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ट्रेन में लोगों की हत्या करने वाले कॉन्स्टेबल को उसी ट्रेन के अंदर क्यों ले गई पुलिस?

आरोपी RPF कॉन्स्टेबल चेतन सिंह की कस्टडी 11 अगस्त तक बढ़ाई गई.

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बोरीवली मजिस्ट्रेट शिवदत्त ने चेतन सिंह की पुलिस कस्टडी को 11 अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया है. (फोटो- इंडिया टुडे)

चेतन सिंह. जयपुर-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन में 4 लोगों की हत्या करने वाला आरोपी RPF कॉन्स्टेबल. इस मामले की बोरीवली गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (GRP) जांच कर रही है. पुलिस ने 8 अगस्त को घटना का क्राइम सीन रीक्रिएट किया. इंडिया टुडे के सौरभ वक्तानिया की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस आरोपी चेतन सिंह को उसी ट्रेन के अंदर ले गई, जिसमें फायरिंग हुई थी. जयपुर-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन को मुंबई सेंट्रल यार्ड पर एक घंटे के लिए रोका गया था. इस पूरी जांच को रिकॉर्ड भी किया गया.

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कस्टडी 11 अगस्त तक के लिए बढ़ी

यही नहीं, बोरीवली मजिस्ट्रेट शिवदत्त ने चेतन सिंह की पुलिस कस्टडी को 11 अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया है. मामले में चेतन सिंह के खिलाफ IPC की एक और धारा लगाई गई है. नफरत फैलाने के आरोप में चेतन पर धारा 152 A के तहत भी मामला दर्ज कर लिया गया है.

मामले की जांच कर रही पुलिस ने बताया कि ट्रेन के हर दिन चलने के कारण कोच से CCTV फुटेज नहीं बरामद हो पाए हैं. लाइव लॉ में छपी रिपोर्ट के मुताबिक सिंह पर गलत तरीके से कैद करने और अपहरण से संबंधित IPC की धारा 341, 342 और 363 के तहत भी आरोप लगाए गए हैं.

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अनुकंपा के आधार पर मिली थी नौकरी

चेतन के पिता बच्चू सिंह RPF में ASI थे. मार्च 2007 में उनका निधन हो गया. तब वो मध्य प्रदेश के महू में तैनात थे. पिता की मौत के बाद चेतन को अनुकंपा के आधार पर 2009 में रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) में नौकरी मिल गई. मतलब चेतन कोई टेस्ट पास कर RPF जवान नहीं बना, पिता की जगह नौकरी दे दी गई. उसके चाचा मुकेश बतातें है कि वो स्कूली दिनों में स्पोर्ट्स में अच्छा था. इसके चलते ही उसे 12वीं कक्षा के बाद RPF की नौकरी पाने में मदद मिली.

दुर्व्यवहार की शिकायत

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पांच साल पहले जब चेतन उज्जैन में तैनात था, तब उसके खिलाफ 'अवज्ञा' (आज्ञा का पालन नहीं करने) की शिकायत आई थी. चेतन के सहयोगियों ने भी उसके दुर्व्यवहार और अनुशासनहीनता को लेकर शिकायत की थी. हालांकि, हाल में चेतन की कोई शिकायत नहीं आई थी, ना ही उसके खिलाफ कोई जांच लंबित है.

रतलाम मंडल के अंतर्गत उज्जैन रेलवे स्टेशन में काम करने के बाद चेतन का तबादला भावनगर हुआ. इसी साल मार्च में उसे मुंबई में पोस्टिंग मिली थी. 18 जुलाई को ही वो 12 दिन की छुट्टी के बाद ड्यूटी पर लौटा था. 1 अगस्त की सुबह जयपुर-मुंबई सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन में चेतन ने अपनी ARM राइफल से 12 राउंड फायरिंग की थी. इसमें ASI टीकाराम मीणा सहित चार लोगों की मौत हो गई थी.
 

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