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'बोनस में घमंड...' मारपीट मामले में पत्रकार ने कुमार विश्वास को घेरा, जवाब क्या मिला?

पत्रकार ने कहा कि कुमार विश्वास के सुरक्षाकर्मियों की एक व्यक्ति के साथ मारपीट मामले में पीड़ित को ही निशाना बनाया जा रहा है. उनके मुताबिक इस पूरे मामले में कुमार विश्वास को उसी समय बीच-बचाव करना चाहिए था. इस पर कुमार विश्वास ने पत्रकार को जवाब दिया है.

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अपने खिलाफ एक पत्रकार के ट्वीट पर कुमार विश्वास ने जवाब दिया है. (फाइल फोटो: आजतक)

कवि कुमार विश्वास (Kumar Vishwas) ने अपने सुरक्षाकर्मियों की एक व्यक्ति के साथ हुई मारपीट के मामले में एक और ट्वीट किया है. ये ट्वीट उन्होंने एक पत्रकार के ट्वीट का जवाब देते हुए किया है. घटना पर पत्रकार हर्ष वर्धन त्रिपाठी ने कुमार विश्वास पर सवाल उठाया. ट्विटर पर उन्होंने कहा कि कुमार विश्वास ने इस मामले में पीड़ित को ही निशाना बनाने की कोशिश की है. पत्रकार के मुताबिक इस मामले में कुमार विश्वास को खुद बीच-बचाव करना चाहिए था. इस पर कुमार विश्वास ने पत्रकार को विस्तार से जवाब दिया. क्या कहा? आगे बताएंगे. पहले ये जान लीजिए कि पत्रकार हर्ष वर्धन त्रिपाठी ने कुमार विश्वास को क्या कहकर घेरा.

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'घमंड बोनस में मिलता है'

पत्रकार हर्ष वर्धन त्रिपाठी ने X पर कुमार विश्वास को टैग करते हुए लिखा,

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"सुरक्षाकर्मियों के साथ घमंड बोनस में मिलता है. यह सामान्य बात है कि काफिले में सुरक्षाकर्मियों के साथ चल रहे लोगों से सड़क पर चलने वाले बच बचाकर चलते हैं. शायद डॉक्टर पल्लव बाजपेयी (जिन पर आरोप लगा है) यह समझ नहीं सके. दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि कुमार विश्वास को उसी समय बीच बचाव करके मामला सुलझाना था, लेकिन उनके सुरक्षाकर्मियों के पीटने के बाद कुमार विश्वास ने यह पोस्ट करके पीड़ित को ही निशाना बनाने की कोशिश की, ऐसा लग रहा है. सच सामने आए और कार्रवाई हो."

पत्रकार को कुमार विश्वास का जवाब

हर्ष वर्धन त्रिपाठी के इस ट्वीट पर कुमार विश्वास ने जवाब दिया,

"प्रिय त्रिपाठी जी. मैंने स्वयं उन सज्जन को दोनों तरफ़ से बार-बार गाड़ी बीच में जबरन व आक्रामक तरीके से घुसाते देखा. आगे की सुरक्षा गाड़ियों के दो कार पीछे बैठकर मुझे तो बहुत देर से पता चला कि अब वे सज्जन आगे गाड़ी लगाकर नीचे उतर कर बाक़ायदा केंद्रीय सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प रहे है."

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कुमार विश्वास ने आगे बताया,

“मैंने शीशे से देखा कि वे सज्जन बेहद अभद्र व हिंसक तरीक़े से सुरक्षाकर्मियों को धकिया रहे थे. उन्होंने दो सुरक्षाकर्मियों के गृह मंत्रालय वाले बैज झपट कर तोड़े, एक की कार्बाइन जकड़ कर उसे धक्के दिए. हो सकता है कि वे निजी कारणों से ग़ुस्से में हों या यह उनका स्वभाव हो. पर जब मैंने अपने मैनेजर को गाड़ी से उतार कर झगड़ा शांत कराने भेजा और वो दोनों पक्षों को समझाने लगा तो इन भले सज्जन ने उस को भी दो थप्पड़ का प्रसाद दिया.”

कुमार विश्वास के मुताबिक इस मामले की रिपोर्ट सुरक्षाकर्मियों ने लिखाई है. वहीं दूसरे पक्ष यानी पल्लव वाजपेयी ने सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट की है.

‘हमसे कुपित कुंठितों को…’

अपने ट्वीट में कुमार विश्वास ने आगे लिखा,

"मेरा इस पूरे प्रकरण से क्या लेना देना? पुलिस उचित कार्रवाई करेगी ही. हम से कुपित कुंठितों, बौने दुर्योधन के चिंटुओं को थोड़ा गंदगी करने का अवसर मिला है, तो दिवाली पर इतना उनका सुख उन्हें मुबारक. आखिरी बात यह कि सड़कों पर सभी को ज़्यादा संवेदनशील और शांत रहने की आवश्यकता है." 

क्या हुआ था?

दरअसल, 8 नवंबर को कुमार विश्वास के काफिले पर हमला होने की खबर आई थी. कहा जा रहा था कि अलीगढ़ की तरफ जाते हुए कुमार विश्वास के सुरक्षाकर्मियों की एक शख्स से हाथापाई हो गई. इस पर 9 नवंबर को गाजियाबाद पुलिस का जवाब आया. पुलिस ने कहा कि कुमार विश्वास के काफिले पर किसी अज्ञात व्यक्ति के हमले के मामले में प्रारंभिक जांच में आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं. ये भी बताया गया कि इंदिरापुरम थाना पुलिस केस की जांच कर रही है.

कुमार विश्वास ने पूरी घटना के बारे में X पर बताया था कि उनके सुरक्षाकर्मियों की गाड़ी को बगल में चल रही एक कार ने टक्कर मार दी थी. इसके बाद कार सवार ने उनके सुरक्षाकर्मियों पर हमला भी किया.

इस मामले में सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट करने का आरोप पल्लव वाजपेयी पर लगाए गए हैं, जो पेशे से डॉक्टर बताए जा रहे हैं. पल्लव वाजपेयी ने अपना बचाव करते हुए कहा है कि कुमार विश्वास के सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की. पल्लव वाजपेयी ने बताया,

“पुलिस की गाड़ी आई और उसने हाथ देकर ओवरटेक करने की कोशिश की. तो मैंने उसे जाने दिया. फिर मैं पीछे आया तो उसके पीछे एक और गाड़ी थी. काले रंग की. वो बहस करने लगा कि आपको गाड़ी चलानी नहीं आती. वो मुझसे बहस करता रहा. फिर हाथापाई करने लगा और गाली-गलौज की. उन्होंने बताया कि 112 पर कॉल किया, लेकिन कोई नहीं आया.”

घटना के बाद पल्लव वाजपेयी की जो तस्वीर सामने आई थी, उसमें उनके चेहरे पर चोट के निशान दिख रहे थे. पल्लव वाजपेयी ने ये भी आरोप लगाया था कि जिन सुरक्षाकर्मियों ने उनको बुरी तरह पीटा, वो सिविल ड्रेस पहने हुए थे.

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