पाकिस्तान की हालत उस किरहे कुत्ते जैसी हो गई है जो खुद तो अपना इलाज कर नहीं सकता और कोई दवाई लगाने आए तो उसे कांख-कांखकर दूर हटा देता है. 29 सितंबर से चिल्ला रहा है कि PoK में कोई सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुआ, वहां किसी ने गोलियों की आवाज नहीं सुनी, लेकिन खुद PoK में रह रहे लोगों की तकलीफ उसे नहीं सुनाई दे रही. वहां आतंकियों को वीआईपी ट्रीटमेंट मिल रहा है.
PoK वाले चीख-चीखकर कह रहे हैं, 'यहां आतंकवादी हैं, हमारी जिंदगी नरक हो गई है'
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादियों को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है.


PoK में अलग-अलग जगहों पर विरोध करते लोग
आतंकवाद हमेशा बुरा ही होता है. वो चाहे भारत में हो या पाकिस्तान में, लेकिन पाक ये नहीं समझ रहा. गुरुवार को PoK में नेताओं और जनता ने साथ खड़े होकर चीख-चीखकर बताया कि उनके इलाके में आतंकियों के कैंप हैं, जिनकी वजह से उनकी जिंदगी नरक हो गई है. मुजफ्फराबाद, कोटली, चिनारी, मीरपुर, गिलगिट, दियामेर और नीलम वैली के लोग डरे हुए हैं. आतंकियों के ट्रेनिंग कैंपों ने उनकी जिंदगियों पर बहुत बुरा असर डाला है. जनता कह रही है:
'जब तक इन आतंकियों को हमारी जमीन से साफ नहीं किया जाता, जब तक सारे आतंकी खत्म नहीं हो जाते, तब तक ये समस्या बनी रहेगी. अगर दियामेर और गिलगिट के आसपास के इलाकों में इनका खात्मा नहीं किया गया तो हम खुद ही कुछ करने को मजबूर हो जाएंगे. जिन संगठनों पर बैन लगा हुआ है, उन्हें यहां राशन-पानी दिया जा रहा है. हमारी जिंदगी नरक जैसी हो गई है. सब डर में जी रहे हैं.'
देखिए क्या है वहां के विरोध का आलम:
https://twitter.com/ANI_news/status/783890147133620224
वहां की जनता के इस विरोध की वजह से पाकिस्तान की हालत और कमजोर हो गई है. पहले तो वो सर्जिकल स्ट्राइक होने से इनकार कर रहा था, लेकिन अब उसके पास कोई जवाब नहीं है. दिल्ली पहले ही कई सबूत दे चुकी है कि PoK में बैठे आतंकी भारत पर हमला करने की तैयारी कर रहे हैं. अभी कुछ दिनों पहले PoK में कोटली के लोगों ने भी सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करते हुए कहा था कि पाकिस्तानी सेना और ISI उन पर अत्याचार कर रहे हैं.

इधर हमारे विश्वसनीय सूत्रों से खबर मिली है कि इंडिया के अफीमची ये सोच-सोचकर पगलाए हुए हैं कि आखिर नवाज शरीफ कौन सी भांग खाते हैं जो उन्हें कुछ दिखाई-सुनाई नहीं दे रहा, कुछ समझ नहीं आ रहा.












