उत्तर प्रदेश के बांदा में एक एंबुलेंस की 'तबीयत' खराब हो गई. गाड़ी मरीज को जिला अस्पताल छोड़कर निकली ही थी कि ‘जवाब दे गई’. मानो ‘जान’ ही न रही. शुकर है उस समय वहां स्टाफ और मरीज के परिजनों की 'सुविधा' मौजूद थी. उन्होंने एंबुलेंस को बचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी. सबने मिलकर गाड़ी को किनारे लाने के लिए धक्का लगाया, ताकि मकैनिक उसका 'ऑपरेशन' कर सके. इसका वीडियो सामने आया तो लोगों ने फिर वही सवाल उठाए जिनके जवाब कभी नहीं मिलेंगे. बाकी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं.
अस्पताल पहुंचते ही एंबुलेंस की 'तबीयत' बिगड़ी, मकैनिक-तीमारदारों ने मिलकर ठीक किया
Banda Ambulance Pushing viral Video: एंबुलेंस मरीज को हॉस्पिटल छोड़कर वापस लौट रही थी. तभी उसमें कुछ तकनीकी खराबी आ गई और ये अस्पताल परिसर में ही बंद पड़ गई. रास्ता ब्लॉक हो रहा था, तो गाड़ी को किनारे करने के लिए स्टाफ समेत मरीज के परिजनों ने भी हाथ बंटा दिया.


इंडिया टुडे से जुड़े सिद्धार्थ गुप्ता की रिपोर्ट के मुताबिक ये एंबुलेंस मरीज को हॉस्पिटल छोड़कर वापस लौट रही थी. तभी उसमें कुछ तकनीकी खराबी आ गई और ये अस्पताल परिसर में ही बंद पड़ गई. रास्ता ब्लॉक हो रहा था, तो गाड़ी को किनारे करने के लिए स्टाफ समेत मरीज के परिजनों ने भी हाथ बंटा दिया. वीडियो में देखा जा सकता है कि 5 से 6 लोग मिलकर एंबुलेंस को धक्का लगाते हुए उसे किनारे लगा रहे हैं.
मामले पर आजतक ने एक्टिंग चीफ मेडिकल ऑफिसर (ACMO) अजय कुमार से बात की. उन्होंने बताया, “108 एंबुलेंस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर से मैंने बात की. उन्होंने बताया कि एक पेशेंट को लेकर जिला अस्पताल एंबुलेंस आई थी. और एंबुलेंस जब पेशेंट को ड्रॉप कर वापस जा रही थी, तभी उसमें कुछ इलेक्ट्रिकल फॉल्ट आ गया. जिसकी वजह से गाड़ी बंद हो गई थी. कर्मचारियों ने उसको धक्का देकर किनारे लगा दिया.”
डॉक्टर ने बताया कि ‘लगभग 10 मिनट के अंदर’ मकैनिक ने एंबुलेंस को आकर ठीक भी कर दिया था.
फिर भी ये मामला सरकारी अस्पतालों की खस्ता हालत की एक और मिसाल पेश तो करता ही है. सवाल बनता है कि अगर ये गाड़ी अस्पताल पहुंचने से पहले खराब हो जाती तो? और उसकी वजह से मरीज के साथ कुछ हो जाता तो? क्या सरकारी एंबुलेंसों की समय-समय पर तकनीकी जांच होती है?
दो दिन पहले मध्य प्रदेश के कटनी से एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक महिला एंबुलेंस को पानी से धो रही थी. वजह? महिला का पति एक एक्सीडेंट में घायल हो गया था. हालत काफी खराब थी. डॉक्टर्स ने डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल से जबलपुर रेफर किया था. मगर एंबुलेंस वाले ने दूसरी जगह जाने से पहले परिजनों से पैसे मांगे और उनसे गाड़ी धुलावाई. एंबुलेंस स्टाफ का कहना था कि मरीज की वजह से वो गंदी हो गई थी. मामला सामने आने के बाद कर्मचारी मोहित को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया.
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