गाजा पट्टी में चल रहे संघर्ष के बीच इज़रायल मानवीय सहायता देने के लिए राजी हो गया है (Israel humanitarian aid). इस बात की पुष्टि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने की है. इजरायल पहुंचे जो बाइडेन ने कहा है कि मिस्र के रास्ते गाजा में मदद पहुंचाने के लिए इज़रायल तैयार हो गया है. लेकिन ये मदद गाजा के आम नागरिकों के लिए होगी. कोई भी मदद अगर हमास तक गई तो उसे इज़रायल किसी भी हद तक जाकर रोकेगा.
गाजा को 'पानी तक नहीं देंगे' कहने वाला इजरायल मानवीय सहायता के लिए राजी हुआ, लेकिन कैसे?
ये मदद गाजा के आम नागरिकों के लिए होगी. कोई भी मदद अगर हमास तक गई तो उसे इज़रायल किसी भी हद तक जाकर रोकेगा.
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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बताया कि अगर हमास किसी भी सहायता को रोकता है या चुराने की कोशिश करता है, तो ये माना जाएगा कि उन्हें फिलिस्तीनी लोगों की कोई चिंता नहीं है. ये अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी सहायता प्रदान करने से रोकेगा.
बाइडेन ने गाजा और वेस्ट बैंक के लिए 800 करोड़ रुपये की मानवीय सहायता की घोषणा की है. सहायता का ऐलान करते हुए उन्होंने कहा कि ये पैसा बेघर हुए 10 लाख फिलिस्तीनी नागरिकों की मदद करने के काम आएगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की इस घोषणा के बाद इज़रायली सरकार की तरफ से कहा गया कि, वो मिस्र की तरफ से गाजा में भेजे जाने वाली मदद को तब तक नहीं रोकेंगे जब तक ये खाना, पानी और दवाइयों के रूप में होगी. और आम नागरिकों को पहुंचाई जाएगी. इज़रायली सरकार ने चेतावनी दी कि अगर हमास को किसी भी तरह की मदद की गई तो वो रोकी जाएगी.
इज़रायली सरकार ने रेड क्रॉस से मांग की है कि वो उन इज़रायली नागरिकों से मिले जिन्हें बंधक बनाकर रखा गया है. साथ ही ये भी कहा है कि वो अपनी जमीन से किसी भी तरह की मानवीय सहायता तब तक नहीं प्रदान करेगा जब तक गाजा से उनके बंधक नागरिक नहीं लौट आते.
इज़रायल और हमास के बीच चल रहे संघर्ष को देखते हुए 18 अक्टूबर को सऊदी अरब सरकार ने इमरजेंसी एडवाइजरी की है. सरकार ने लेबनान में रह रहे अपने नागरिकों से तुरंत देश छोड़ने को कहा है. एडवाइजरी जारी होने के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि अब लेबनान बॉर्डर पर भी संघर्ष बढ़ सकता है.
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