जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में रविवार 5 जनवरी को हिंसा हुई. मास्क पहने और हाथों में लाठी-डंडा लिए कुछ लोगों ने छात्रों पर हमला किया. इस हमले में जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष सहित कई लोग घायल हुए हैं. घायल 18 छात्रों को एम्स में भर्ती कराया गया है. एम्स ट्रॉमा सेंटर के अधिकारियों ने बताया कि घोष के सिर पर चोट के निशान हैं. उनकी जांच चल रही है. हमले में जेएनयू के CSRD की फैकल्टी सुचरिता सेन को सिर में गंभीर चोट लगी है. उन्हें भी एम्स में भर्ती कराया गया है. वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने एम्स में घायल छात्रों से मुलाकात की. उनके साथ दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा भी थे. एम्स के दौरे के बाद प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया,
एम्स ट्रॉमा सेंटर में घायल छात्रों ने मुझे बताया कि गुंडों ने कैंपस में घुसकर लाठी और अन्य हथियारों से हमला किया. कई के सिर पर चोट के निशान थे. एक छात्र ने कहा कि पुलिस ने उसके सिर पर कई बार लात मारी.
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों पर हमले की घटना की जांच वेस्टर्न रेंज की जॉइंट पुलिस कमिश्नर शालिनी सिंह करेंगी. वहीं हिंसा के बाद टीचर्स और स्टूडेंट्स विरोध प्रदर्शन के लिए जमा हुए हैं. इस हिंसा के लिए जेएनयू स्टूडेंट यूनियन और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. ABVP की जेएनयू यूनिट के अध्यक्ष दुर्गेश कुमार का कहना है कि जेएनयू में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं पर लेफ्ट के छात्र संगठनों एसएफआई, आइसा और डीएसएफ से जुड़े करीब 400 से 500 लोगों ने हमला किया. इस हमले में एबीवीपी से जुड़े करीब 15 छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं. एबीवीपी ने दावा किया कि इस हमले में उसके अध्यक्ष पद के उम्मीदवार मनीष जांगिड़ बुरी तरह से घायल हो गए हैं. शायद मारपीट के बाद उनका हाथ टूट गया है. दुर्गेश ने कहा कि छात्रों पर पत्थर फेंके गए और डंडे बरसाए गए, जिसके चलते कुछ के सिरों पर चोटें आई हैं. वहीं जेएनयू छात्रसंघ का कहना है कि साबरमती और अन्य हॉस्टल में एबीवीपी ने प्रवेश कर छात्रों की पिटाई की. एबीवीपी ने पथराव और तोड़फोड़ भी की. हमले में बुरी तरह घायल हुईं जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष ने कहा, 'मुझे मास्क पहने गुंडों ने बेरहमी से मारा. मेरा खून बह रहा है.
JNU प्रोफेसर ने बताया CAA प्रोटेस्ट में यूनिवर्सिटी के छात्र कांग्रेस और विपक्ष से आगे क्यों हैं?