The Lallantop

कानपुर अग्निकांड पर पूर्व बीजेपी सांसद बोले- 'औरतों में आग लगाने की टेंडेंसी होती है'

अनिल शुक्ला योगी सरकार में मंत्री प्रतिभा शुक्ला के पति हैं. उन्होंने सरकार के अधिकारियों को 'भोला-भाला' बताते हुए हादसे का सारा दोष मृतक महिलाओं के परिवार पर मढ़ दिया.

Advertisement
post-main-image
कानपुर हादसे पर पूर्व सांसद अनिल शुक्ला (बाएं) का विवादित बयान. (दाएं) मृतक महिलाएं. (फोटो-फेसबुक/आजतक)

हाल ही में कानपुर देहात में अतिक्रमण हटाने के दौरान लगी आग में मां-बेटी की जलकर मौत हुई थी. घटना को लेकर यूपी सरकार विपक्ष के निशाने पर है. सरकार के कई पदाधिकारियों पर केस दर्ज हुआ है. अब बीजेपी के पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी का एक बयान पार्टी और सरकार के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर सकता है (BJP Ex MP on Kanpur Fire Incident). उन्होंने कहा है कि मामले में ‘निर्दोष’ लोगों पर केस दर्ज हुआ है और औरतों के अंदर ‘आग लगाने की टेंडेंसी’ होती ही है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में पूर्व सांसद ने कहा,

औरतों के अंदर आग लगाने की टेंडेंसी होती है. वो आग जल्दी लगाने के लिए उत्सुक हो जाती हैं. तो उसका भी कोई मरने का इरादा नहीं था. वो चाहती थी कि ये हम करेंगे तो ये लोग भाग जाएंगे.

Advertisement

बीजेपी के पूर्व सांसद ने आगे कहा,

इस तरह की घटनाएं आगे भी होंगी. कोई गैरकानूनी काम होता है और उसमें अगर कोई मर जाता है तो क्या कानून-प्रशासन को इतना नर्वस कर देना चाहिए कि वो सही फैसला ना ले पाए. जो गलत काम कर रहा है उसको मनाने में लग जाए. फिर FIR कर के भोले-भाले ड्यूटी करने वाले लोगों को आप जेल भेज दो. फिर उन्हें पैसे भी दो और वो पार्टी को गाली भी दें.

वहीं आजतक के मुताबिक, अनिल वारसी का कहना है कि इस मामले में सरासर गलती उस परिवार की थी जिसकी बेटी और बहन की मौत हुई. वारसी ने पीड़ित परिवार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने वहां अवैध कब्जा कर रखा था, वो गलत काम करते थे और फिर उन्होंने सुसाइड कर लिया.

Advertisement

बता दें, अनिल शुक्ल वारसी पूर्व सांसद हैं. उन्होंने 2007 में बसपा के टिकट पर बिल्हौर से लोकसभा उपचुनाव जीता था. 2014 में भी बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा लेकिन हार गए. अनिल शुक्ला वारसी की पत्नी प्रतिभा शुक्ल योगी सरकार में महिला कल्याण मंत्री हैं.

ये भी पढ़ें- कानपुर अग्निकांड: SDM, SHO समेत दो दर्जन लोगों पर केस दर्ज, अब तक किस पर क्या कार्रवाई हुई?

रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार, 13 फरवरी को कानपुर प्रशासन के लोग सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने गए थे. इस दौरान वहां आग लग गई जिसमें प्रमिला दीक्षित और उनकी बेटी नेहा दीक्षित की मौत हो गई. परिवार ने प्रशासन पर आग लगाने का आरोप लगाया है. मामले में मृतक के परिजनों ने SDM, कानूनगो, लेखपाल, SHO समेत दो दर्जन से ज्यादा लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया. वहीं, प्रशासन का कहना है कि मां-बेटी ने खुद ही आग लगाई थी.

वीडियो: कानपुर में लल्लनटॉप से मां बेटी की मौत पर गांववालों ने बताया. असल में क्या हुआ?

Advertisement