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पाकिस्तान से आए जिन हिंदू विस्थापितों के घर तोड़े गए, उनके खाने-पीने की व्यवस्था हो गई है

IAS टीना डाबी ने कहा - जिन्हें भारत की नागरिकता मिल चुकी है, उन्हें ज़मीन दी जाएगी.

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टीना डाबी ने कहा है कि हिंदू पाकिस्तानी विस्थापितों से उनकी अच्छे से बात हो गई है (फोटो: आजतक)

17 मई को जैसलमेर में IAS टीना डाबी के आदेश पर अतिक्रमण रोधी कार्रवाई हुई. इस दौरान पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थियों के घरों पर बुलडोज़र चला, क्योंकि ये शासकीय भूमि पर बिना अनुमति बने थे. इस कार्रवाई के चलते 150 से ज़्यादा बच्चे, महिला और पुरुष बेघर हो चुके हैं. अब ख़बर आई है कि 17 मई की शाम को कलेक्टर Tina Dabi ने करीब 50 परिवारों के लोगों के लिए खाने और पीने के पानी की व्यवस्था करवा दी है.

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आजतक से जुड़े विमल भाटिया की रिपोर्ट के मुताबिक, 18 मई को IAS टीना डाबी ने इस मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. जिसमें उन्होंने कहा, 

'अर्बन इंप्रूवमेंट ट्रस्ट (UIT) जैसलमेर द्वारा अप्रैल से ही प्राईम लैंड पर से अतिक्रमण हटाने का प्रयास किया जा रहा था. लोगों को समझाइश दी जा रही थी. लेकिन बहुत से लोग नहीं माने. जो कल (17 मई 2023 को) अतिक्रमण हटाए गए थे, वो ऐसे खसरों पर थे, जो UIT ने पहले ही आवंटित किए हुए थे. या फिर वो पानी का कैचमेंट एरिया था. इन सभी को लेकर लोगों से बात की गई. उन्हें बताया गया कि ये ज़मीन उन्हें देने में भी दिक्कत होगी. लेकिन वो नहीं माने इसलिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई. आज हम लोगों ने उनसे बात की. उनकी डिमांड सुनी. उनकी मुख्य डिमांड थी, कि उन्हें बैठने (बसने) के लिए जगह दी जाए.'

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सभी के लिए रहने की व्यवस्था

कलेक्टर ने आगे बताया कि UIT जैसलमेर द्वारा एक हफ्ते के अंदर सभी लोगों को चिन्हित ज़मीन दी जाएगी. ये ऐसी ज़मीन होगी जो पहले से किसी को अलॉट नहीं की गई हो और अमर सागर के लोगों को भी इस बसाहट से कोई आपत्ति नहीं होगी.

उन्होंने आगे कहा,

‘हम एक टीम बनाएंगे ज़मीन का सर्वे करेगी. ऐसी जगह ढूंढेगी जो सभी परिवारों के लिए सही हो. पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थियों में कुछ ऐसे भी परिवार हैं जिनके पास अभी भी रहने के लिए जगह नहीं है, तो जिला प्रशासन द्वारा हमारे रैन बसेरों में उनके रहने खाने-पीने की पूरी व्यवस्था की गई है. उन्हें कोई खर्चा नहीं उठाना होगा. एक हफ्ते में हम उनके लिए ज़मीन चिह्नित करेंगे. जिन्हें नागरिकता मिल चुकी है उनको ज़मीन दी जाएगी. जिन्हें नागरिकता नहीं मिली है, उनकी ज़मीन को चिह्नित कर उन्हें वहां बैठा दिया जाएगा. बाद में जब उन्हें नागरिकता मिल जाएगी तब उन्हें ज़मीन दे दी जाएगी.’

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उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी हिंदू विस्थापितों से उनकी अच्छे से बात हो गई है और वो सभी लोग मान गए हैं. उन्होंने अपना विरोध भी खत्म कर दिया है. 

वीडियो: IAS टीना डाबी ने जैसलमेर में पाकिस्तानी हिंदुओं के घर पर बुलडोजर क्यों चलवाया?

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