बागी विधायकों को पैसों के अलावा कई चीजें मिली थीं'
ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी ने महाराष्ट्र में सत्ता जरूर ले ली है, लेकिन लोगों का दिल नहीं जीत पाई.


ममता बनर्जी सोमवार 4 जुलाई को इंडिया टुडे कॉन्क्लेव ईस्ट-2022 में शामिल हुई थीं. उन्होंने इंडिया टुडे के वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई से बातचीत में बीजेपी, विपक्षी एकता, महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन और अगले आम चुनाव सहित कई मुद्दों पर जवाब दिए. ‘विपक्ष मुक्त भारत’ को लेकर किए गए सवाल पर ममता बनर्जी ने कहा,
"मैंने कई सरकारों के साथ काम किया, लेकिन मैंने इस तरह बदले की भावना से काम करने वाली सरकार नहीं देखी है. मौजूदा सरकार सत्ता का दुरुपयोग कर रही है. एक चुनी हुई सरकार को पैसों के दम पर, सीबीआई और ईडी के पावर से हटाया जाएगा? ये (शिंदे सरकार) एक अवैध सरकार है. उन्होंने महाराष्ट्र में सत्ता जरूर ले ली, लेकिन महाराष्ट्र का दिल नहीं जीत पाई."
ममता बनर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र में बागी शिवसेना विधायकों को पैसे के अलावा भी "कई चीजें" उपलब्ध कराई गई थीं. हालांकि बंगाल की सीएम ने इन "कई चीजों" के बारे में बताने से इनकार कर दिया. ममता बनर्जी ने कहा कि 2024 के चुनाव में लोग सरकार चुनने के लिए नहीं, बल्कि सरकार के विरोध में वोट करेंगे.
ममता ने आगे कहा,
"ये सही है कि विपक्षी दल बंटे हुए हैं. हमें समझना होगा कि देश के लोग चाहते हैं कि हम एकसाथ आएं. हमें बड़े हित में एकसाथ काम करना होगा. अगर हम ये नहीं करेंगे तो जनता हमें माफ नहीं करेगी. हमें ये भूलना होगा कि हम किस पार्टी से हैं और किस राज्य से हैं. अगर हम हर राज्य में साथ होते हैं तो मुझे लगता है कि मौका बनेगा. हमें कोशिश करनी चाहिए."
बातचीत में आगे राष्ट्रपति चुनाव का मुद्दा उठा. साथ ही बात हुई विपक्ष के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा की. इस सिलसिले में राष्ट्रपति उम्मीदवार के नामों पर विपक्ष की असहमति को लेकर भी ममता से सवाल पूछे गए. उन्होंने कहा कि आप विपक्ष पर आरोप नहीं लगा सकते हैं, शरद पवार का उम्मीदवारी से हटने का फैसला व्यक्तिगत था. वहीं, यशवंत सिन्हा के नाम को लेकर ममता ने कहा कि उन्होंने उनका नाम नहीं दिया था. वहीं एनडीए की तरफ से आदिवासी उम्मीदवार उतारने को लेकर ममता ने कहा,
“विपक्ष ने यशवंत सिन्हा के नाम पर फैसला लिया और जब उन्होंने तय किया तो मैंने स्वीकार किया. हम जाति की राजनीति लेकर नहीं चलते हैं. जब एपीजे अब्दुल कलाम राष्ट्रपति थे तो किसी ने नहीं कहा था कि वे हिंदू हैं या मुस्लिम. राष्ट्रपति का पद सम्मान का पद होता है. अगर बीजेपी पहले उनके (द्रौपदी मुर्मु) नाम का सुझाव देती तो हम अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा करने पर विचार करते.”
ममता ने महंगाई, रोजगार और इंडस्ट्री को लेकर भी मोदी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि 1 लाख से ज्यादा इंडस्ट्री भारत छोड़ चुकी हैं, ये शर्म की बात है. जब ममता बनर्जी से पश्चिम बंगाल में रोजगार पैदा करने को लेकर पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया कि बंगाल में 40 फीसदी रोजगार बढ़े हैं और ये केंद्र के आंकड़े हैं. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल को 15 लाख करोड़ का निवेश मिला है.











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