आसमान में उड़ने वाली एयरफोर्स के एक कमांडर 'उड़ता पंजाब' वाले धंधे में पकड़े गए हैं. इंडियन एयरफोर्स कमांडर राजशेखर रेड्डी और बंगलुरु के एक वैज्ञानिक महोदय ड्रग तस्करी के आरोप में अरेस्ट हुए हैं. कई जगह मारे छापों से 230 करोड़ रुपये की 220 किलो एम्फीटामाइन पकड़ी गई है.
मुश्किल से नाम वाला ये एम्फीटामाइन एक केमिकल कंपाउंड होता है. इसका इस्तेमाल अटेंशन डेफिसिट डिसॉर्डर के इलाज में होता है. ये उस बीमारी का नाम है, जिसमें आप एक जगह फोकस नहीं कर पाते हैं. अपनी दीपा कर्मकार को हराने वाली सिमोन बाइल्स भी इसी बीमारी से जूझ रही थीं.
बैक टू ड्रग तस्करी वाली खबर. वैज्ञानिक और कमांडर का ये गैंग एक्सटेसी ड्रग का भी धंधा करता था. रेड्डी दिल्ली के डारेक्टोरेट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में पोस्टेड थे. NDTV की खबर के मुताबिक, नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और एयरफोर्स इंटलिजेंस वाले कई रोज से नजर बनाए हुए थे. फाइनली मंगलवार रात महाराष्ट्र के नांदेड़ से धरे गए. रेड्डी हैदराबाद से गोवा की तरफ भगे जा रहे थे. तभी लपके गए. जब्त किए सामान वाले कॉलम में लिखा था-
कमांडर के पास से 7 लाख रुपये नकद, 5 मोबाइल फोन और डॉक्यूमेंट्स बरामद.
बताया जाता है कि कमांडर ड्रग रैकेट के मेन सप्लायर है. इस ड्रग तस्कर गैंग का गढ़ हैदराबाद में है. वहीं एम्फीटामाइन बनाया जाता था, ताकि पार्टियों में सप्लाई किया जा सके. ये ड्रग मलेशिया, थाईलैंड और इंडोनेशिया में सप्लाई किया जाता था.
नार्कोटिक्स वालों ने शुक्रवार से रेड मारनी शुरू की थी. ये जो एम्फीटामाइन है, वो 18 से 20 लाख रुपये प्रति किलो मिलता है. अरे हां, वैज्ञानिक महोदय वेंकट रमा राव की बात तो रह ही गई. ये विद फैमिली गिरफ्तार हुए हैं. मिसेज 'वैज्ञानिकन' भी अरेस्ट हुई हैं. दोनों को ही इस गैंग का बड़ा खिलाड़ी माना जाता है. अच्छा हां, ये वैज्ञानिक और कमांडर स्कूल फ्रेंड थे. दोनों की दोस्ती कमांडर की बंगलुरु में पोस्टिंग के दौरान हुई थी. ये कमांडर जो होते हैं. कई बार सच में बड़ा काम कर जाते हैं. एक कमांडर साहेब और थे. तीन गोली चलाकर देशभक्त बनकर जेल से निकले थे. उनके बारे में जानना हो तो ये लीजिए पढ़िए...
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