ईरान में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं (Iran Protest News). इंटरनेट पूरी तरह से बंद है. इसके बावजूद, राजधानी तेहरान में लोग बड़ी संख्या में सरकार के खिलाफ डटे हुए हैं. प्रदर्शनकारियों ने तेहरान की अल-रसूल मस्जिद में आग लगा दी है. पिछले 24 घंटों में कई लोगों की मौत की खबर है. वहीं, एक डॉक्टर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया है कि तेहरान के छह अस्पतालों में कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत गोली लगने से हुई है.
सिर्फ तेहरान में 217 मौतें... ईरानी डॉक्टर के इस दावे के बाद ट्रंप बोले- 'मत मारो, फिर हम भी मारेंगे गोलियां'
Iran में लोग बड़ी संख्या में सरकार के खिलाफ डटे हुए हैं. प्रदर्शनकारियों ने तेहरान की अल-रसूल मस्जिद में आग लगा दी है. उधर, Donald Trump ने कहा कि अमेरिका हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और ईरान को चेतावनी दी है कि वह लोगों पर घातक बल का इस्तेमाल न करे. अयातुल्ला अली खामेनेई का भी इस पर जवाब आया है.


इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान इस वक्त ‘गंभीर संकट’ से गुजर रहा है, क्योंकि पूरे देश में विरोध प्रदर्शन फैलते जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि अमेरिका हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और ईरान को चेतावनी दी है कि वह लोगों पर घातक बल का इस्तेमाल न करे. ट्रंप ने शनिवार, 10 जनवरी को कहा,
बेहतर होगा कि आप गोलीबारी शुरू न करें, क्योंकि फिर हम भी गोलीबारी शुरू कर देंगे.
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि ईरानी लोगों को जल्द ही जीत का एहसास होगा. उन्होंने कहा,
ईश्वर की कृपा से बहुत जल्द सभी ईरानियों के दिलों में जीत की भावना आएगी.

इससे पहले, खामेनेई ने कहा था कि देश में जारी अशांति के बीच सरकार उन लोगों को बर्दाश्त नहीं करेगी, जो विदेशी ताकतों के इशारे पर काम कर रहे हैं.
ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, सीनियर ईरानी अधिकारी हसन रहिमपुर अजघादी ने अमेरिका को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान को, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को उसी तरह पकड़ लेना चाहिए, जैसा अमेरिका ने वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो के साथ किया था. यह बयान ईरान में चल रहे प्रदर्शनों पर अमेरिका के रुख के जवाब में दिया गया है.

एलन मस्क की कंपनी वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर ईरान के झंडे को लेकर बड़ा बदलाव दिखा है. X ने ईरान के मौजूदा राष्ट्रीय ध्वज की इमोजी हटाकर इस्लामी क्रांति से पहले वाले पुराने झंडे की इमोजी दिखानी शुरू कर दी है.

यह बदलाव तब हुआ, जब X के प्रोडक्ट हेड ने एक यूजर के कहने पर इस पर काम करने की बात कही. इसके बाद ईरान सरकार से जुड़े कुछ आधिकारिक X अकाउंट्स पर भी अब शेर और सूरज वाला पुराना हरा-सफेद-लाल झंडा नजर आने लगा है.

यह पुराना झंडा खासतौर पर ईरान के बाहर रहने वाले उन लोगों में लोकप्रिय है, जो मौजूदा इस्लामी शासन का विरोध करते हैं.
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देश में सरकार विरोधी प्रदर्शन अब 12वें दिन में पहुंच चुका है. राजधानी तेहरान समेत मशहद, इस्फहान, तबरीज, बाबोल और देजफुल जैसे कई शहरों में सड़कों पर हजारों लोग उतर आए हैं. ये प्रदर्शन अब 31 प्रांतों के 100 से ज्यादा शहरों-कस्बों तक फैल चुके हैं.
इस बीच, ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से तुरंत दखल देने की अपील की है. पहलवी अगले हफ्ते फ्लोरिडा (अमेरिका) में होने वाले एक कार्यक्रम में शामिल भी होने वाले हैं, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कर दिया है कि फिलहाल रजा पहलवी से मिलने का उनका कोई इरादा नहीं है.
वीडियो: दुनियादारी: ईरान में भारी विरोध प्रदर्शन के पीछे ट्रंप और नेतन्याहू का हाथ?











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