The Lallantop

बिटकॉइन स्कैम: कुमारस्वामी का दावा, जन धन खातों को हैक कर 6000 करोड़ ट्रांसफर किए गए

स्कैम का मास्टरमाइंड बताए घए श्रीकृष्ण रमेश ने हैकिंग के बारे में बड़ी जानकारी दी.

Advertisement
post-main-image
कर्नाटक बिटकॉइन स्कैम मामले में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी (बाएं) ने गंभीर आरोप लगाए हैं. मास्टरमाइंड बताया जा रहा है श्रीकृष्ण रमेश उर्फ श्रीक्की (दाएं.)
कर्नाटक बिटकॉइन स्कैम मामले के आरोपियों ने जन धन खातों को भी हैक किया था. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने ये जानकारी दी है. उनके मुताबिक हरेक जन धन खाते से 2-2 रुपये ट्रांसफर किए गए. इस तरह आरोपियों ने लगभग 6000 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए. इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, कुमारस्वामी ने कहा,
मुझे बताया गया है कि जन धन खातों की हैकिंग हुई. हरेक जन धन खाते को हैक किया गया और 2 रुपये प्रति खाता ट्रांसफर किए गए. मुझे नहीं पता कि ये कितना सच है. लेकिन ये राशि 6000 करोड़ रुपये है.
कुमारस्वामी ने ये भी आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार इस मामले को कवरअप करने की कोशिश कर रही है. कांग्रेस का क्या कहना है? वहीं कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने कहा कि 'बिटकॉइन घोटाले' के चलते मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई को अपनी कुर्सी गवांनी पड़ेगी. साल 2008-13 की तरह ही इस बार भी भाजपा सरकार को तीसरा मुख्यमंत्री देखना पड़ेगा. विधायक खड़गे ने आरोप लगाया,
ये सरकार बिटकॉइन घोटाले की जांच को चरणबद्ध तरीके से बंद करने का प्रयास कर रही है. भाजपा के वरिष्ठ नेता, उनके बच्चे और अधिकारी इसमें लिप्त हैं. ये कई करोड़ रुपये का घोटाला है. मादक पदार्थ संबंधी मामले निपटाने और ट्रांसफर के लिए बिटकॉइन प्राप्त किए गए. निवेश घोटाले भी इसी के जरिए किए गए.
पूर्व मंत्री ने सरकार से सभी दस्तावेज सार्वजनिक करने और बिटकॉइन मामला प्रवर्तन निदेशालय या CBI को सौंपे जाने की मांग उठाई. खड़गे ने दावा किया कि बिटकॉइन घोटाला उस समय सामने आया, जब अमेरिका की आर्थिक अपराध शाखा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान पीएमओ के समक्ष ये मुद्दा उठाया. सीएम क्या बोले? वहीं मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक, सीएम बोम्मई ने कहा,
‘पीएम मोदी से बिटकॉइन स्कैम को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई. मैं बात करना चाहता था, लेकिन पीएम मोदी ने बात काट दी. प्रधानमंत्री ने मुझसे यही कहा कि गंभीरता से काम करिए, सब ठीक हो जाएगा. गृह मंत्री अमित शाह को इस बारे में ज्यादा जानकारी है.
बिटकॉइन स्कैम है क्या? नवंबर 2020. बेंगलुरु सेंट्रल क्राइम ब्रांच पुलिस ने श्रीकृष्ण रमेश उर्फ श्रीक्की और उसके सहयोगियों को नारकोटिक्स केस में गिरफ्तार किया. श्रीक्की पर डार्कनेट के जरिए बिटकॉइन का इस्तेमाल कर ड्रग्स खरीदने और इसे हाईप्रोफाइल क्लाइंट को बेचने का आरोप था. आगे की जांच में पता चला कि श्रीकृष्ण एक हैकर भी है जो साइबर क्राइम में शामिल रहा है. वो बिटकॉइन एक्सचेंज हैकिंग, क्रिप्टोकरंसी की लूट, मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर फ्रॉड में शामिल रहा है. 2019 में पता चला था कि श्रीकृष्ण कथित तौर पर कर्नाटक सरकार के ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल की हैकिंग में शामिल था. तब अनधिकृत लेनदेन के माध्यम से कुछ खातों में अवैध रूप से धन ट्रांसफर किया गया था. इस कथित हैकिंग का पता पहली बार जुलाई 2019 में चला. एक वित्तीय सलाहकार एस.के. शैलजा ने इस बारे में जानकारी दी थी. Earnest Money Deposits (EMD) रिफंड के वेरिफिकेशन के दौरान उन्हें 7.37 करोड़ अनधिकृत फंड ट्रांसफर के बारे में पता चला था. इसके बाद सीआईडी में शिकायत दर्ज की गई. जांच से पता चला कि 1.05 करोड़ रुपये उत्तर प्रदेश की एक फर्म को अवैध रूप से ट्रांसफर किए गए थे. कुल मिलाकर 11.55 करोड़ की हेराफेरी की गई थी. नवंबर 2020 में ही जब श्रीकृष्ण को नशीले पदार्थों के मामले में गिरफ्तार किया गया, तब पुलिस को मालूम हुआ कि वास्तव में वही कथित हैकिंग के पीछे का मास्टरमाइंड है. मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच के लिए मार्च 2021 में ईडी से संपर्क किया गया था. तब जांच एजेंसी ने अपने बयान में कहा था,
मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के दौरान पता चला कि श्रीकृष्ण उर्फ श्रीक्की नाम के एक हैकर ने कर्नाटक सरकार के ई-गवर्नेंस  पोर्टल को हैक कर लिया था. कर्नाटक सरकार के खाते से NGO Uday Grama Vikash Sanstha, Nagpur और Nimmi Enterprises, Bulandshahr को क्रमश: 10.5 करोड़ रुपये और 1.05 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए.
मादक पदार्थ मामले में पूछताछ के दौरान पुलिस ने श्रीकृष्ण से 9 करोड़ रुपये की कीमत के 31 बिटकॉइन बरामद करने का दावा किया था. श्रीकृष्ण रमेश से जानिए उसने क्या-क्या किया? इंडिया टुडे के मुताबिक, कर्नाटक पुलिस को दिए एक बयान में बिटकॉइन घोटाले के मुख्य आरोपी श्रीकृष्ण रमेश ने खुलासा किया कि उसने नीदरलैंड में रहने के दौरान दो बार बिटफिनेक्स (Bitfinex) को हैक किया था. और ऐसा करने वाला वो पहला व्यक्ति था. Bitfinex हांग कांग बेस्ट क्रिप्टोकरेंसी है. बिटकॉइन एक्सचेंज को हैक करने में कैसे कामयाबी मिली? श्रीकृष्ण रमेश ने बताया,
मैंने डेटा सेंटर में एक बग का फायदा उठाया जिसने मुझे सर्वर तक केवीएम (कर्नेल-आधारित वर्चुअल मशीन) एक्सेस दिया. मैंने सर्वर को GRUB मोड में रीबूट किया. रूट पासवर्ड रीसेट किया. लॉगइन कर निकासी सर्वर पासवर्ड को रीसेट किया और बिटकॉइन के माध्यम से मेरे बिटकॉइन पते पर पैसे भेज दिए. 20 हजार से ज्यादा बीटीसी (बिटकॉइन) का लाभ कमाया. लेकिन इसमें से कुछ भी नहीं बचा सका. सब अपने लाइफस्टाइल पर पैसे खर्च किए.
श्रीकृष्ण रमेश ने आगे बताया,
मैंने कोई सेविंग नहीं की. मैंने इसे अपनी लग्जीरियस लाइफ स्टाइल पर खर्च कर दिया. मैंने औसतन हर दिन शराब और होटल के बिल पर एक से तीन लाख खर्च किए. जब मैंने हैकिंग की उस समय बिटकॉइन की कीमत 100 या 200 डॉलर रही होगी.
श्रीकृष्ण रमेश ने आगे बताया कि उसने 2019 में कर्नाटक सरकार के ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल को हैक किया था. उसके मुताबिक,
मैंने रिमोट कोड निष्पादन भेद्यता (Remote Code Execution Vulnerability) का फायदा उठाया और बोलीदाता की जानकारी तक पहुंच प्राप्त की. उस समय होने वाली बोलियों से संबंधित सभी फाइलों को डाउनलोड किया. हैकिंग की वजह से मुझे ट्रांजेक्शन डिटेल, बिड रिफ्रेंश, पेमेंट अमाउंट, IFSC codes, बोलीदाता की खाता संख्या आदि एक्सेल फाइलें डाउनलोड करने को मिल गईं.
हमने 2019 में इस साइट को हैक किया और तीन अलग-अलग ट्रांसफर किए. हेमंत मुडप्पा ने मुझे दो खाते दिए. एक खाते में 18 करोड़ और दूसरे में 28 करोड़. हेमंत ने दावा किया कि उसने अयूब नाम की एक संस्था से 2 करोड़ रुपये एकत्र किए थे, जिसे मैं नहीं जानता.
हालांकि, सीआईडी का दावा है कि हेमंत मुदप्पा ने 11 करोड़ रुपये वसूले थे. श्रीकृष्ण रमेश ने बताया कि सुनील हेगड़े के निर्देश पर उसने 28 करोड़ रुपये के दूसरे ट्रांसफर की शुरुआत की. ये लेनदेन संभवत: वापस किया गया था, क्योंकि सरकार को स्पष्ट रूप से इसकी संदिग्ध प्रकृति के बारे में पता चल गया था. इससे रमेश को कोई लाभ नहीं हुआ, लेकिन इस दौरान उसने 5 स्टार होटलों में रहकर एक शानदार जीवन शैली का आनंद लिया.

Advertisement
Advertisement