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बच्चे ने मां-बाप को अम्मी-अब्बू बोला, शिकायत लेकर कलेक्टर के यहां चले गए!

कविता में जैसा लिखा था, वैसा बच्चा बोलने लगा तो धार्मिक भावनाएं आहत हो गईं.

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सेकंड क्लास की किताब का चैप्टर (फोटो- सोर्स)

स्कूल के दिन, शिकायतों के दिन भी होते हैं. बच्चे एक दूसरे की शिकायत करते हैं. टीचर और मां-बाप एक दूसरे से बच्चे की शिकायत करते हैं. और कभी कभी पूरे स्कूल की ही शिकायत कर दी जाती है. जी. ये एक नया ट्रेंड है. जिसकी ताज़ा मिसाल आई है उत्तराखंड के देहरादून से. बच्चे ने अपने मां-बाप को अम्मी-अब्बू क्या बोल दिया, वो शिकायत लेकर कलेक्टर के यहां पहुंच गए.  

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ये अम्मी-अब्बू आए कहां से?

इंडिया टुडे से जुड़े अंकित शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक मनीष मित्तल नाम के एक व्यक्ति का बेटा अचानक उन्हें अब्बू और अपनी मां को अम्मी बोलने लगा, तो मनीष की धार्मिक भावनाएं आहत हो गईं. उन्होंने दूसरी क्लास में पढ़ रहे अपने बच्चे से पूछा कि वो ऐसा क्यों कर रहा है. तो उन्हें पता चला कि बच्चे की अंग्रेजी की किताब में एक कविता है, ‘टू बिग टू स्मॉल’ नाम की. लावण्या कार्तिक की लिखी इस कविता में एक छोटी सी बच्ची इस सवाल से जूझ रही है कि वो बड़ी हो गई है या अभी छोटी ही है. मां कहती है कि वो शानू को गोद में नहीं उठा पाती, क्योंकि वो बहुत बड़ी हो गई है. लेकिन पिता कहते हैं कि शानू अकेले स्कूल नहीं जा सकती, क्योंकि अभी बहुत छोटी है. बातचीत का यही क्रम दादा और दादी के साथ भी चलता है. 

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इस कविता में शानू अपनी मां को अम्मी कहती है और पिता को अब्बू. दादा को दादा, और दादी को दादी. आखिर में अब्बू, अम्मी, दादा और दादी जैसे शब्दों के अर्थ भी बताए गए हैं. इसी को लेकर मनीष मित्तल ने जिलाधिकारी सोनिका के पास शिकायत दर्ज कराई है. स्कूल की किताब के बारे में शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी सोनिका ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को मामले की जानकारी दी. जिलाधिकारी ने प्रकरण की जांच मुख्य शिक्षा अधिकारी को सौंपी है. और एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं.

 

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