कासगंज में पुलिस हिरासत में मौत के मामले में हर दिन सियासत गर्म होती जा रही है. अब मृतक के पिता चांद मियां ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस ने जबरन बयान रिकॉर्ड करवाकर अंगूठा लगवाया है. चांद मियां का बयान उस वीडियो के बाद आया है जिसमें वे कहते दिख रहे थे कि उनके बेटे अल्ताफ़ ने डिप्रेशन में आकर फांसी लगा ली थी और उन्हें पुलिस से कोई शिकायत नहीं है. उन्होंने ये भी कहा है कि अल्ताफ़ को पुलिस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उपचार कराने ले गयी थी, जहां उसकी मौत हो गई.
अल्ताफ के पिता चांद मियां का बयान लिखित है और उन्होंने उस पर अंगूठा लगाया हुआ है. अल्ताफ़ के चाचा हुसैन ने कहा,
“अगर पुलिस धमकाएगी तो आप वही कहोगे. आत्महत्या का आरोप गलत है. अल्ताफ की हत्या की गई है.”

मृतक के पिता चाँद मियां का दर्ज बयान. तस्वीर- आजतक
पुलिस की संदेहास्पद थ्योरी
बता दें कि पुलिस की थ्योरी है कि अल्ताफ़ ने ज़मीन से मुश्किल से 2 फ़ीट ऊपर लगे नल में अपने जैकेट के हुड में लगी डोरी फ़ंसाई और आत्महत्या कर ली. कोई भी इस बात पर सवाल उठाएगा ही. लॉकअप के टॉयलेट की तस्वीर आई. और दूसरी तरफ़ अल्ताफ के परिजनों ने अल्ताफ़ की लंबाई साढ़े पांच फीट बताई है.
क्या है पूरा मामला?
अल्ताफ़ नगला सैय्यद का रहने वाला था. ख़बरों के मुताबिक़, अल्ताफ़ फ़र्श पर टाइल लगाने का काम करता था. अमर उजाला में छपी ख़बर के हवाले से बात करें तो अल्ताफ़ ने किसी घर में टाइल लगाने का काम किया. उस घर की लड़की लापता हो गयी. परिजनों ने आरोप लगाया अल्ताफ़ पर. कहा कि अल्ताफ़ उनकी लड़की को भगा ले गया. पुलिस में शिकायत हुई. पुलिस ने 8 नवंबर की शाम 8 बजे बजे के आसपास अल्ताफ़ को हिरासत में ले लिया. अब तक अल्ताफ़ पुलिस हिरासत में ही था. फिर 9 नवंबर की दोपहर-शाम के आसपास अल्ताफ़ की मौत की ख़बर आई.