The Lallantop

LPG संकट ने रुला दिया, एक गैस सिलेंडर के चुकाने पड़ रहे 7000 रुपये!

LPG cylinder crisis: गैस की किल्लत और कालाबाजारी से बचने के लिए रेस्टोरेंट मालिक इंडक्शन भी खरीद रहे हैं. मगर रसोई का सारा काम भी इलेक्ट्रिक स्टोव पर पॉसिबल नहीं. इसलिए ना चाहते हुए भी उन्हें गैस सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है.

Advertisement
post-main-image
कमर्शियल गैस सिलेंडर की हैदराबाद में ब्लैक मार्केट बढ़ गई है. (फोटो-इंडिया टुडे)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • हैदराबाद में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में कमी के कारण डीलर्स ने इसकी कीमत 1800 रुपये से बढ़ाकर 4,000 से 7,000 रुपये के बीच कर दी है।
  • गैस की कमी और बढ़ती मांग के चलते कई रेस्टोरेंट मालिकों को महंगे सिलेंडर खरीदने पड़ रहे हैं और कुछ डीलर्स ब्लैक मार्केट में सिलेंडर बेचने का आरोप झेल रहे हैं।
  • पुलिस ने महाराष्ट्र के नासिक में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार करते हुए 168 भरे और 300 खाली सिलेंडर जब्त किए हैं।

LPG सिलेंडर की कमी ने ब्लैक मार्केट की चांदी कर दी है. लोग कमर्शियल गैस सिलेंडर 5 से 7 हजार रुपये में खरीदने के लिए मजबूर हो रहे हैं. हैदराबाद से ऐसी ही खबर आई है. आरोप है कई डीलर्स 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर 4 हजार रुपये से 7 हजार रुपये के बीच में बेच रहे हैं. जबकि कमर्शियल सिलेंडर की आधिकारिक कीमत 1800 रुपये के पास है.

Advertisement

कालाबाजारी ने उन कैफे, रेस्टोरेंट मालिक को इतने महंगे सिलेंडर खरीदने पर मजबूर कर दिया है, जो अपनी रसोई बंद नहीं करना चाहते. टाइम्स ऑफ इंडिया ने ब्लैक मार्केट में बिक रहे हजारों रुपये के सिलेंडर की कीमत को लेकर सिकंदराबाद के एक रेस्टोरेंट मालिक से बात की. 

ओनर ने कहा कि वो पहले से ही एक सिलेंडर के लिए 3 हजार रुपये दे रहे थे. मगर अब डीलर्स सिलेंडर की उपलब्धता के हिसाब से 5 हजार रुपये या उससे ज्यादा कीमत बता रहे हैं. उनका कहना है, “अगर हम मना करते हैं, तो वे इसे दूसरे रेस्टोरेंट को बेच देते हैं. जिसे खाना पकाने वाली गैस की तुरंत जरूरत होती है.”

Advertisement

उन्होंने ये भी दावा किया कि गैस की कमी ने उन व्यापारियों को और भी ज्यादा मनमानी करने का मौका दिया है, जिनके पास सीमित स्टॉक है. वे कीमतों को और भी ज्यादा बढ़ा रहे हैं. एक अन्य मालिक ने कहा कि उनके पास इन कीमतों के आगे झुकने के अलावा भी कोई चारा नहीं है. क्योंकि वे किचन का काम नहीं रोक सकते. शख्स ने बताया कि रविवार को उन्होंने दो कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 13 हजार रुपये में खरीदे थे.

गैस की किल्लत और कालाबाजारी से बचने के लिए रेस्टोरेंट मालिक इंडक्शन भी खरीद रहे हैं. मगर रसोई का सारा काम भी इलेक्ट्रिक स्टोव पर पॉसिबल नहीं. इसलिए ना चाहते हुए भी उन्हें गैस सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है. 

सिलेंडर के अंदर की गैस को कुछ समय और चलाने के लिए कई मालिक उन चीजों को मेन्यू से हटा रहे हैं, जो ज्यादा गैस की मांग करती है. अब ग्रिल और ओवन में बनने वाली चीजों पर फोकस किया जा रहा है, जैसे पिज्जा, बर्गर आदि. इस संकट से बचने के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय को पत्र लिखकर होटलों को सुनिश्चित आपूर्ति की मांग की गई है.

Advertisement

गैस संकट का असर कमर्शियल ही नहीं डोमेस्टिक सिलेंडर पर भी दिखने लगा है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र के नासिक में पुलिस को घरेलू LPG सिलेंडरों की कालाबाजारी को लेकर एक शिकायत मिली थी. इसके आधार पर पुलिस ने एक अभियान चलाया और छापा मारकर 168 भरे हुए सिलेंडरों के साथ-साथ लगभग 300 खाली सिलेंडर बरामद किए. पुलिस ब्लैक मार्केटिंग में शामिल 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.

वीडियो: RSS वालों की संपत्ति जब्त की मांग, अमेरिका ने भारत से क्या अपील कर दी?

Advertisement