हर विधानसभा में एक सेक्रेटरी होते हैं. विधानसभा के प्रशासनिक और विधायी कामों का ज़िम्मेदार. अध्यक्ष और सदन का प्रधान सलाहकार. मगर हर विधानसभा से अलग कर्नाटक विधानसभा में एक और पद जोड़ा जा रहा है- सेक्रेटरी 2.
मंत्री के दामाद के लिए नया पद बना दिया- 'सेक्रेटरी 2'! कांग्रेस की सरकार पर गंभीर आरोप लगे
नया पद बनाने के लिए Karnataka Assembly के अध्यक्ष यू टी खादर की ओर से विधानसभा के वित्त विभाग को एक पत्र भेजा गया है. विपक्षी दल (BJP) इस मांग का विरोध कर रही हैं. कांग्रेस सरकार पर भाई-भतीजावाद का आरोप लगा रही हैं.


दरअसल, कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष यू टी खादर की ओर से विधानसभा के वित्त विभाग को एक पत्र भेजा गया है. इसी में ‘सेक्रेटरी द्वितीय’ की नई पोस्ट बनाने की मांग की गई है और इसके लिए वित्तीय मंज़ूरी भी मांगी है. विपक्षी पार्टियां इस मांग का विरोध कर रही हैं. कांग्रेस सरकार पर भाई-भतीजावाद का आरोप लगा रही हैं.
नई पोस्ट क्यों?कांग्रेस के नेता हैं, केएच मुनियप्पा. सात बार के विधायक हैं और सिद्दारमैया सरकार में खाद्य व नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री हैं. आरोप हैं कि मुनियप्पा अपने दामाद शशिधर जेई के लिए सेटिंग बैठा रहे हैं.
विधानसभा की रूलबुक के अनुसार, कर्नाटक विधानसभा के सचिव को सरकारी सचिवालय में सरकार के सचिव की शक्तियां, विशेषाधिकार और दर्जा मिलता है.
इंडिया टुडे से जुड़े नागार्जुन द्वारकानाथ और अनघा की रिपोर्ट के मुताबिक़, कर्नाटक विधानसभा कर्मचारी संघ ने इसके विरोध में विधानसभा सचिव को पत्र लिखा है. आरोप लगाया, कि चूंकि शशिधर जेई सचिव का पद नहीं पा पाए. इसलिए नया पद बनाया जा रहा है. पत्र में लिखा है,
शशिधर जेई विधायक एम रूपकला के पति हैं और वर्तमान में कंप्यूटर विंग में हैं. वे सचिव का पद नहीं ले सकते, क्योंकि सचिव का पद उन कर्मचारियों के लिए होता है जो आम तौर पर पदोन्नत होकर सचिव बन जाते हैं. कंप्यूटर विंग के कर्मचारी कभी भी सचिव नहीं बन सकते… सरकार शशिधर को समायोजित करने के लिए नया पद बना रही है.
ये भी पढ़ें - पहाड़ी काटकर बनाया 'सद्दाम हुसैन जैसा महल'- पूर्व CM जगन मोहन रेड्डी पर बैठेगी जांच, कहानी जान लीजिए
भाजपा ने कांग्रेस के नेतृत्व में चल रही कर्नाटक सरकार भाई-भतीजावाद के लिए निशाना साधा है. विधानसभा के नेता-प्रतिपक्ष आर अशोक ने X पर क्षेत्रीय भाषा में पोस्ट किया,
विधायकों के विद्रोह को दबाने के लिए संविधान का उल्लंघन करते हुए 90 कैबिनेट ग्रेड का दर्जा बनाया गया था. अब इस बेशर्म सरकार ने मंत्री के दामाद के लिए नया पद बना दिया है.
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, आप कर्नाटक के अब तक के सबसे कमज़ोर मुख्यमंत्री हैं. जनता का पैसा बर्बाद कर रहे हैं और विधायकों-मंत्रियों के रिश्तेदारों को अटारी का दर्जा दे रहे हैं. ये कब तक चलेगा? इससे पहले कि लोग आपके ख़िलाफ़ विद्रोह कर दें, इस्तीफ़ा दे दीजिए और पद की गरिमा बचा लीजिए. राज्य का सम्मान भी बचा लीजिए.
विधायक सीएन अश्वथ नारायण ने भी कहा कि सरकार अपनी शक्तियों का ग़लत इस्तेमाल कर रही है. वो इस मामले को न्यायपालिका में उठाएंगे.
मीडिया ने मंत्री मुनियप्पा के वर्ज़न के लिए संपर्क किया था. मगर उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
वीडियो: नेम प्लेट को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने योगी सरकर को क्या सुनाया?





















