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11 साल से पुलिस जिस युवक की हत्या की जांच कर रही थी, वो जिंदा लौट आया

पुलिस ने दिल्ली में युवक को खोज निकाला. 7 सितंबर को पुलिस युवक को हरदा लेकर वापस आई. लेकिन अब वो अपने परिवार के साथ रहना नहीं चाहता.

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युवक ने बताया कि उसका रहन-सहन देखकर गांव के लोग उसका मजाक उड़ाते थे. (फोटो- इंडिया टुडे)

मध्यप्रदेश में पुलिस 11 साल तक जिस शख्स के मर्डर केस की पड़ताल करती रही वो अब जिंदा मिला है. बताया गया कि बीती 7 सितंबर को पुलिस को लापता शख्स मिला. जबकि 11 साल पहले गांव के पांच लोगों को उसकी हत्या को लेकर आरोपित किया गया था. अब वापस लौट कर उसने बताया है कि उसका शरीर पुरुषों का है, लेकिन वो मानसिक रूप से महिला है.

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2013 में लापता हुआ था शख्स

शख्स के लापता होने का ये मामला मध्यप्रदेश के हरदा जिले का है. आजतक से जुड़े लोमेश कुमार गौर की रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई 2013 में जिले के रहटगांव थाने में एक युवक की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. तलाशी शुरू हुई. लेकिन शख्स के बारे में कोई सुराग नहीं मिला. जनवरी 2017 में युवक के पिता ने हरदा स्पेशल कोर्ट में याचिका दायर की. कहा कि गांव के ही 5 युवकों उनके बेटे की हत्या कर शव छिपा दिया. मामले की सुनवाई हुई. कोर्ट ने अगस्त 2017 में पुलिस को इसकी जांच के आदेश दिए. उसने कार्रवाई करते हुए पांचों के खिलाफ हत्या, शव छिपाने और एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया.

अगस्त 2019 में पुलिस ने केस की पड़ताल कर केस खत्म कर दिया. लेकिन लापता युवक के पिता पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं थे. कोर्ट ने पुलिस को फिर से जांच के आदेश दिया. मामले में मुख्य बात ये थी कि पुलिस को ये नहीं पता था कि युवक जिंदा है या उसकी मौत हो चुकी है. केस सुलझाने के लिए ये सबसे बड़ा चैलेंज था.

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“किन्नरों जैसा व्यवहार करता था”

सितंबर 2023 में जांच एसडीओपी (टिमरनी) आकांक्षा तलया को सौंप दी गई. तलया ने लापता शख्स के परिजनों, गांव के लोगों और अन्य लोगों से फिर से पूछताछ शुरू की. युवक के पिता ने जिन 5 लोगों पर आरोप लगाए थे उनके और लापता युवक के बीच किसी भी तरह की पुरानी रंजिश के साक्ष्य नहीं मिले. पुलिस की पड़ताल आगे बढ़ी तो पूछताछ में सामने आया कि युवक का व्यवहार अलग था. बताया गया कि वो ‘किन्नरों’ जैसा व्यवहार करता था. पुलिस को ये बात पता चली तो मामले में अलग तरह से जांच शुरू हुई.

रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारी ने रहटगांव थाना प्रभारी और उप निरीक्षक मानवेन्द्र सिंह भदौरिया के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया. हरदा और आसपास के जिलों की किन्नर टोलियों से फोटो और हुलिए के आधार पर पूछताछ शुरू की गई. जांच में सामने आया कि पुलिस जिस मृत व्यक्ति को ढूंढ रही है वो जिंदा है और दिल्ली में है.

जांच में पता चला कि लापता युवक पंजाब में भी अलग-अलग इलाकों में रहा. ये खुलासा होने के बाद पुलिस की टीम दिल्ली पहुंची. उसने दिल्ली में युवक को खोज निकाला. 7 सितंबर को पुलिस युवक को हरदा लेकर वापस आई.

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मामले को लेकर एसडीओपी तलया ने बताया,

“2013 से लापता युवक की हत्या के मामले की जांच अब तक करीब 8 अधिकारियों ने की थी. इसमें तीन डीएसपी स्तर के अधिकारी शामिल रहे. मेरे पास करीब 8 से 10 महीने पहले ये मामला जांच के लिए आया था.”

SP हरदा अभिनव चौकसे ने बताया,

“युवक के लापता होने से पहले उसे आखिरी बार गांव के ही पांच लड़कों के साथ देखा गया था. इसी आधार पर उन्हें आरोपी बनाया गया था. मामले की जांच में दिल्ली की किन्नर मंडलियों से मदद ली गई. पुलिस काफी पड़ताल के बाद युवक तक पहुंच पाई.”

SP ने आगे बताया कि युवक बचपन से ही महिलाओं की तरह व्यवहार करता था. उसके तीन और भाई भी थे, जिस वजह से उसके परिवार के लोग उसकी शादी करना चाहते थे. अधिकारी के मुताबिक युवक अपने हिसाब से रहने का मन बना चुका था. लगातार शादी के दबाव के कारण वो घर से भाग गया था.

पुलिस पूछताछ में युवक ने बताया कि उसका रहन-सहन देखकर गांव के लोग उसका मजाक उड़ाते थे. उसे चिढ़ाते थे. जिसके कारण परेशान होकर वो घर छोड़कर भाग गया. युवक ने अब अपने परिवार के साथ रहने से भी इनकार कर दिया है. उसका कहना है कि उसने अपने लिए एक अलग दुनिया बनाई है और अब वो उसी दुनिया में रहना चाहता है.

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