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अंबेडकर की मूर्ति तोड़ने, दलितों पर हमले का वीडियो वायरल, बजरंग दल वालों पर आरोप!

कुछ दिन पहले पुजारी के साथ हुई थी मारपीट. नाराज लोगों ने बदला लेने के लिए किया हमला.

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मध्यप्रदेश के सीहोर में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की मूर्ति पर हमला और दलितों के साथ मारपीट हुई. (फोटो क्रेडिट - इंडिया टुडे/ट्विटर)

मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में एक भीड़ ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की मूर्ति को तोड़ दिया. आरोप है कि भीड़ ने दलित समुदाय के लोगों के साथ मारपीट भी की. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. सीहोर पुलिस ने बताया कि इसमें कथित तौर पर बजरंग दल और दूसरे हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता शामिल थे. पुलिस ने ये भी बताया कि उन्होंने 3 अगस्त को इस घटना से जुड़े 3 लोगों को गिरफ्तार भी किया है.  

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इंडियन एक्स्प्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि 1 अगस्त को यहां के बरखेड़ा कुर्मी गांव में एक सभा हुई. इसमें शामिल हुए लोग एक घटना के जिक्र से भड़क गए. महीने की शुरुआत में गांव के ही एक नशे में धुत्त व्यक्ति ने पुजारी के साथ मारपीट की थी. उसने हनुमान झंडे को भी नुकसान पहुंचाया था.

1 अगस्त को भीड़ ने इस आदमी के घर में तोड़फोड़ की. उसके घर पर भगवा झंडा लगाया. इसी में से 5 लोगों ने निकल कर गांव में लगी अंबेडकर मूर्ति को भी नुकसान पहुंचाया. पुलिस ने बताया कि इन पांचों के खिलाफ FIR दर्ज़ हुई है. उन्होंने आगे ये भी बताया कि गांव के लोगों ने भीड़ को अंबेडकर की मूर्ति तोड़ने से रोकने की कोशिश की. इस पर भीड़ ने उन्हें जातिवादी गालियां दीं. और उनके साथ मारपीट की.

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घटना का वीडियो हुआ वायरल

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वायरल वीडियों में दिखाई दे रहा है कि हिंदूवादी संगठन डीजे के साथ जुलूस निकाल रहे हैं. उनके हाथों में लाठियां और झंडे भी हैं. भीम आर्मी ने इस मामले में इछावर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज़ कराई है. पुलिस स्टेशन की इंचार्ज ऊषा मारावी ने बताया कि हमने इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. वे आगे कहती हैं,

"भीड़ में बजरंग दल के कार्यकर्ता शामिल हो सकते हैं. लेकिन इसमें ज़्यादातर लोग आसपास के गांव से थे. करीब 8 दिन पहले एक धार्मिक जुलूस में लड़ाई हुई थी. एक नशे में धुत्त आदमी ने पुजारी पर हमला किया था. पुजारी के पास हनुमान झंडा था. इस झंडे में ऊपर हनुमान की फोटो थी. हमले में पुजारी को चोट आई थी. वहीं झंडे को भी नुकसान पहुंचा था."

ऊषा मारावी ने आगे ये भी बताया कि,

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"गांव के लोगों को उनके जुलूस के साथ गांव में आने की मंजूरी नहीं थी. इसके बावजूद वे बहुत बड़ी संख्या में यहां इकट्ठे हुए. उन्होंने हमसे इसकी इजाज़त नहीं ली थी."

अंबेडकर की मूर्ति इसी साल अप्रैल में लगाई गई थी. बजरंग दल के एक कार्यकर्ता अजय राठौड़ ने इस पर आपत्ति जताई थी. गिरफ्तार हुए 3 लोगों में अजय राठौड़ भी शामिल है. 
 

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