“स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला रहेगा या बंद, यह जमीनी हालात पर तय होगा न कि सोशल मीडिया पर.” ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की ‘ऑनलाइन’ धमकियों पर पलटवार किया है. ईरान ने यह भी कहा है कि अगर अमेरिकी नाकाबंदी (US Blockade) जारी रहती है तो ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ खुला नहीं रहेगा. इससे पहले, तेहरान ने ऐलान किया था कि कमर्शियल जहाजों की आवाजाही के लिए होर्मुज पूरी तरह से खुला है. लेकिन इसके बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जब तक ईरान के साथ कोई फाइनल समझौता नहीं हो जाता, तब तक अमेरिकी नाकाबंदी जारी रहेगी.
'बंद रहेगा होर्मुज, अगर...' ईरान की धमकी, डॉनल्ड ट्रंप का दावा झूठा बताया
Iran ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की ‘ऑनलाइन’ धमकियों पर पलटवार किया है. ट्रंप ने कहा था कि ‘Strait of Hormuz’ पर अमेरिकी नाकाबंदी जारी रहेगी. अब इस पर Iran की तरफ से भी कड़ी टिप्पणी आई है. ईरान ने क्या कहा? यहां पढ़ें.


ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकिर कालीबाफ ने डॉनल्ड ट्रंप के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है. 18 अप्रैल को ‘X’ पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक घंटे के भीतर सात दावे किए और सातों के सात वादे झूठे हैं. कालीबाफ ने कहा कि ट्रंप इन झूठे दावों के सहारे युद्ध नहीं जीत पाए और न ही वे बातचीत में किसी नतीजे पर पहुंच पाएंगे. कालीबाफ ने आगे कहा,
"(अमेरिकी) नाकाबंदी जारी रहने पर ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ खुला नहीं रहेगा. इस रास्ते से आवाजाही ‘तय रास्ते’ के मुताबिक और ‘ईरानी मंजूरी’ के साथ ही होगी.‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ खुला रहेगा या बंद और इसे कंट्रोल करने वाले नियम क्या होंगे, ये फैसला जमीनी हालात पर होगा, न कि सोशल मीडिया पर."
मोहम्मद बाकिर कालीबाफ ने यह भी कहा कि मीडिया पर जंग लड़ना (मीडिया वॉरफेयर) और लोगों की राय (पब्लिक ओपिनियन) को अपने हिसाब से ढालना, युद्ध का एक अहम हिस्सा हैं. लेकिन ईरान पर इन हथकंडों का कोई असर नहीं होगा.
शुक्रवार, 17 अप्रैल को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने बताया था कि ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से सभी कमर्शियल जहाजों का रास्ता अब पूरी तरह से खुला रहेगा. उनका यह बयान लेबनान और इजरायल के बीच 10 दिनों के लिए सीजफायर का ऐलान होने के बाद आया. अराघची ने यह भी कहा कि यह सुविधा सीजफायर की पूरी अवधि तक ही लागू रहेगी.

ये भी पढ़ें: ईरान ने तो खोल दिया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, लेकिन ट्रंप किस बात पर अड़ गए?
अराघची के इस बयान के कुछ देर बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भी ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के खुलने की पुष्टि की. बाद में ट्रंप ने एक और पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने अमेरिकी नाकाबंदी को तब तक जारी रखने की भी बात कही, जब तक ईरान जंग खत्म करने के लिए अमेरिका के साथ कोई फाइनल समझौता नहीं कर लेता. ट्रंप ने पोस्ट में लिखा,
“स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह से खुला है और व्यापार तथा पूर्ण आवाजाही के लिए तैयार है लेकिन ईरान के मामले में नेवल ब्लॉकेड पूरी तरह से लागू रहेगा. ये तब तक जारी रहेगा, जब तक ईरान के साथ हमारा लेन-देन 100% पूरा नहीं हो जाता. यह प्रक्रिया बहुत तेजी से आगे बढ़नी चाहिए क्योंकि, ज्यादातर मुद्दों पर पहले ही बातचीत हो चुकी है.”

पश्चिम एशिया में जंग शुरू होने के बाद ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को पूरी तरह अपने काबू में कर लिया था. ईरान ने अमेरिका और इजरायल का समर्थन करने वाले देशों के लिए इस समुद्री रास्ते को पूरी तरह से बंद कर दिया था. होर्मुज पर बढ़े इस तनाव का असर भारत समेत कई देशों की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा.
वीडियो: दुनियादारी: ईरान ने क्यों खोल दिया होर्मुज?




















