ये LPG सिलेंडर हुआ 266 रुपए महंगा, अब बाहर का खाना बिगाड़ सकता है जेब का जायका!
महंगे पेट्रोल-डीजल ने सरकार की इतनी जेब भरी है कि जानकर हैरान रह जाएंगे.
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तेल कंपनियां हर महीने LPG गैस की कीमतों में कटौती या बढ़ोतरी करती हैं.
दिवाली से पहले एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है. एलपीजी कमर्शियल सिलेंडर (LPG commercial Cylinder) के दाम में 266 रुपये की भारी बढ़ोतरी की गई है. इस बढ़त के साथ अब दिल्ली में 19.2 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर 2000.5 रुपये का हो गया है. आइए बताते हैं कि इसका आप पर क्या असर पड़ सकता है.
गनीमत ये है कि घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो वाले डॉमेस्टिक एलपीजी सिलेंडर की रेट में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है. 6 अक्टूबर, 2021 को हुए रिव्यू के मुताबिक, दिल्ली में 19.2 किलोग्राम के सिलेंडर की कीमत 1736.50 रुपये थी. लेकिन नवंबर के महीने की शुरुआत यानी 1 नवंबर 2021 से इसमें 266 रुपये की भारी बढ़ोतरी कर दी गई है. इंडियन ऑयल (India Oil) की वेबसाइट के मुताबिक दिल्ली में अब कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2000.50 रुपये हो गई है. इसी तरह कोलकाता में 19.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत 2073.5 रुपये, मुंबई में 1950 रुपये और लखनऊ में 2093 रुपये हो गई है. बता दें कि पेट्रोलियम कंपनियां हर 15 दिन पर LPG सिलेंडर के दाम की समीक्षा करती हैं. कहां इस्तेमाल होता है कमर्शियल सिलेंडर? एलपीजी गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं को दो तरह से उपलब्ध कराया जाता है. एक घरेलू इस्तेमाल के लिए और दूसरा कमर्शियल इस्तेमाल कि लिए. कमर्शियल गैस सिलेंडर साइज़ में बड़ा होता है और इसका इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों जैसे होटलों, ढाबों और सार्वजनिक भोजनालयों आदि में होता है. इसके दाम बढ़ने का असर सबसे पहले होटल और रेस्टोरेंट के खाने के दाम पर पड़ सकता है. कमर्शियल सिलेंडर की बढ़ी कीमत से बाहर का खाना महंगा हो सकता है. इसके अलावा शादी-बरात में खाना बनाने के लिए भी नियमानुसार कमर्शियल सिलेंडर का ही इस्तेमाल किया जाता है. कीमत बढ़ने का असर शादी-ब्याह के सीज़न में खर्च बढ़ाएगा. तेल की मार भी जारी है गैस के दाम अपनी जगह लेकिन देश भर में पेट्रोल (Petrol)-डीजल (Diesel) की कीमतें हर दिन नया रिकॉर्ड बना रही हैं. सोमवार 1 अक्टूबर को लगातार छठे दिन पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े. सोमवार को इनकी कीमतों में 35-35 पैसे की बढ़ोतरी हुई. इसके बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 109.69 रुपए प्रति लीटर हो गई. वहीं डीजल 98.42 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है. मुंबई में एक लीटर पेट्रोल 115.50 रुपए जबकि एक लीटर डीजल 106.62 रुपए में बेचा जा रहा है. एक साल में बढ़े हुए दामों की बात की जाए तो एक साल में पेट्रोल के दाम 30 फीसदी तक बढ़े हैं. तब से लेकर आज तक दिल्ली में पेट्रोल 28.28 रुपये लीटर और डीजल 27.61 रुपये लीटर महंगा हो चुका है. दिल्ली में ठीक एक साल पहले 1 नवंबर 2020 को पेट्रोल 81.06 रुपये और डीजल 70.46 रुपये प्रति लीटर था. महानगरी मुंबई की बात करें तो पेट्रोल एक साल में 27.41 रुपये लीटर और डीजल 29.37 रुपये लीटर बढ़ चुका है. पिछले एक साल में कीमतों में 30 फीसदी से ज्यादा का इजाफा हुआ है.
कीमतें बढ़ने से सरकार की भारी कमाई
पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने से केंद्र सरकार की जमकर कमाई हुई है. अगर कोरोना महामारी से पहले के दौर से तुलना करें तो पेट्रोलियम उत्पादों पर एक्साइज़ ड्यूटी संग्रह में 79 फीसदी की भारी बढ़ोतरी हुई है. वित्त मंत्रालय में लेखा महानियंत्रक (CGA) के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के पहले 6 महीने में पेट्रोलियम उत्पादों पर सरकार का एक्साइज़ ड्यूटी कलेक्शन पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 33 फीसदी बढ़कर 1.71 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है. पिछले साल की समान अवधि में यह 1.28 लाख करोड़ रुपये रहा था. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अप्रैल-सितंबर, 2019 में एक्साइज़ ड्यूटी कलेक्शन 95,930 करोड़ रुपये था, उससे अब मौजूदा कलेक्शन 79 फीसदी अधिक है. पूरे वित्त वर्ष 2020-21 में पेट्रोलियम उत्पादों से सरकार को एक्साइज़ ड्यूटी के नाम पर 3.89 लाख करोड़ रुपये मिले थे. 2019-20 में यह आंकड़ा 2.39 लाख करोड़ रुपये था. बता दें कि पिछली यूपीए सरकार में रसोई गैस, केरोसिन और डीजल लागत से कम दामों पर बेचने की वजह से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए पेट्रोलियम कंपनियों को कुल 1.34 लाख करोड़ रुपये के बांड जारी किए थे. वित्त मंत्रालय का कहना है कि चालू वित्त वर्ष में इसमें से 10,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना है. ऐसे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसे ही तेल की कीमतें कम न होने में बाधक बताया है. उनका कहना है कि यूपीए के दौरान जारी किए बॉन्ड की मार अब उन पर पड़ रही है.
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