19 मई, 2024 को ईरान में हेलिकॉप्टर क्रैश के कारण राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी और विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियन की मौत हो गई. क्रैश की वजह अब तक सामने नहीं आई है. लेकिन इस हादसे के बाद ईरान की एविएशन इंडस्ट्री को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं. पिछले 15 सालों में ईरान में 10 से ज्यादा विमान हादसे हो चुके हैं. ईरान की एविएशन इंडस्ट्री की स्थिति के खस्ताहाल का अंदाजा लगाने के लिए इतना काफी होगा.
इब्राहिम रईसी की मौत पर उठे सवाल, ईरान की विमान सेवा का खस्ताहाल क्यों?
पिछले 15 सालों में ईरान में 10 से ज्यादा विमान हादसे हो चुके हैं. आयात में लगे प्रतिबंधों की वजह से ईरान की एविएशन इंडस्ट्री मुश्किलों का सामना कर रही है.

विमान हादसा किसी भी देश में हो सकता है. भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) बिपिन रावत भी हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हुए थे. पत्नी सहित उनकी भी मौत हो गई थी. मगर विमान हादसों पर ईरान का रिकॉर्ड गंभीर है. इसके कारणों पर चर्चा करेंगे, पहले कुछ आंकड़ों पर नजर डालते हैं.
24 मार्च, 2024 को ईरान इंटरनेशनल पर छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक
- ईरान की आबादी के हिसाब से देश में 550 एयरक्राफ्ट उड़ाने की जरूरत है.
- ईरान की एविएशन इंडस्ट्री उतने एयरक्राफ्ट नहीं उड़ा पा रही है जितने का टार्गेट रखा गया था.
- सिर्फ 180 एयरक्राफ्ट ऑपरेशनल हैं. जबकि 2023 में टार्गेट 250 का रखा गया था.
- ईरान के पास 330 एयरक्राफ्ट हैं लेकिन ऑपरेशनल 200 भी नहीं हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी में सिविल एविएशन ऑर्गेनाइज़ेशन के अध्यक्ष मोहम्मद बक्श ने कहा था कि एयरक्राफ्ट के पार्ट्स के लिए कस्टम क्लियरेंस मिलने में जरूरत से ज्यादा समय लग जाता है, ये भी इस क्षेत्र की बड़ी समस्या है. इसके अलावा विमानों के रिपेयर, घरेलू उत्पादन में अड़चन और आयात में लगे प्रतिबंधों की वजह से ईरान की एविएशन इंडस्ट्री मुश्किलों का सामना कर रही है.
ईरान पर लगे प्रतिबंध उनके एविएशन में पिछड़ने की बड़ी वजह मानी जाती है. ईरान पर परमाणु कार्यक्रम के विस्तार का आरोप लगाते हुए अमेरिका ने कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं. यूरोपीय देशों ने भी ईरान पर प्रतिबंध लगाए हैं. यही वजह है कि ईरान के सिविल एविएशन के साथ-साथ उसकी वायुसेना के पास भी फाइटर जेट्स की कमी है.
दुनिया में एयरक्राफ्ट बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनियों की गिनती की जाए तो एयरबस, बोईंग और लॉकहिड मार्टिन आती हैं. ये तीनों अमेरिकी कंपनियां है. जो दुनियाभर के देशों में हवाई जहाज सप्लाई करती है. लेकिन ईरान इससे वंचित है. पुराने विमानों से काम चलाना पड़ रहा है. और यही दुर्घटना का कारण बन रहे हैं. एविएशन इंडस्ट्री में ईरान के पिछड़ने का कारण एक ये भी है कि जो तकनीक दूसरे देशों के पास है, वो ईरान के पास नहीं है.
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यही वजह है कि ईरान में साल दर साल विमान हादसे होते रहते हैं. पिछले 25 सालों के आंकड़ों पर बात करें तो 20 से ज्यादा विमान हादसे हो चुके हैं जबकि एक हजार से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.
फिर डिफेंस सेक्टर में ईरान आगे क्यों?इज़रायल पर ईरान के हमले की खबर सबने देखी ही. 13-14 अप्रैल की रात ईरान ने करीब 300 मिसाइल इजरायल पर दाग दी. ईरान के जखीरों का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूस ने ईरानी ड्रोन का इस्तेमाल किया. बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर 2022 में ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियन ने ये पुष्टि कर दी कि ईरान ने युद्ध शुरू होने से 'महीनों पहले' रूस को 'सीमित संख्या में' ड्रोन भेजे थे. जबकि वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, रूस और ईरान के बीच ड्रोन उत्पादन के लोकलाइज़ेशन को लेकर समझौता हो गया है. इसके तहत ईरान की मदद से रूस करीब 6000 अटैक ड्रोन्स अपने देश में बनाएगा.
अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों ने ईरान को टैंक और लड़ाकू जेट जैसे नई तकनीक वाले हथियारों और विदेशों में निर्मित सैन्य उपकरणों से दूर कर दिया है. लेकिन बावजूद इसके ईरान के पास नए हथियारों का जखीरा है. बल्कि वो दूसरे देशों को बेच भी रहा है. सवाल उठता है, ऐसा संभव कैसे हुआ.
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक जब 1989 में अयातुल्ला खामेनेई ईरान के सर्वोच्च नेता बने, तो उन्होंने हथियारों के घरेलू उद्योग को विकसित करने के लिए गार्ड्स को नियुक्त किया. और इस प्रयास में खामेनेई ने संसाधन लगाए. खामेनेई का उद्देश्य था कि ईरान को अपनी रक्षा जरूरतों के लिए विदेशी शक्तियों पर निर्भर ना रहना पड़े.
ईरान घरेलू स्तर पर बड़ी मात्रा में मिसाइल और ड्रोन्स का निर्माण करता है और उसने रक्षा उत्पादन को प्राथमिकता दी है. बख्तरबंद वाहन और बड़े नौसैनिक जहाज बनाने के मामले में ईरान को मिश्रित परिणाम मिले हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान उत्तर कोरिया से छोटी पनडुब्बियों का भी आयात करता है ताकि नौसेना के बेड़े को मजबूत किया जाए.
वीडियो: ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत, असली वजह क्या?











