गति की दिशा में पहला डिब्बा बुआओं के लिए आरक्षित है.
हर डिब्बे में दो-दो सीटें मामाओं और फूफाओं के लिए आरक्षित हैं.
तेल के दिए लेकर दरवाजों से हटकर खड़े हों, तेल वाले हाथों से कांच न छुएं.
मेट्रो आपकी सुविधा के लिए है, सीट के नीचे केक चुपड़कर इसे गंदा न करें.
बैंडवाले पिछले डिब्बे में मिलेंगे. नाश्ते में बालूशाही के लिए इमरजेंसी की लाल बटन दबाएं.
अब ऐसे ही अनाउंसमेंट सुनाई देंगे. क्योंकि अब आप एक पूरी की पूरी मेट्रो बुक करा सकते हैं . इसमें अपनी बारात ले जा सकते हैं, बच्चों का हैप्पी बड्डे मना सकते हैं. दिल्ली वाली नहीं, जयपुर वाली. जयपुर मेट्रो ने इस पर प्रस्ताव तैयार किया है. जल्दी इस पर फैसला आ जाएगा. असल में जयपुर मेट्रो घाटे में चल रही है. राजस्थान सरकार इस पर हर महीने 70 लाख रुपए खर्च करती है.पर वो है कि घाटे में चल रही थी. जब शुरू हुई थी तब पहले महीने लोगो ने खूब मजे लिए थे मेट्रो में. उसके बाद जयपुर मेट्रो फ्लॉप हो गई. होगा क्या? जयपुर मेट्रो 9 किलोमीटर की दूरी कवर करती है. इसलिए बारात ले जाने के लिए एक घंटा ही मिलेगा. रास्ते में मेट्रो को स्टेशनों पर रोका जाएगा ताकि आप फोटो खिंचवा सकें. मेट्रो के डिब्बों को शादी के हिसाब से सजा भी सकते हैं. बर्थडे मनाना हो तब भी मेट्रो बुक करा सकते हैं. बच्चे के शौक के हिसाब से पूरी ट्रेन सजा लो और फिर गाओ हैप्पी बड्डे टू यू. साथ मेट्रो को फिल्मों की शूटिंग के लिए भी किराए पर दिया जाएगा.




















