अमेरिकी संसद में फ़िलिस्तीनी मूल की जो इकलौती अमेरिकी सांसद हैं - रशीदा तलीब - सदन ने बहुमत से उनकी निंदा की है. 188 के बरक्स 234 सांसदों ने आरोप लगाए कि रशीदा (Rashida Tlaib) ने पक्षपाती एजेंडे को बढ़ाने के लिए अपने पद का इस्तेमाल किया और इज़रायल-विरोधी बयान दिए, जो यहूदी समुदाय के लिए ख़तरनाक हैं. आरोप ये भी हैं कि उन्होंने फ़र्ज़ी कहानियां फैलाईं और इज़राइल राज्य को बर्बाद करने की अपील की.
अमेरिकी संसद में फिलिस्तीनी मूल की इकलौती सांसद की बहुमत से निंदा की गई, क्यों?
सांसद रशीदा तलीब पर आरोप हैं कि उन्होंने इजरायल के खिलाफ पक्षपाती एजेंडे को बढ़ाने के लिए अपने पद का ग़लत इस्तेमाल किया.


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ये निंदा प्रस्ताव रिपब्लिकन सांसद रिचर्ड मैककॉर्मिक ने सदन में पेश किया था. ऐसे प्रस्ताव केवल प्रतीकात्मक होते हैं. कोई विशेष सज़ा नहीं होती. प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मैककॉर्मिक ने आरोप लगाया कि तलीब ने अमेरिका के सबसे बड़े सहयोगी इज़राइल के बारे में झूठ फैलाया है. उन्होंने रशीदा के एक सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला दिया, जहां रशीदा ने 'from the river to the sea' (नदी से समुद्र तक) का इस्तेमाल किया था. ये फ़िलिस्तीन के समर्थन में होने वाली रैलियों-सभाओं का एक बहुत प्रचलित नारा है. इसे कई यहूदी अपने ख़िलाफ़ मानते हैं. इज़रायल की बर्बादी से जोड़ कर देखते हैं.
चर्चा के दौरान रशीदा का एक पुराना ट्वीट भी निकाला गया. इसमें उन्होंने इज़रायली सरकार के बारे में लिखा था और 'इंतिफ़ादा' शब्द आया था. तलीब का कहना है कि उन्होंने इस शब्द का इस्तेमाल 'विद्रोह' के सेंस में किया, जो इंतिफ़ादा का शाब्दिक अर्थ है. लेकिन आलोचकों ने कहा कि बयान भड़काऊ है, यहूदी-विरोधी है.
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बकौल रशीदा, वो अपने बयान पर क़ायम हैं. उन्होंने कहा है कि वो केवल फ़िलिस्तीनियों के हक़ के लिए खड़ी हैं. उन्होंने अपने ऊपर लग रहे आरोपों को ख़ारिज कर दिया. ऊपर से अमेरिकी संसद पर उनकी आवाज़ को दबाने और इस्लामोफ़ोबिया के आरोप लगा दिए. और कहा,
"मैं कांग्रेस में एकमात्र फिलिस्तीनी-अमेरिकी हूं और इस समय मेरे मत की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है. मैंने हमेशा इज़रायली सरकार और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की नीतियों की आलोचना की है. ये कहना कि इज़रायल सरकार की आलोचना करना 'यहूदी-विरोधी' है, ये बहुत ख़तरनाक़ ट्रेंड है."
अमेरिका संसद यहूदियों के प्रति 'अति-उदार' बताई जाती है. मगर यहूदी समुदाय से आने वाले डेमोक्रैटिक पार्टी के सांसद ब्रैड श्नाइडर का मत अलग है. वो कहते हैं, "मैं हमेशा अभिव्यक्ति की आज़ादी की रक्षा करूंगा. तलीब को वो कहने का अधिकार है, जो वो कहना चाहती हैं."
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रशीदा तलीब पहली अमेरिकी-मुस्लिम नहीं हैं, जिन्हें इज़राइल की आलोचना पर निंदा झेलनी पड़ी हो. इसी साल की फरवरी में सांसद इल्हान उमर को भी इसी तरह की टिप्पणियों के लिए हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी से हटा दिया गया था.
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