कोलकाता की जादवपुर यूनिवर्सिटी में स्वप्नोदीप कुन्डु नाम के 18 वर्षीय छात्र की आत्महत्या का मामला राजनीतिक होता जा रहा है. BJP ने बुधवार, 16 अगस्त को यूनिवर्सिटी के सामने विरोध प्रदर्शन किया. पार्टी के नेता सुवेंदु अधिकारी ने 'जम्मू-कश्मीर' का जिक्र कर मामले की NIA जांच की मांग कर डाली. वहीं सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता सुदीप राहा ने मामले को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की. इसमें यूनिवर्सिटी के पदाधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं. इस बीच यूनिवर्सिटी के छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया.
जादवपुर यूनिवर्सिटी छात्र आत्महत्या मामले में BJP की मांग- NIA जांच हो, TMC ने गवर्नर को घेरा
पुलिस ने अब तक 9 छात्रों को अरेस्ट किया है, जिनमें से कुछ यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र हैं.
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स्वप्नोदीप कुन्डु बंगाल के नदिया जिला स्थित बागुला इलाके का रहने वाला था. वो जादवपुर यूनिवर्सिटी में बंगाली ऑनर्स फर्स्ट ईयर का छात्र था. बीती 9 अगस्त को उसने कथित तौर पर सीनियर्स की रैगिंग से परेशान होकर कॉलेज हॉस्टल की दूसरी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी.
कोर्ट पहुंची TMCइंडिया टुडे के सुजय घोष, सूर्याग्नि रॉय और राजेश साहा की रिपोर्ट्स के मुताबिक सुदीप राहा ने यूनिवर्सिटी की कई खामियों को लेकर कोर्ट में सवाल उठाए हैं. जैसे, यूनिवर्सिटी में सीसीटीवी क्यों नहीं लगे हैं, बाहरी लोगों को यूनिवर्सिटी में आने की इजाजत क्यों है. याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है,
‘यूनिवर्सिटी ड्रग का अड्डा बन चुकी है. बच्चे यहां समय बर्बाद करने आ रहे हैं. हम हाई कोर्ट से इस मामले में दखल देने की मांग करते हैं.’
हाई कोर्ट इस मामले में अगले सोमवार यानी 21 अगस्त को सुनवाई करेगा. पुलिस ने इस केस में बुधवार को 6 और लोगों को गिरफ्तार किया है. जबकि, 3 छात्र हादसे वाले दिन ही गिरफ्तार कर लिए गए थे. इस तरह केस में कुल 9 गिरफ्तारी हो चुकी है.
पुलिस ने क्या बताया?एक सीनियर अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि इनमें से कुछ यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र हैं. ये लोग कोर्स पूरा होने के बाद भी हॉस्टल में रह रहे थे. छात्र की आत्महत्या के बाद ये स्टूडेंट हॉस्टल से भाग गए थे. पुलिस ने यूनिवर्सिटी के छात्रों के सोशल मीडिया पोस्ट भी खंगाले हैं. उसे शक है कि छात्र के साथ यौन शोषण हुआ है.
पुलिस ने ये भी बताया कि पूछताछ में सभी गिरफ्तार छात्रों के जवाब बिल्कुल अलग-अलग हैं. इससे उसे संदेह है कि छात्र की आत्महत्या में इन स्टूडेंट्स की काफी सक्रिय भूमिका थी. उसने पूछताछ के लिए यूनिवर्सिटी के डीन ऑफ स्टूडेंट्स और रजिस्ट्रार को भी समन भेजा है. उधर यूनिवर्सिटी ने मामले की आंतरिक जांच 11 सदस्यीय कमेटी को सौंप दी है.
TMC इस घटना को लेकर बंगाल के गवर्नर सीवी आनंद बोस पर भी सवाल उठाए रही है. राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रत्या बसु ने कुछ दिनों पहले कहा था कि जादवपुर यूनिवर्सिटी गवर्नर के अधिकार क्षेत्र में आती है. यूनिवर्सिटी के अंदर इस तरह का मामला सिस्टम की असफलता को बताता है.
छात्र ने मरने से पहले क्या लिखा था?
इस मामले में कथित तौर पर छात्र का लिखा हुआ एक आवेदन भी सामने आया है. इसमें उसने कुछ सीनियर्स पर जूनियर छात्रों की रैगिंग का आरोप लगाया था. उसने लिखा है कि अगर जूनियर्स टास्क करने से इनकार कर दें तो उन्हें छत से नीचे फेंकने की धमकी दी जाती है. नोट में लिखा है,
"सीनियर्स हॉस्टल में नशा करते हैं. मैं और मेरे परिवार वाले बहुत डरे हुए हैं. मैं आपसे इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का निवेदन करता हूं."
लेकिन ये नोट भी सवालों के घेरे में है. क्योंकि इस शिकायत रूपी आवेदन में 10 अगस्त की तारीख दी हुई है, जबकि छात्र ने आत्महत्या की 9 अगस्त को. पुलिस इस लेटर की भी जांच कर रही है. आशंका ये भी जताई जा रही है कि हो सकता है किसी ने किसी दूसरे को बचाने या फंसाने लिए स्वप्नोदीप के नाम से ये लेटर लिखा हो. जांच के बाद ही ये सब साफ हो पाएगा.
धरने पर छात्र-टीचर
घटना से छात्र, टीचर्स असोसिएशन और छात्र संघ में काफी रोष है. यूनिवर्सिटी के छात्र कैंपस में धरने पर बैठे हुए हैं. जादवपुर यूनिवर्सिटी टीचर्स असोसिएशन (JUTA) भी कॉलेज प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है. स्वप्नोदीप कुंडु प्रथम वर्ष का छात्रा था. JUTA के टीचर्स ने विशेष तौर पर फर्स्ट ईयर के छात्रों का शोषण न करने की मांग की है.
वहीं TMC और BJP के नेता भी प्रदर्शन कर रहे हैं. BJP का कहना है कि वो अगले तीन दिनों तक यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन करेगी. बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने मामले की जांच NIA से करानी की मांग की है. अधिकारी ने कहा,
"मैंने जादवपुर यूनिवर्सिटी के छात्र की मौत के राजों का पता लगाने के लिए NIA जांच की मांग करता हूं. आज जो 6 लोग गिरफ्तार हुए हैं, उनमें से दो जम्मू-कश्मीर से पकड़े गए हैं. सत्ताधारी दल ने दूसरे राज्यों से आए छात्रों को रेजिडेंशियल सर्टिफिकेट दिए थे. उन्हें ओबीसी सर्टिफिकेशन के तहत छूट दी गई थी."
उधर शिक्षा मंत्री ब्रत्या बसु समेत बंगाल सरकार के कुछ प्रतिनिधियों ने छात्र के परिवार वालों से मुलाकात की.
इस बीच पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग के लोग भी जादवपुर यूनिवर्सिटी पहुंचे. टीम ने उस जगह का भी दौरा किया जहां छात्र ने बाल्कनी से कूदकर जान दे दी थी. सूत्रों के मुताबिक टीम ने मुख्य हॉस्टल के रजिस्ट्रार और जॉइंट रजिस्ट्रार से सवाल जवाब किए. वो यूनिवर्सिटी के प्रो वाइस चांसलर से भी सवाल कर सकती है.
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