डॉनल्ड ट्रंप 'लीडर ऑफ द फ्री वर्ल्ड हैं. क्या कार, क्या प्लेन, क्या घर. सब एकदम झकास है. बस एक चीज़ की दरकार है, इज़्ज़त. और वो उन्हें ढूंढे से नहीं मिल रही. लोग उन्हें अब भी भाजी-पाला ही समझते हैं. कोई भी, कभी भी उनकी इज़्ज़त का कचरा कर देता है. लेटेस्ट उदाहरण है जापान के पीएम की पत्नी का. कहा जा रहा है कि वो एक डिनर के दौरान पौने दो घंटे उनके पास बैठीं लेकिन न हां किया न हूं. बहाना बना दिया कि भैया हमें तो अंग्रेज़ी आती ही नहीं. टोटल बेइज्जती. मज़े की बात ये है कि ट्रंप का राज़, राज़ ही रहता अगर वो अपनी ज़बान पर काबू रख लेते. लेकिन यही एक काम तो उनसे आज तक नहीं हुआ. तो उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए इंटरव्यू में खुद ही सब बता दिया. ट्रंप उवाच ये रहा, G 20 समिट के दौरान डिनर का समय कुछ मुश्किल से कटा. मैं जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे की पत्नी अकी आबे के साथ बैठा था, जिन्हें शायद इंग्लिश नहीं आती. पौने दो घंटे चले डिनर में बमुश्किल कोई बातचीत हुई. वहां एक दुभाषिया था. जितनी बात हुई, उसी के ज़रिए हुई. यहां झोल ये है कि अकी आबे को ट्रंप से बात करने के लिए दुभाषिये की ज़रूरत थी ही नहीं. उन्हें अंग्रेज़ी आती है. सबूत संलग्न हैः https://youtu.be/Uhn4EFGiZhA?t=184 ट्रंप जिस डिनर की बात कर रहे हैं, वो 8 जुलाई को जर्मनी के हैम्बर्ग शहर में G 20 समिट के दौरान हुआ था. अकी आबे वाले 'हादसे' के बाद ट्रंप मौका मिलते ही अपने जिगरी दोस्त पुतिन के पास चल दिए थे. तो कुल जमा बात ये है कि अगर सचमुच अकी आबे पौने दो घंटा शांत रहीं और जो बोलीं वो दुभाषिए के ज़रिए ही, तो इसका मतलब यही निकलता है कि उन्होंने अंग्रेज़ी न आने का ढोंग इसीलिए किया कि उन्हें ट्रंप से बात न करनी पड़ जाए! इस हिसाब से ट्रंप के साथ ये दूसरी हाई लेवल बेइज़्ज़ती है. इस से पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्यु्अल मैक्रॉन ने तो रेड कार्पेट पर ट्रंप के साथ कांड किया था. ट्रंप देखते रहे और मैक्रॉन ने पहले एंजेला मर्केल से हाथ मिलाया था. वीडियो ये रहाः
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