आजतक संवाददाता कमलजीत संधू की रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षाबल, जम्मू-कश्मीर में लगातार आतंकियों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं. इसी अभियान के तहत जैश के 4 आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है. ये आतंकी ड्रोन के जरिए गिराए गए हथियारों को जमा करने और घाटी में सक्रिय जैश आतंकियों तक उन्हें पहुंचाने की साजिश रच रहे थे. साथ ही IED हमला करने की फिराक में थे.
रिपोर्ट में कहा गया है कि आतंकी देश के अन्य शहरों में भी 'टारगेट' की रेकी कर रहे थे. पुलिस ने सबसे पहले मुंतजिर मंजूर उर्फ सैफुल्ला को गिरफ्तार किया. ये पुलवामा का रहने वाला है और जैश का आतंकी है. इसके पास से पुलिस ने पिस्तौल, मैगजीन, कारतूस और हैंडग्रेनेड बरामद किए हैं. पुलिस ने उस ट्रक को भी सीज किया है जिसे घाटी में हथियारों को लाने के लिए इस्तेमाल किया गया था.
पुलिस ने एक के बाद एक ट्वीट करके इस बारे में जानकारी दी है.इस कामयाबी के बाद पुलिस ने उसकी दी जानकारी के आधार पर 3 और आतंकियों को गिरफ्तार किया. इनमें पहला नाम इजाहर खान उर्फ सोनू खान का है. सोनू पश्चिमी यूपी के शामली जिले का रहने वाला है. सोनू के अलावा शोपियां के रहने वाले तौसीफ अहमद शाह और पुलवामा के रहने वाले जहांगीर अहमद भट को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है.
सोनू ने पुलिस को बताया कि पाकिस्तान के जैश कमांडर मुनाजिर खान ने उसे अमृतसर से हथियार उठाने को कहा था जो ड्रोन से गिराए गए थे. साथ ही उसे पानीपत रिफायनरी की रेकी करने को भी कहा था. उसने रेकी की और पाकिस्तान वीडियो भी भेजे. इसके बाद उसे अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि की रेकी का टास्क दिया गया, लेकिन इससे पहले ही उसकी गिरफ्तारी हो गई.
तौफीक अहमद शाह को पाकिस्तानी जैश कमांडर शाहिद औऱ अबरार ने जम्मू पहुंचने के लिए कहा था. तौफीक जम्मू पहुंच गया. इसके बाद उसे एक बाइक खरीदने को कहा गया. इसी बाइक के जरिए जैश IED ब्लास्ट करना चाहता था. इसमें इस्तेमाल होने वाली IED को ड्रोन के जरिए गिराया जाना था, लेकिन इससे पहले ही तौफीक को गिरफ्तार कर लिया गया.
तीसरा आतंकी जहांगीर अहमद भट, फलों का व्यापारी है. वह जैश के आतंकी शाहिद के संपर्क में था और उसने ही इजाहर खान की पहचान शाहिद से कराई थी. ऐसा दावा है कि भट, जैश के लिए कश्मीरी युवाओं की भर्ती कर रहा था.
























