दिल्ली सरकार ने लॉकडाउन खत्म होने से पहले इन सेवाओं में धीरे-धीरे छूट दे दी है
महाराष्ट्र के राज्यपाल ने EC को लेटर लिख CM उद्धव ठाकरे की मुश्किल हल की या बढ़ा दी है?
राज्यपाल ने विधान परिषद की नौ खाली सीटों पर जल्द से जल्द चुनाव कराने की मांग की है.
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राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (राइट) को महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार ने सरकारी विमान से उत्तराखंड के देहरादून जाने की इजाज़त नहीं दी है. (फाइल फोटो)
भगत सिंह कोश्यारी. महाराष्ट्र के राज्यपाल. उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एमएलसी नामित करने पर फैसला टाल दिया है.राज्यपाल कोश्यारी ने चुनाव आयोग को लेटर लिखा है. उन्होंने आयोग से जल्द से जल्द महाराष्ट्र विधान परिषद की नौ खाली सीटों पर चुनाव कराने का अनुरोध किया है. अगर चुनाव आयोग राज्यपाल के निवेदन को स्वीकार कर लेता है, तो 28 मई से पहले चुनाव हो सकते हैं. क्या है लेटर में? राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने चुनाव आयोग से कहा है कि केंद्र सरकार ने देश में लॉकडाउन के दौरान कई छूट और उपायों की घोषणा की है. ऐसे में महाराष्ट्र विधान परिषद की खाली सीटों के लिए भी चुनाव कराने संबंधी कुछ दिशा-निर्देश जारी हो सकते हैं. चूंकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे राज्य विधानमंडल के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं, उन्हें 27 मई, 2020 से पहले परिषद में चुने जाने की जरूरत है. ऐसे में चुनाव आयोग अपनी ओर से जल्द से जल्द इस पर फैसला करे. लॉकडाउन से पहले की योजना के मुताबिक, 24 अप्रैल को चुनाव होने थे. उद्धव ठाकरे को चुनाव लड़ना था. लेकिन कोरोना वायरस की वजह से आयोग ने चुनाव को टाल दिया. इसके बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे चाहते थे कि राज्यपाल अपने कोटे की खाली पड़ी दो सीटों में से एक पर उन्हें नामित कर दें. इसके लिए महाराष्ट्र कैबिनेट ने दो बार प्रस्ताव भी भेजा, लेकिन राज्यपाल ने उस पर कोई फैसला नहीं किया.
एक बार फिर 27 अप्रैल को महाराष्ट्र कैबिनेट ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के पास प्रस्ताव भेजा था. लेकिन राज्यपाल की तरफ से कोई फैसला नहीं लिया गया. उद्धव ठाकरे राज्य के मुख्यमंत्री हैं. लेकिन किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं. न तो विधानसभा, न ही विधान परिषद. संविधान का अनुच्छेद 164 (4) कहता है कि किसी भी सदन का सदस्य हुए बिना व्यक्ति 6 महीने से ज़्यादा राज्य में किसी भी मंत्री पद पर नहीं रह सकता. उद्धव ने 28 नवंबर, 2019 को सीएम पद की शपथ ली थी. 28 मई को छह महीने पूरे हो रहे हैं. उससे पहले राज्यपाल ने चुनाव कराने की मांग की है. एक दिन पहले ही खबर आई थी कि उद्धव ठाकरे ने पीएम नरेंद्र मोदी को फोन कर मदद मांगी है. इंडिया टुडे के सोर्स के मुताबिक, उद्धव ठाकरे ने पीएम मोदी से कहा था कि संकट के इस समय में किसी भी तरह की राजनीतिक अस्थिरता प्रदेश के लिए सही नहीं होगी. इससे लोगों के बीच गलत मैसेज भी जाएगा, इसलिए इस परिस्थिति से बचना चाहिए. प्रधानमंत्री ने उद्धव ठाकरे को भरोसा दिलाया था कि वे जल्द ही इस मसले को देखेंगे.
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