मैं इलेक्शन ड्यूटी पर था. मैं विसू की ओर जा रहा था क्योंकि वहां डीएम मेरा इंतज़ार कर रहे थे. आर्मी ने ट्रैफिक रोक रखा था लेकिन उन्होंने जब गाड़ी पर 'एसडीएम' लिखा देखा तो जाने दिया. तीन चेकपॉइंट पास करने के बाद हमें चौथे पर रोक लिया गया. यहां सेना के कुछ जवान आए और हमारी गाड़ी को निशाना बनाया. पहले उन लोगों ने हमारे ड्राइवर को मारा और फिर हम सभी को.वानी ने आगे कहा-
उन्होंने मुझ पर गन पॉइंट किया. मेरा फोन छीन लिया और उसे तोड़ दिया. मेरे ड्राइवर के फोन को भी डैमेज कर दिया. उन्होंने इलेक्शन मटेरियल्स के साथ भी छेड़छाड़ की. मैंने एसएसपी कुलगाम और डिप्टी कमिश्नर से शिकायत की है. इस मामले को लेकर एफआईआर रजिस्टर करने की भी मांग की है.वानी ने एसएचओ काजीगुंड को एनएच पर तैनात सेना के जवानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए चिट्टी लिखी है. इस चिट्ठी में उनके खिलाफ हिंसा सरकारी काम-काज को रोकने जैसे आरोप लगाए हैं. न्यूज़ एजेंसी एएनआई का ट्वीट देखिए.
राज्य में सेना द्वारा नागरिकों को मारना-पीटना कोई नई बात नहीं है. लेकिन सिविल ऑफिसर्स के साथ मारपीट करना एक नई उंचाई है. घाटी के लोगों को एक साइलेंट डेथ की ओर धकेला जा रहा है. कब तक तुम उन्हें उन्हीं की जमीन पर दबाते रहोगे? क्या हम पाकिस्तान के बदले भारत के साथ आने पर यही डिजर्व करते हैं?
सेना द्वारा एसडीएम दुरु पर हमले की खबर बहुत चौंकाने वाली है. यदि ऐसा है तो अनंतनाग के डीसी/एसएसपी को जल्द से जल्द एफआईआर दर्ज करनी चाहिए और दोषियों को गिरफ्तार करना चाहिए. उम्मीद है कि IPC/RPC के बीच में आफ्सपा नहीं आएगा और कार्रवाई की जाएगी.
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