जयपुर-मुंबई सेंट्रल एक्सप्रेस ट्रेन में चार लोगों की हत्या करने के आरोपी RPF जवान चेतन सिंह को लेकर नई जानकारियां सामने आ रही हैं. बुधवार, 2 अगस्त को चेतन सिंह के परिवार ने दावा किया कि उसका स्वास्थ्य काफी समय से ठीक नहीं था. वो काफी दबाव और तनाव में रहता था. घरवालों ने ये भी दावा किया था कि चेतन के दिमाग में खून का थक्का पाया गया था. लेकिन अब पुलिस ने इन दावों को सिरे से नकार दिया है. सरकारी न्यूज एजेंसी PIB ने रेलवे पुलिस (GRP) के हवाले से एक प्रेस रिलीज में ये जानकारी दी. हालांकि बाद में उसने इसे डिलीट कर दिया जिसके कारणों की फिलहाल जानकारी नहीं है.
ट्रेन में 4 हत्याएं करने वाले चेतन सिंह का दिमाग ठिकाने नहीं? GRP तो कुछ और कह रही
चेतन सिंह के परिवार ने दावा किया था कि उसका स्वास्थ्य काफी समय से ठीक नहीं था.



प्रेस रिलीज में GRP ने चेतन सिंह के मामले में अपना पक्ष सामने रखा था. चेतन के मेडिकल रिकॉर्ड पर बोलते हुए GRP ने बताया था कि विभाग में RPF जवानों की नियमित तौर पर मेडिकल जांच (PME) की जाती है. GRP के मुताबिक चेतन की पिछली जांच में ऐसा कुछ नहीं पाया गया था. GRP की ओर से कहा गया कि चेतन की मौजूदा (मानसिक) स्थिति की जांच उसने व्यक्तिगत तौर पर कराई होगी, लेकिन वो आधिकारिक रिकॉर्ड्स में दर्ज नहीं है.
पुलिस ने कहा कि आरोपी जवान अपनेआप को बचाने के लिए ऐसी बातें कर रहा है. उसके मुताबिक भले ही आरोपी का कुछ समस्याओं के कारण इलाज चल रहा हो, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि उसने मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण अपराध किया है. एक अधिकारी ने बताया,
"आरोपी चेतन सिंह ने जब अपराध किया तो वो पूरे होश में था. आरोपी ने वही किया जो वो करना चाहता था. मुझे नहीं लगता कि मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति इस तरह का अपराध करेगा."
इधर चेतन सिंह के वकील और परिवार के सदस्यों ने दावा किया है कि आरोपी ने अपराध इसलिए किया क्योंकि वो मानसिक रूप से अस्वस्थ है. वकील ने कहा कि चेतन सिंह के प्रति नरमी दिखाई जानी चाहिए.
अटेंडेंट ने क्या बताया?इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में कोच अटेंडेंट कृष्ण कुमार शुक्ला ने बताया कि 31 जुलाई की सुबह उनकी जोरदार आवाज सुनकर नींद खुली. पहले उन्हें लगा कि वो शोर शॉर्ट सर्किट का होगा. तभी वो B5 कोच में गए तो हाथ में राइफल लिए चेतन सिंह को देखा. वो B4 कोच की तरफ जा रहा था. शुक्ला ने बताया कि कुछ देर बाद आरोपी चेतन ASI मीणा के शव के पास आया और पांच मिनट तक वहीं खड़ा रहा.
अटेंडेंट ने बताया कि आरोपी चेतन दोबारा कोच B4 की तरफ गया. इसी दौरान उसने कथित तौर पर पहले अब्दुल कादिर को, फिर पैंट्री कोच में मोइनुद्दीन को और फिर S6 में असगर अब्बास शेख को गोली मारी. शुक्ला ने बताया उन्होंने फोन कर दो RPF कर्मियों को मामले की सूचना दी. वो बताते हैं कि वो अपनी जगह से हिलने में भी डर रहे थे. शुक्ला 12 साल से भारतीय रेलवे के लिए काम कर रहे हैं. बोले कि इस तरह की घटना के बारे में उन्होंने ना कभी सुना ना ऐसा कुछ देखा.
मंगलवार, 1 अगस्त को आरोपी चेतन को मुंबई के बोरीवली की एक अदालत में पेश किया गया था. पुलिस ने आरोपी की 14 दिन की कस्टडी मांगी थी. फिलहाल, अदालत ने आरोपी को 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है.
वीडियो: RPF जवान ने गोलियां बरसाने से पहले क्या-क्या किया, साथी कॉन्सटेबल ने बताया















