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कमल हसन ने बताया अपना सीक्रेट जिसमें वो बैलों के साथ लड़ते थे

अगर 'जल्लीकट्टू' जानवरों के ऊपर क्रूरता है. तो बिरयानी को भी बैन कर दीजिए.

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फोटो - thelallantop
दक्षिण भारत के सुपर स्टार कमल हसन ने तमिलनाडु के मशहूर खेल 'जल्लीकट्टू' का समर्थन किया है.  कहा है कि अगर 'जल्लीकट्टू' जानवरों के ऊपर क्रूरता है तो बिरयानी खाना भी गलत है. फिर बिरयानी भी बैन कर दीजिए. कमल हसन ने बताया कि  'जल्लीकट्टू' हमारे ट्रेडिशनल कल्चर का हिस्सा है. कमल हसन ने बताया कि वो इस खेल के बहुत बड़े फैन हैं. और कई दफा इस खेल में शामिल भी हुए हैं. जल्लीकट्टू पर चल रहे लगातार विवाद के बाद 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने इस खेल को बैन कर दिया था. अपने जजमेंट में सुप्रीम कोर्ट ने इसे अमानवीय बताते हुए इसे जानवरों के खिलाफ क्रूरतापूर्ण बताया था.
"जल्लीकट्टु" खेलते खिलाड़ी
"जल्लीकट्टु" खेलते खिलाड़ी

कमल हासन ने कहा कि स्‍पेन के खेल बुल फाइटिंग और जल्‍लीकट्टू में कोई समानता नहीं है. उन्‍होंने कहा, "यह सांड को रोकने के बारे में है ना कि उसके सींग तोड़कर या किसी और तरह से उसे शारीरिक नुकसान से जुड़ा है. स्‍पेन में सांडों को नुकसान पहुंचाया जाता है और उन्‍हें मार दिया जाता है. तमिलनाडु में सांडों को देवता की तरह माना जाता है.” बैन लगने के बाद से ही तमिलनाडु में इस खेल को फिर से शुरू करने की लगातार मांग चल रही है. तमिलनाडु में यह खेल बहुत ही लोकप्रिय है.


ये स्टोरी आदित्य प्रकाश ने की है 


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