अब फिंच 11 रन बना चुके थे. टीम का स्कोर 28 रन हो चुका था. अश्विन के ओवर की आखिरी गेंद थी. फिंच ने पैड आगे अड़ाने की कोशिश की. गेंद पैड और ग्लव के बीच से निकल कर ऋषभ पंत के दस्तानों में चली गई. अंपायर ने उंगली उठा दी और पूरी टीम इंडिया खुशी में उछल पड़ी. फिंच कन्फ्यूज दिखे. वो नॉन स्ट्राइकर के पास गए और ये तय नहीं कर पाए कि रिव्यू लें या नहीं. आखिरकार, फिंच वापस चल दिए. फिंच वो भरोसा खो चुके थे क्योंकि पहले तो रन नहीं बन रहे, ऊपर से टीम के लिए एक रिव्यू खोने का डर भी था. मगर जब कमेंट्री बॉक्स पर बैठे माइकल कलार्क ने ये देखा तो वो गुस्साते दिखे. उन्होंने कहा- धरती पर कौन ही ऐसा प्लेयर होगा जो इस तरह वापस चल देगा, जब रिव्यू का ऑप्शन था और उसमें साफ तौर पर फिंच एक बार फिर से बचते दिख रहे थे. स्निकोमीटर में गेंद ग्लव से लगती नहीं दिख रही थी. इसी को कहते हैं- दूध का जला, कोल्ड ड्रिंक भी फूंक फूंक कर पीता है. दूध से जले फिंच ने कोल्ड ड्रिंक भी फूंक कर पीने की कोशिश की और मुंह जला लिया
अब पवेलियन में रीप्ले देख देखकर रो रहे होंगे.
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इशांत की नो बॉल से बचे, अश्विन के छल में फंसे.
एडिलेड टेस्ट के चौथे दिन इंडिया ने ये मैच पूरी तरह अपने कब्जे में कर लिया है. 307 रन बनाकर टीम आउट हुई और पिछली पारी की 15 रनों की बढ़त मिलाकर इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को 323 रनों का टारगेट दे दिया. इस पर बात बाद में कि किसने कितने रन बनाए. मगर सबसे पहले बात इंडिया की तरफ से फेंकी गई पहली गेंद पर. चौथी पारी में ऑस्ट्रेलिया के ऊपर इस स्लो पिच पर 323 रनों का पहाड़ पार करने की चुनौती है. पहला ओवर इशांत का था. सामने एरॉन फिंच. वही फिंच जो पहली पारी में भी इशांत की तीसरी गेंद पर जीरो पर बोल्ड हो गए थे. इस बार इशांत की दूसरी ही गेंद पर फिंच गच्चा खा गए और गेंद ऑफ स्टंप के सामने से जाती हुई फिंच के पैड पर लगी. इशांत समेत पूरी टीम ने अपील की और अंपायर ने उंगली उठा दी. ये टीम इंडिया के लिए फिर से एक ड्रीम स्टार्ट था. कोहली फिर उसी अंदाज में इस विकेट को सेलिब्रेट करते दिखे. ऑस्ट्रेलिया के लिए ये बड़ा झटका था. स्कोर 0-1 हो गया.
मगर फिंच के पास रिव्यू लेने के अलावा और कोई ऑप्शन था नहीं. तो रिव्यू लिया गया. थर्ड अंपायर ने हर बार की तरह रिव्यू की शुरुआत इशांत के पैर से की. और ये क्या, यहां तो इशांत का पैर लाइन से बाहर था. बस हल्की सी एड़ी लाइन को छू रही थी. फिर तो आगे इस ये चेक करने की जरूरत ही नहीं पड़ी कि गेंद पैड पर सीधे लगी या विकेट को मिस कर रही थी या नहीं. इसे नो बॉल दिया गया. टीम इंडिया के फील्डर्स वापस अपनी पॉजिशन्स पर पहुंच गए. कमेंट्री बॉक्स में फिर से इशांत की फुट मूवमेंट को देख गया तो पता चला कि इशांत शर्मा लगातार लाइन से बाहर जाकर गेंद कर रहे हैं.
अब फिंच 11 रन बना चुके थे. टीम का स्कोर 28 रन हो चुका था. अश्विन के ओवर की आखिरी गेंद थी. फिंच ने पैड आगे अड़ाने की कोशिश की. गेंद पैड और ग्लव के बीच से निकल कर ऋषभ पंत के दस्तानों में चली गई. अंपायर ने उंगली उठा दी और पूरी टीम इंडिया खुशी में उछल पड़ी. फिंच कन्फ्यूज दिखे. वो नॉन स्ट्राइकर के पास गए और ये तय नहीं कर पाए कि रिव्यू लें या नहीं. आखिरकार, फिंच वापस चल दिए. फिंच वो भरोसा खो चुके थे क्योंकि पहले तो रन नहीं बन रहे, ऊपर से टीम के लिए एक रिव्यू खोने का डर भी था. मगर जब कमेंट्री बॉक्स पर बैठे माइकल कलार्क ने ये देखा तो वो गुस्साते दिखे. उन्होंने कहा- धरती पर कौन ही ऐसा प्लेयर होगा जो इस तरह वापस चल देगा, जब रिव्यू का ऑप्शन था और उसमें साफ तौर पर फिंच एक बार फिर से बचते दिख रहे थे. स्निकोमीटर में गेंद ग्लव से लगती नहीं दिख रही थी. इसी को कहते हैं- दूध का जला, कोल्ड ड्रिंक भी फूंक फूंक कर पीता है.
अब फिंच 11 रन बना चुके थे. टीम का स्कोर 28 रन हो चुका था. अश्विन के ओवर की आखिरी गेंद थी. फिंच ने पैड आगे अड़ाने की कोशिश की. गेंद पैड और ग्लव के बीच से निकल कर ऋषभ पंत के दस्तानों में चली गई. अंपायर ने उंगली उठा दी और पूरी टीम इंडिया खुशी में उछल पड़ी. फिंच कन्फ्यूज दिखे. वो नॉन स्ट्राइकर के पास गए और ये तय नहीं कर पाए कि रिव्यू लें या नहीं. आखिरकार, फिंच वापस चल दिए. फिंच वो भरोसा खो चुके थे क्योंकि पहले तो रन नहीं बन रहे, ऊपर से टीम के लिए एक रिव्यू खोने का डर भी था. मगर जब कमेंट्री बॉक्स पर बैठे माइकल कलार्क ने ये देखा तो वो गुस्साते दिखे. उन्होंने कहा- धरती पर कौन ही ऐसा प्लेयर होगा जो इस तरह वापस चल देगा, जब रिव्यू का ऑप्शन था और उसमें साफ तौर पर फिंच एक बार फिर से बचते दिख रहे थे. स्निकोमीटर में गेंद ग्लव से लगती नहीं दिख रही थी. इसी को कहते हैं- दूध का जला, कोल्ड ड्रिंक भी फूंक फूंक कर पीता है. Add Lallantop as a Trusted Source

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