द लल्लनटॉप के खास कार्यक्रम जमघट में इस बार बात हुई केंद्रीय रेल मंत्री अश्विणी वैष्णव से. वैष्णव के पास मोदी सरकार में रेल मंत्रालय के अलावा IT मंत्रालय भी है. इंटरव्यू के दौरान उनसे देश-दुनिया के तमाम मसलों पर बातचीत हुई. उनके मंत्रालयों के संबंधित सवाल जवाब भी हुए.
केंद्रीय मंत्री अश्विणी वैष्णव से सवाल-जवाब, डेटा प्रोटेक्शन बिल, पेगासस और ट्विटर पर क्या बोले?
iPhone हैक करने के मैसेज पर क्या बोले Ashwini Vaishnav.

पिछले साल सरकार ने डेटा प्रोटेक्शन बिल संसद में पास करवाया था. ये बिल वैष्णव के मंत्रालय से संबंधित था. बिल के कुछ पहलुओं पर सरकार की काफी आलोचना हुई थी. मसलन, ये बिल सरकार को अधिकार देता है कि आपात स्थिति में सरकार किसी के भी फोन को ऐक्सेस कर सकती है. इस पर अश्विणी वैष्णव ने कहा,
करीब-करीब 34 हजार लोगों की राय ली गई. हर स्टेक होल्डर से डिटेल्ड डिस्कशन किया गया. इस क्षेत्र में यूरोप का मॉडल देखा गया, बाकी देशों के मॉडल को भी समझा गया. हर इंडस्ट्री से जुड़े हर प्रतिभागी की राय ली गई. स्पष्ट तौर पर एक ऐसा मसौदा बना है जिसे सारी दुनिया सराह रही है. इस बात का ध्यान रखा गया है कि रेगुलेशन ज्यादा न हो जाए. प्रोटेक्शन पूरा मिले लेकिन इनोवेशन में कोई अड़चन न आए. क्योंकि स्टार्टअप इकोसिस्टम हमारी बहुत बड़ी ताकत है.
केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि डेटा प्रोटेक्शन बिल दुनिया का सबसे बेहतरीन फ्रेमवर्क है जिसमें सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया है और इंडस्ट्री के हितों का भी.
इसके बाद में अश्विणी वैष्णव से पेगासस को लेकर भी सवाल पूछा गया. इस पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के सुपरविज़न में एक विशेषज्ञ समिति ने जांच की है. सुप्रीम कोर्ट के सामने इस समिति ने रिपोर्ट पेश की है. हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने ये टिप्पणी क्यों की कि सरकार जांच में सहयोग नहीं कर रही है, तो केंद्रीय मंत्री ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि ये बात गलत है. सरकार ने जांच में पूरा सहयोग किया. सारी जानकारी दी गई है.
पेगासस प्रकरण जब सामने आया तो आरोप लगे थे कि कई नेताओं के भी फोन में इस वायरस की मदद से रेकी की गई है. इन नेताओं की लिस्ट में अश्विणी वैष्णव का भी नाम था. उनसे जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है. सबके फोन की जांच हो चुकी है. ऐसी कोई बात सिद्ध नहीं हुई है. बावजूद इसके अगर किसी को लगता है तो वो अपने फोन की जांच किसी भी प्राइवेट संस्था में जाकर करा सकता है.
केंद्रीय IT मंत्री से इस बाबत भी सवाल पूछा गया कि सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक करने के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट सरकार से सहमत नहीं दिखाई देता. इस पर वैष्णव ने एक दलील दी. उन्होंने कहा-
80 और 90 के दशक में जब इंटरनेट इस्तेमाल में आना शुरू हुआ तो उसका प्रभाव पूरे जनमानस पर नहीं था. लेकिन आज के दौर में इंटरनेट लोगों की बुनियादी जरूरत बन गया है. ऐसे में इंटरनेट को बिना निगरानी के छोड़ा नहीं जा सकता. उसके लिए भी नियम कानून होने जरूरी हैं.
उन्होंने कहा कि सभी सोशल मीडिया कंपनियों को देश का कानून मानना पड़ेगा.
iPhone के फोन कौन हैक कर रहा?अश्विणी वैष्णव से ऐपल के उस नोटिफिकेशन के बारे में भी सवाल पूछा गया जब कंपनी की तरफ से यूज़र्स को मैसेज आया था कि आपके फोन को हैक करने की कोशिश की जा रही है. इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसी भी ऐपल यूजर ने अब तक ऐसा सबूत नहीं पेश किया. उन्होंने कहा कि किसी को भी ऐसा संदेह है तो निजी संस्था में जाकर अपने फोन की जांच करा सकता है. लेकिन अब तक किसी ने ऐसा किया नहीं है.
वीडियो: 'जासूसी कराने की कोशिश' के आरोप और ऐप्पल अलर्ट पर अब आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ये जवाब दिया













