महाराष्ट्र के मुंबई में कथित तौर तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत हो गई थी. इस मामले में नया अपडेट आया है. घटना के बाद तरबूज को फॉरेन्सिक जांच के लिए भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार है. लेकिन, शनिवार, 2 मई को इसे लेकर महाराष्ट्र फूड एवं ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की जांच रिपोर्ट आ गई. इसमें कहा गया कि तरबूज के नमूनों में किसी भी तरह की विषैली चीज के मिलावट के संकेत नहीं मिले हैं.
मुंबई में तरबूज ने ली थी परिवार की जान? FDA की रिपोर्ट में क्या सामने आया?
पुलिस अब कलीना फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. यह रिपोर्ट तय करेगी कि मौत खाने में बैक्टीरिया के पनपने से हुई फूड पॉइजनिंग के कारण हुई, या फिर किसी जहरीले पदार्थ से.


26 अप्रैल को साउथ मुंबई में पाइधोनी बिल्डिंग में रहने वाले अब्दुल्ला डोकाडिया (40), उनकी पत्नी नसीम (35) और दो बेटियों आयशा (16) और जैनब (13) की तरबूज खाने के बाद तबीयत बिगड़ गई थी. बाद में चारों की मौत हो गई.
Forensic Lab की रिपोर्ट का इंतजारएक अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि महाराष्ट्र फूड एवं ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने जांच के लिए जो नमूने लिए थे, उनकी जांच हो चुकी है. तरबूज, बिरयानी, पानी और मसालों की शुरुआती जांच में किसी भी तरह की मिलावट के कोई संकेत नहीं मिले हैं. एक दूसरे अधिकारी ने बताया कि पुलिस अब कलीना फॉरेन्सिक साइंस लैब (FSL) की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. यह रिपोर्ट तय करेगी कि परिवार की मौत खाने में बैक्टीरिया के पनपने से हुई. फूड पॉइजनिंग के कारण हुई या फिर किसी जहरीले पदार्थ से.
एक सीनियर अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर एक्सप्रेस को बताया कि FDA खाने की चीजों में मिलावट की जांच करता है. वहीं बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण या जहर की जांच फॉरेन्सिक के अंडर आती है. अधिकारी ने बताया कि केवल FSL की रिपोर्ट ही साबित कर पाएगी कि मौतें बैक्टीरिया के पनपने से हुईं या फूड पॉइजनिंग या फिर जहर के कारण हुईं.
बेहोशी की हालत में लाया गया था अस्पतालपहले इस मामले पर जानकारी देते हुए सर जेजे अस्पताल के मेडिकल सुपरिन्टेंडेंट डॉ संजय सुरासे ने कहा था कहा कि परिवार को आधी बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था. उनमें जो लक्षण दिख रहे थे तो वो सामान्य फूड पॉयजनिंग के लक्षणों से काफी अलग थे. उन्होंने कहा कि अगर ये फूड पॉयजनिंग होती तो उसके लक्षण बिल्कुल अलग होते. आमतौर पर इसमें इतनी तेजी से हालत नहीं बिगड़ती. न ही मामला इतना गंभीर होता है. परिवार के सदस्यों की तबीयत में तेजी से गिरावट आ रही थी.
डॉक्टर के मुताबिक एक ही परिवार के सभी लोगों का एक साथ इतना गंभीर बीमार होना नॉर्मल नहीं है. ऐसे में शक है कि यह किसी जहरीले या केमिकल पदार्थ का असर हो सकता है. इसीलिए सेंपल को FSL के पास बेजा गया ताकि उनकी जांच हो सके.
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